जिलाधीश ने तय किए खाद्य वस्तुओं के दाम
सादे भोजन की थाली 100 रुपये और आधी थाली का दाम 60 रुपये
हमीरपुर 28 सितंबर। जिलाधीश गंधर्वा राठौड़ ने हिमाचल प्रदेश जमाखोरी और मुनाफाखोरी निवारण आदेश-1977 के तहत अधिसूचना जारी करके जिला में विभिन्न खाद्य वस्तुओं एवं भोजन के खुदरा दाम निर्धारित किए हैं।
इस अधिसूचना के अनुसार जिला में सादे भोजन की थाली के दाम 100 रुपये और आधी थाली के 60 रुपये तय किए गए हैं। दो पुरी एवं चना या सब्जी-दही की प्लेट के दाम 80 रुपये, परांठा के 30 रुपये, तवा चपाती 8 रुपये, तंदूरी रोटी 11 रुपये, चावल फुल प्लेट 50 रुपये, दाल फ्राई 70 रुपये, रायता 50 रुपये, मीट करी 150 रुपये, चिकन करी 120 रुपये, पनीर प्लेट 100 रुपये, स्पेशल मिक्स वैज 80 रुपये, समोसा 15 रुपये, चना-दो समोसा 60 रुपये, चना-एक समोसा 40 रुपये, पैक्ड दूध, दही और पनीर अंकित मूल्य के अनुसार, खुला पनीर 380 रुपये प्रति किलोग्राम, दही 80 रुपये, लोकल दूध 70 रुपये, मीट 550 रुपये प्रति किलोग्राम, सूअर का मीट 300 रुपये, चिकन 260 रुपये, मछली 220 रुपये, फ्राइड मछली 400 रुपये और जिंदा मुर्गे का दाम 150 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। लोकल सोडा की बोतल 20 रुपये और सभी ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक्स अंकित मूल्य के अनुसार बेचे जा सकते हैं। मीट करी और चिकन करी की फुल प्लेट में कम से कम 200 ग्राम पीस होने चाहिए। इसी प्रकार, पनीर और स्पेशल मिक्स वैज की प्लेट में कम से कम 100 ग्राम पनीर होना चाहिए।
जिलाधीश ने सभी दुकानदारों और ढाबा संचालकों से इन दामों की सूची प्रदर्शित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि तय दामों से अधिक दाम वसूलने वाले दुकानदारों और ढाबा संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राजपत्र में प्रकाशित होने के बाद यह अधिसूचना एक महीने तक लागू रहेगी।
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विश्व रेबीज दिवस पर विद्यार्थियों को रेबीज के प्रति किया जागरूक
मुख्य चिकित्सा अधिकारी सतीश कुमार फोतेदार के निर्देशानुसार 28 सितंबर
2026 को विश्व रेबीज दिवस राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ककरयार, जिला
हमीरपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों
को रेबीज बीमारी, इसके बचाव, कुत्ते के काटने के बाद अपनाए जाने वाले
आवश्यक उपायों के साथ-साथ HPV टीकाकरण के बारे में भी विस्तार से जानकारी
दी गई।
इस अवसर पर सूचना एवं संप्रेषण अधिकारी सुनील कुमार ने विद्यार्थियों को
रेबीज से बचाव के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि रेबीज एक गंभीर
लेकिन रोकथाम योग्य बीमारी है। उन्होंने कहा कि पालतू कुत्तों का समय पर
टीकाकरण करवाना तथा आवारा एवं अनजान पशुओं से सावधानी बरतना बेहद जरूरी
है।
जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. कंचन बाला ने बताया कि किसी भी जानवर,
विशेषकर कुत्ते के काटने या खरोंच लगने पर घाव को तुरंत साबुन और बहते
पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए तथा बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य
संस्थान में जाकर चिकित्सकीय सलाह और एंटी-रेबीज टीकाकरण करवाना चाहिए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को HPV (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण के बारे
में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने यह भी बताया कि यह टीका सभी
सरकारी अस्पतालों, सरकारी व पराईवेट स्कूलों में मुफ्त लगाया जा रहा है
और गर्भास्य कैंसर से बचाव का एकमात्र उपाय एचपीवी (HPV) टीकाकरण ही है
इसलिए पात्र बच्चियां समय पर यह टीका अवश्य लगवाएं, ताकि उन्हें
भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके और
यह भी बताया कि इस टीके में ऐसी प्रतिरोधक क्षमता होती है कि यह बाँझपन
से भी सुरक्षा प्रदान करता है l
उन्हें बताया गया कि HPV संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण एक महत्वपूर्ण
उपाय है और पात्र किशोरियों को स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के
अनुसार HPV वैक्सीन लगवlयें।
कार्यक्रम के दौरान रेबीज जागरूकता पर भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया
गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रेबीज के कारण, बचाव, पशुओं के
टीकाकरण तथा समय पर उपचार के महत्व से संबंधित जानकारी अपने भाषणों के
माध्यम से प्रस्तुत की। भाषण प्रतियोगिता में जतिन ने प्रथम, शिवानी ने
द्वितीय तथा राशि ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता विद्यार्थियों को
उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य अंजली शर्मा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित
करते हुए रेबीज और अन्य रोकथाम योग्य बीमारियों के प्रति जागरूक रहने का
आह्वान किया।
कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की बीसीसी कोऑर्डिनेटर सलोचना देवी सहित
विद्यालय के अध्यापक कंचन बाला, रजत तथा राज कुमार धीमान और अन्य शिक्षक
उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं ने भी सक्रिय
रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को रेबीज से बचाव, पशुओं के टीकाकरण,
जानवर के काटने के बाद तुरंत उपचार लेने तथा HPV टीकाकरण के महत्व के
बारे में जागरूक किया गया।