यूपीआई पर एमडीआर चार्ज लगाने से देश व प्रदेश के व्यापारियों में बड़ी भारी नाराजगी है-बजरंग गर्ग

सरकार द्वारा यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर चार्ज लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ जाएगी- बजरंग गर्ग

यूपीआई पर एमडीआर चार्ज लगाने से छोटे व मध्यम व्यापारियों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा- बजरंग गर्ग

देश व प्रदेश का व्यापारी पहले जीएसटी, आयकर, एक्साइज ड्यूटी, बिजली बिल, किराया आदि खर्चे से जूझ रहा है- बजरंग गर्ग

डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज व्यापारियों के लिए आर्थिक बोझ बन जाएगा- बजरंग गर्ग

केंद्र सरकार से यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर चार्ज कानून को वापिस ले- बजरंग गर्ग

सरकार को व्यापारियों के लिए ग्राहक को भुगतान का सुविधाजनक विकल्प देना जरूरी है- बजरंग गर्ग

देश व प्रदेश का व्यापारी टैक्स के रूप में 60 प्रतिशत राजस्व सरकार को जमा करवा रहा है- बजरंग गर्ग

हिसार, 16.09.26-- हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव बजरंग गर्ग ने व्यापारियों से बातचीत करने के उपरांत कहा कि यूपीआई पर एमडीआर चार्ज लगाने से देश व प्रदेश के व्यापारियों में बड़ी भारी नाराजगी है। यूपीआई देश व प्रदेश के डिजिटल भुगतान का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। छोटे से लेकर बड़े व्यापारी तक लाखों कारोबारी हर रोज यूपीआई के माध्यम से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं। बजरंग गर्ग ने कहा कि यूपीआई को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने व्यापारी व आम जनता को डिजिटल भुगतान की ओर प्रोत्साहन किया है। सरकार द्वारा यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर चार्ज लगाने से व्यापारियों की लागत बढ़ जाएगी। यूपीआई पर एमडीआर चार्ज लगाने से छोटे व मध्यम व्यापारियों पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। बजरंग गर्ग ने कहा कि देश व प्रदेश का व्यापारी पहले जीएसटी, आयकर, एक्साइज ड्यूटी, बिजली बिल, किराया आदि खर्चे से जूझ रहा है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त चार्ज व्यापारियों के लिए आर्थिक बोझ बन जाएगा। बजरंग गर्ग ने केंद्र सरकार से मांग की है कि यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर चार्ज कानून को वापिस लिया जाए। उन्होंने कहा कि ग्राहक नगद के साथ-साथ यूपीआई से भुगतान करना पसंद करते हैं। सरकार को व्यापारियों के लिए ग्राहक को भुगतान का सुविधाजनक विकल्प देना जरूरी है। इसलिए यूपीआई को महंगा करने की बजाय इसे और सुरक्षित, सरल और व्यापक बनाया जाना चाहिए। सरकार को कोई भी नया नियम बनाने से पहले व्यापारी संगठनों से विचार करना चाहिए ताकि छोटे, मध्यम व आम व्यापारियों पर किसी प्रकार का नाजायज बोझ ना पड़े। व्यापारी सरकार को हर प्रकार का नाजायज व जायज कर का भुगतान कर रहा है। देश व प्रदेश का व्यापारी टैक्स के रूप में 60 प्रतिशत राजस्व सरकार को जमा करवा रहा है जिसके कारण देश व प्रदेश में विकास कार्य हो रही है।