राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 की बहुरंगी स्मारिका के लिए रचनाएं व विज्ञापन आमंत्रित

बिलासपुर, 25 फरवरी: उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेला-2026 की स्मृतियों को संजोने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी एक आकर्षक बहुरंगी स्मारिका का प्रकाशन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि स्मारिका के प्रकाशन को लेकर सहायक आयुक्त राज कुमार की अध्यक्षता में एक स्मारिका उप-समिति का भी गठन किया गया है, जिसमें विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी सदस्यों को शामिल किया गया है।
उन्होंने कहा कि स्मारिका में जिला बिलासपुर की ऐतिहासिक धरोहरों, समृद्ध लोक कला एवं संस्कृति, पर्यटन स्थलों, विकासात्मक उपलब्धियों तथा वर्तमान सामाजिक व्यवस्थाओं से संबंधित शोध परक एवं रचनात्मक लेख प्रकाशित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य जिले की सांस्कृतिक विरासत एवं समकालीन प्रगति को व्यापक स्तर पर दर्ज करना है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी लेख एवं रचनाएं मौलिक तथा लेखक द्वारा स्वयं लिखित एवं अप्रकाशित होनी चाहिए। पूर्व में प्रकाशित अथवा पुरानी रचनाओं पर विचार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्मारिका में अपनी रचनाएं प्रकाशित करवाने के इच्छुक लेखक एवं शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी अपनी कंप्यूटर-टाइप की गई रचनाएं आगामी 5 मार्च तक उपायुक्त कार्यालय, जिला लोक संपर्क अधिकारी कार्यालय अथवा जिला भाषा अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि बहुरंगी स्मारिका में विज्ञापन प्रकाशित करवाने के इच्छुक निजी शिक्षण संस्थान तथा अन्य सामाजिक संस्थाएं आवश्यक जानकारी के लिए उपायुक्त कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।

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किशोरों की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने को तैयार होगी मानक संचालन प्रक्रिया: उपायुक्त

उपायुक्त की अध्यक्षता में साइबर सुरक्षा को गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित
यह पहल करने वाला बिलासपुर बनेगा देश का पहला जिला
बिलासपुर, 25 फरवरी: बिलासपुर जिला प्रशासन ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों को गंभीरता से लेते हुए किशोरों की साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में आज साइबर सुरक्षा को लेकर गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में किशोरों की साइबर सुरक्षा को केंद्रित करते हुए दिशानिर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने का निर्णय लिया गया। यह पहल जिला बिलासपुर को देश का पहला ऐसा जिला बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी, जहां किशोरों के लिए संरचित और संस्थागत साइबर सुरक्षा ढांचा विकसित किया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त एवं अध्यक्ष, इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा बिलासपुर, राहुल कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ा है और किशोर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग, डिजिटल लेनदेन और विभिन्न वर्चुअल मंचों के माध्यम से जहां अवसरों का विस्तार हुआ है, वहीं ऑनलाइन ग्रूमिंग, साइबर बुलिंग, फर्जी प्रोफाइल, पहचान की चोरी, गेमिंग की लत और साइबर धोखाधड़ी जैसी गंभीर चुनौतियां भी सामने आई हैं। ऐसे में जिला स्तर पर एक स्पष्ट, प्रभावी और क्रियान्वित किए जाने योग्य मानक संचालन प्रक्रिया की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया का प्रारूप राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले के अवसर पर विमोचित किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों तथा अन्य शैक्षणिक परिसरों के लिए साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल निर्धारित किए जाएंगे। शिक्षकों के लिए संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्टिंग, परामर्श तंत्र और मनोसामाजिक सहयोग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जबकि अभिभावकों के लिए डिजिटल पेरेंटिंग संबंधी मार्गदर्शिका तैयार की जाएगी, जिससे वह अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर सकारात्मक और जिम्मेदार निगरानी रख सकें।
इस महत्वपूर्ण परिचर्चा का आयोजन इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा बिलासपुर तथा मातृ सुधा चैरिटेबल ट्रस्ट, नई दिल्ली द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस पहल को तकनीकी सहयोग मातृ सुधा के निदेशक एवं “साइबर चक्रव्यूह” के सह-संस्थापक अरविंद सिंह द्वारा प्रदान किया जा रहा है, जो बाल एवं महिला सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। जिला रेड क्रॉस सोसाइटी को इस पूरी प्रक्रिया के लिए नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया गया है, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि साइबर सुरक्षा दिशानिर्देश एवं मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने के लिए जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी। इस समिति में शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों तथा बाल संरक्षण इकाइयों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि बहुआयामी दृष्टिकोण के साथ एक व्यवहारिक और प्रभावी ढांचा तैयार किया जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि यह पहल केवल जागरूकता कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे एक संस्थागत स्वरूप दिया जाएगा, जिससे दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि किशोरों की डिजिटल सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षकों, अभिभावकों तथा समाज के सभी वर्गों की सामूहिक भागीदारी आवश्यक है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर, जिला कल्याण अधिकारी रमेश बंसल, सचिव रेड क्रॉस सोसायटी अमित कुमार, बाल सुरक्षा अधिकारी सत्या चंदेल, सुशील पुंडीर, अनिश ठाकुर, उप निदेशक शिक्षा विभाग, विभिन्न महाविद्यालयों एवं औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों सहित कुल 35 प्रतिभागियों ने भाग लेकर महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
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एलेना ऑटो इंडस्ट्री मोहाली ने विभिन्न श्रेणियों के अधिसूचित किए 160 पद
6 मार्च को जिला रोजगार कार्यालय में होगा साक्षात्कार
बिलासपुर, 25 फरवरी: एलेना ऑटो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड फेज-7 डंडस्टीªयल एरिया मोहाली पंजाब द्वारा अप्रेन्टस्शिप ट्रेनी के 120 और हेल्पर के 40 पदों को भरा जा रहा है। इन पदों के लिए 6 मार्च को जिला रोजगार कार्यालय बिलासपुर में प्रातः 10ः30 बजे से कैंपस इंटरव्यू का आयोजन किया जाएगा।
इस बारे जानकारी देते हुए जिला रोजगार अधिकारी बिलासपुर राजेश मेहता ने बताया कि अप्रेन्टस्शिप ट्रेनी के इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता किसी भी ट्रेड में आईटीआई, फिटर, टर्नर, मशीनिस्ट, ड्रिल मैन, मिलिंग मैन, मोटर मैकेनिक, शीट मेटल ऑपरेटर, वेल्डर डिप्लोमा तथा हेल्पर के पदों के लिए 10वीं, 12वीं पास रखी गई है। इन पदों के लिए पुरुष उम्मीदवार की आयु 18 से 40 वर्ष होनी अनिवार्य है। चयनित अभ्यर्थियों को 13 हजार 500 रुपये से 14 हजार रुपये मासिक वेतन प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इच्छुक उम्मीदवार अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित निर्धारित स्थान, तिथि व समय पर उपस्थित होकर कैंपस इंटरव्यू में भाग ले सकते हैं।