शिमला:08.01.26- देश के 28 राज्यों से छात्र संसद के प्रतिनिधियों ने आज अपराह्न 12:30 बजे हिमाचल प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानियां से विधान सभा सचिवालय में मुलाकात की तथा संवाद कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधियों ने विधान सभा अध्यक्ष के साथ बैठक भी की। गौरतलब है कि देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से सम्बन्ध रखने वाले ये सभी छात्र – छात्राएँ छात्र संसद से जुड़े हैं। अधिकतर छात्र आई0आईएम0, आई0आई0टी0, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, प्रतिष्ठित महाविद्यालयों तथा विश्वविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। छात्र संसद का यह प्रतिनिधिमण्डल 8 से 10 जनवरी तक हि0प्र0 के प्रवास पर रहेगा तथा कई विभूतियों से मुलाकात कर विचारों का आदान –प्रदान करेगा।
विधान सभा सचिवालय के मुख्य समिति कक्ष में छात्र संसद के प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए विधान सभा अध्यक्ष ने कहा कि हम जहाँ पर बैठे हैं उसे कौंसिल चैम्बर कहते हैं। यह एक विरासत भवन है जिसका निर्माण कार्य वर्ष 1920 से शुरू हुआ तथा वर्ष 1925 में यह बनकर तैयार हुआ था। उस समय इसके निर्माण पर 10 लाख रूपये व्यय हुए थे।
विधान सभा अध्यक्ष ने कहा इस ऐतिहासिक भवन का निर्माण राष्ट्रीय असैम्बली के रूप में हुआ था तथा यहाँ देश की प्रथम राष्ट्रीय असैम्बली आयोजित की गई थी। पठानियां ने कहा कि फ्रेडरिक व्हाईट वर्ष 1919 में राष्ट्रीय असैम्बली के प्रथम मनोनीत अध्यक्ष बनाए गए थे लेकिन बाद में वर्ष 1925 में राष्ट्रीय असैम्बली के अध्यक्ष के लिए चुनाव करवाया गया तथा विठ्ठलभाई पटेल अपने अंग्रेज प्रतिद्वन्द्वी को हराकर राष्ट्रीय असैम्बली के प्रथम निर्वाचित चेयरमैन बने थे।
पठानियां ने कहा कि इसी सदन में महिलाओं को मत देने के अधिकार का प्रस्ताव पारित हुआ था तथा “अंग्रेजो भारत छोड़ो” का प्रस्ताव भी इसी सदन में पारित हुआ था। उन्होने कहा कि हि0प्र0 विधान सभा में सदस्यों की कुल संख्या 68 है तथा 25 जनवरी,1971 को हिमाचल प्रदेश भारतीय गणराज्य का 18वां राज्य बना था। पठानियां ने कहा कि कौंसिल चैम्बर मे पँजाब विधान सभा के सत्र भी आयोजित किए गए तथा यहाँ पर आकाशवाणी केन्द्र भी हुआ करता था। प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों को सम्बोधित करते हुए पठानियां ने कहा कि हिमाचल प्रदेश ई- विधान प्रणाली को अपनाने वाला पहला राज्य था तथा 4 अगस्त, 2014 को हि0प्र0 विधान सभा पेपर लैस असैम्बली बन गई थी जिसका अनुसरण देश के 22 राज्य भी कर रहे थे लेकिन बाद में डिजिटल इण्डिया अभियान के तहत राष्ट्रीय ई-विधान प्रणाली नेवा को पूरे देश मे लागू करने के लिए कहा गया और हि0प्र0 विधान सभा भी अब राष्ट्रीय ई-विधान प्रणाली अपना चुकी है।
पठानियां ने कहा कि ई-विधान प्रणाली के तहत हम कई मामलों में काफी आगे निकल चुके थे जबकि राष्ट्रीय ई-विधान अपनाने से हम अभी उस रूप से आगे नहीं बढ़ सके हैं। इस अवसर पर पठानियां ने प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों को विधान सभा की कार्यप्रणाली, सदन में विधेयकों को कैसे लाया जाता है तथा कैसे उन्हें पास करवाया जाता है व माननीय सदस्यों को चर्चा के दौरान कैसे समय आंबटित किया जाता है पर भी भरपूर जानकारी दी।
बैठके के दौरान प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों ने विधान सभा अध्यक्ष से कुल पॉच प्रश्न पूछे जो मुख्यत: दल – बदल विरोधी कानून, नेवा तथा हिमाचल ई-विधान में अन्तर, काँगड़ा जिला की फिन्ना सिंह सिंचाई परियोजना, राय की विविधता होने के बावजूद दल-बदल कानून लाना क्या व्यवहारिक है तथा विधान सभा अध्यक्ष रहते हुए आप किस तरह से सदन के अन्दर राजनैतिक मतभेदों को कम करवाकर सदन चलाते हैं पर आधारित थे जिनका विधान सभा अध्यक्ष ने सिलसिलेवार जवाब देकर प्रतिनिधियों को संतुष्ट भी करवाया।
दल बदल कानून पर बोलते हुए पठानियां ने कहा कि भारतीय संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत एक ऐसा नियम है जो सांसदों और विधायकों को निर्वाचित होने के बाद एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाने पर दंडित करता है तथा राजनीतिक स्थिरता को सुनिश्चित करता है। इस अवसर पर प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व करने वाले शशांक ने विधान सभा अध्यक्ष का अतिथि सत्कार, संवाद के लिए समय आबंटन तथा बैठक के दौरान पूछे गए प्रश्नों का सटीक जवाब देने के लिए आभार व्यक्त किया । बैठक के समापन के दौरान पठानियां ने सभी को अपना आर्शीवाद दिया तथा प्रतिनिधियों से पूर्ण योग्यता के साथ राष्ट्रहित में काम करने के लिए प्रेरित किया। विधान सभा अध्यक्ष ने सदन में प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की तथा सदन की कई रोचक जानकारियां सांझा की।
तत्पश्चात विधान सभा अध्यक्ष ने करीब 2:30 बजे अपराह्न उनसे मिलने आए डॉ0 मनमोहन सिंह हि0प्र0 लोक प्रशासन संस्थान वित्त एवं लेखा अधिकारी का प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षुओं से भी मुलाकात की तथा उन्हें सदन में विधान सभा की कार्य प्रणाली, क्रियाकलापों, सदन संचालन तथा सदन में सदस्यों की भूमिका की भरपूर जानकारी दी। इस अवसर पर पठानियां ने प्रशिक्ष़ुओं के साथ ई-विधान प्रणाली तथा राष्ट्रीय ई-विधान नेवा की जानकारी भी सांझा की। पठानियां ने सभी अधिकारियों को अपने कार्यों को निष्ठा व ईमानदारी के साथ राष्ट्रहित में करने का आग्रह किया तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी उत्कृष्ट भूमिका अदा करने के लिए प्रेरित किया। संवाद के दौरान विधान सभा सचिव यशपाल शर्मा, संयुक्त सचिव बेग राम कश्यप तथा संयुक्त निदेशक हरदयाल भारद्वाज भी मौजूद थे।