करेरी लेक, त्रिउंड और आदि हिमानी चामुंडा ट्रैकिंग रूट दिन में खुले, नाइट ट्रैकिंग पर रोक
धर्मशाला, 24 फरवरी: जिला दंडाधिकारी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं 33 व 34 के तहत ट्रैकिंग गतिविधियों से जुड़े आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए चयनित ट्रैकिंग रूट्स को दिन के समय खोलने की अनुमति प्रदान की है। यह निर्णय पर्यटन गतिविधियों को संतुलित रखते हुए जन सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
उन्होंने बताया कि करेरी लेक ट्रेक, त्रिउंड ट्रेक और आदि हिमानी चामुंडा ट्रेक पर केवल दिन के समय सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच ट्रैकिंग की अनुमति रहेगी। इन रूट्स के लिए पुलिस स्टेशन में पूर्व सूचना प्रपत्र जमा कराने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी है, हालांकि सभी ट्रैकिंग रूट्स पर नाइट ट्रैकिंग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
जिला दंडाधिकारी ने कहा कि उक्त रूट्स को छोड़कर 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर पूर्व प्रतिबंध यथावत लागू रहेगा। भारतीय मौसम विभाग की चेतावनी या अलर्ट जारी होने की स्थिति में ट्रैकिंग गतिविधियां तुरंत निलंबित कर दी जाएंगी।
उन्होंने कहा कि आदेश के उल्लंघन पर ट्रेकर और संबंधित गाइड के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 तथा आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं 51 से 60 के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही गाइड के लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने की संस्तुति भी की जा सकती है।

=============================================विकसित भारत युवा संसद एवं युवा कनेक्ट 2026 का जिला स्तरीय आयोजन 26 फरवरी को


धर्मशाला, 24 फरवरी: मेरा युवा भारत, कांगड़ा के उप निदेशक ध्रुव डोगरा ने जानकारी देते हुए बताया कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश परिसर, धर्मशाला के सभागार में 26 फरवरी को ‘विकसित भारत युवा संसद एवं युवा कनेक्ट 2026’ कार्यक्रम का जिला स्तरीय आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम युवाओं को राष्ट्रीय विषयों पर अपने विचार रखने, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझने और प्रभावी अभिव्यक्ति का मंच प्रदान करेगा।

उन्होंने बताया कि यह पहल युवाओं को ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण से जोड़ते हुए भावी नेतृत्व तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव वर्ष 2019 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है, जिसमें देशभर के लाखों युवाओं ने भाग लेकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है।
गत वर्ष इसे नए स्वरूप में ‘विकसित भारत युवा संसद एवं युवा कनेक्ट 2026’ कार्यक्रम के रूप में प्रारंभ किया गया, जिसका उद्देश्य नीति-निर्माण के प्रति जागरूक और जिम्मेदार युवा नेतृत्व तैयार करना है। जिला स्तर पर चयनित प्रतिभागी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचेंगे। सभी चरण प्रत्यक्ष रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक संसदीय अनुभव प्राप्त होगा।
प्रतिभागियों को अपने विचार तार्किक, तथ्यात्मक और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। चयनित प्रतिभागी राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे और उच्च स्तरीय चर्चाओं एवं मॉडल संसदीय प्रक्रियाओं में भाग लेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना, उन्हें सार्वजनिक मुद्दों से जोड़ना तथा लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सम्मान और सहिष्णुता विकसित करना है। प्रत्येक प्रतिभागी को अपने विचार रखने के लिए तीन मिनट का समय दिया जाएगा। इच्छुक युवा ‘माय भारत’ पोर्टल के माध्यम से दिनांक 25 फरवरी 2026 सायं 5 बजे तक आवेदन के लिए संपर्क कर सकते हैं।
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मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0 अभियान के तहत 31 मार्च तक लंबित मामलों के निपटारे का अवसर
धर्मशाला, 24 फरवरी: सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिखा लखनपाल ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में “मध्यस्थता राष्ट्र के लिए 2.0” अभियान 31 मार्च 2026 तक कांगड़ा जिला के सभी तालुका न्यायालयों तथा जिला न्यायालय में चलाया जा रहा है।
इस अभियान के अंतर्गत विवाह संबंधी पारिवारिक विवाद, मोटर वाहन चालान मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चैक बाउंस प्रकरण, वाणिज्यिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, विभाजन एवं बेदखली के मुकदमे, भूमि अधिग्रहण मामले तथा अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों का निपटारा किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य जनता को विवादों के वैकल्पिक समाधान के लिए प्रेरित करना तथा लंबे समय से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि मध्यस्थता एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें पक्षकारों के बीच एक प्रशिक्षित मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति से विवाद सुलझाए जाते हैं। यह प्रक्रिया गोपनीय, लचीली और कम खर्चीली होती है।
उन्होंने सभी जिला वासियों से अपील की है कि वे इस अभियान में भाग लें और अपने लंबित विवादों के समाधान हेतु मध्यस्थता प्रक्रिया को अपनाएं।
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सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी 28 फरवरी से पहले कराएं ई-केवाईसी सत्यापन
धर्मशाला, 24 फरवरी: अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम सशक्तिकरण विभाग, हिमाचल प्रदेश के निदेशक ने सूचित किया है कि सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थी, जिन्होंने अभी तक अपनी ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, वे अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केन्द्र अथवा संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में जाकर 28 फरवरी 2026 से पूर्व सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित अपना ई-केवाईसी सत्यापन करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि इस अंतिम अवसर के उपरांत यदि कोई लाभार्थी अपनी ई-केवाईसी सत्यापित नहीं करवाता है, तो यह माना जाएगा कि पेंशनभोगी अनुपलब्ध है अथवा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने हेतु पात्र नहीं है। ऐसी स्थिति में संबंधित पेंशनरों की पेंशन स्थायी रूप से बंद कर दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, यदि किसी असहाय पेंशनभोगी का आधार कार्ड किसी कारणवश नहीं बना है या उसे अपडेट कराने की आवश्यकता है, तो वह आधार कार्ड अपडेट करवाने के लिए संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी से संपर्क कर सकता है।
ई-केवाईसी सत्यापन संबंधी आवश्यक जानकारी एवं समस्या निवारण हेतु लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक तथा संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से अविलंब संपर्क कर सकते हैं।