चंडीगढ़, 5 मार्च। वीरवार को बजट सत्र के प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल ने दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत सरकार द्वारा लाइसेंस का ब्यौरा मांगा और साथ ही सप्लीमेंट्री प्रश्न पूछते हुए कहा कि 1977 से लेकर 2016 तक सरकार द्वारा काटे गए सेक्टरों में अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति, भूतपूर्व सैनिक, स्वतंत्रता सेनानी, विधवा एवं विकलांग कोटा आरक्षित किया जाता था। किफायती आवास का मतलब होता है कि आम आदमी को उसका फायदा मिले। लेकिन अब दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत आम लोगों को प्लाट न देकर नीलामी के द्वारा प्लाट दिए जाते हैं जिसके कारण उन प्लाटों की कीमत 1 लाख रुपए गज से भी ऊपर चली जाती है जो एक गरीब आदमी की पहुंच से बाहर हो जाती है। क्या सरकार इस बारे में भी कोई उचित कदम उठाएगी?