नशा मुक्त युवा और सम्मानित वरिष्ठ नागरिक ही विकसित समाज की पहचान: उपायुक्त राहुल कुमार
नशा मुक्त भारत अभियान एवं प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के तहत राजकीय डिग्री कॉलेज बिलासपुर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बिलासपुर, 05 अगस्त: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जिला बिलासपुर द्वारा नशा मुक्त भारत अभियान एवं प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत आज राजकीय डिग्री कॉलेज बिलासपुर में एक संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा महाविद्यालय परिसर में एक पेड़ माँ के नाम अभियान के अंतर्गत पौध रोपण कर किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि यह अभियान केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी माँ के प्रति सम्मान, प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण सुनिश्चित करने का एक भावनात्मक एवं सामाजिक संदेश भी है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज के समक्ष दो प्रमुख चुनौतियाँ हैं जिनमें युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति तथा वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा शामिल है। उन्होंने कहा कि पूर्व समय में संयुक्त परिवारों में दादा-दादी एवं अन्य वरिष्ठजनों को सम्मान, सुरक्षा एवं अपनापन प्राप्त होता था, किंतु एकल परिवारों की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण पीढ़ियों के बीच दूरी बढ़ती जा रही है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वह अपने दादा-दादी एवं परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के साथ समय व्यतीत करें, उनके अनुभवों से सीखें तथा उन्हें सम्मान एवं स्नेह प्रदान करें।
उन्होंने कहा कि जिला बिलासपुर में नशे की रोकथाम के उद्देश्य से 27 अति संवेदनशील ग्राम पंचायतों की पहचान की गई है, जहाँ विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इन पंचायतों में दीवार लेखन, स्लोगन लेखन, नुक्कड़ नाटक, जन-जागरूकता रैलियां, शपथ ग्रहण, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं, खेलकूद गतिविधियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, ग्राम सभाएं, विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम तथा सोशल मीडिया अभियान आयोजित किए जा रहे हैं। इन गतिविधियों के सफल संचालन हेतु सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संबंधित पंचायतों को जागरूकता गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता भी उपलब्ध करवाई गई है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन प्रहार कार्यक्रम के माध्यम से जन-जागरूकता, समुदाय आधारित रोकथाम, परामर्श, पुनर्वास, विभिन्न विभागों के समन्वय तथा नशा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ओपिऑयड सब्स्टीट्यूशन थेरेपी सेंटर के माध्यम से नशे की लत से ग्रसित व्यक्तियों का दवाइयों एवं मनोवैज्ञानिक परामर्श के माध्यम से उपचार किया जा रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि जिले में अब तक डेढ लाख से अधिक लोगों को नशा मुक्त भारत अभियान एवं प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के माध्यम से जागरूक किया जा चुका है तथा यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
उपायुक्त ने बताया कि प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर, जागरूकता कार्यक्रम, आजीविका एवं कौशल विकास कार्यशालाएं, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम तथा सामाजिक सहभागिता को बढ़ावा देने वाली विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय कार्ययोजना वरिष्ठ नागरिक के अंतर्गत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा पात्र वरिष्ठ नागरिकों के निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन करवाए जाने की जानकारी देते हुए बताया कि गत वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा 45 वरिष्ठ नागरिकों के सफल मोतियाबिंद ऑपरेशन करवाए गए थे तथा वर्तमान वित्तीय वर्ष में लगभग 100 पात्र वरिष्ठ नागरिकों के मोतियाबिंद ऑपरेशन करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने युवाओं एवं आमजन से ऐसे वरिष्ठ नागरिकों की पहचान कर सुविधा का लाभ दिलाने में सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों के संसाधन व्यक्तियों ने अपने-अपने विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। स्वास्थ्य विभाग से डॉ. दीपक गुरंग ने नशे के दुष्प्रभाव, नशामुक्ति उपचार एवं मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभावों की विस्तृत जानकारी दी।
पुलिस विभाग से एएसआई श्री विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए सावधानी बरतने का संदेश दियज्ञं
मानव सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री प्रकाश चंद बंसल ने प्रोटेक्टिव एजिंग कार्यक्रम की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं तथा उनके सम्मान, सुरक्षा एवं देखभाल की जिम्मेदारी पूरे समाज की ळें
सीनियर सिटीजन एसोसिएशन, बिलासपुर के प्रतिनिधि श्री सुशील पंडित ने पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चों एवं युवाओं को अपने बुजुर्गों के साथ भावनात्मक जुड़ाव बनाए रखना चाहिए ताकि पारिवारिक संस्कार एवं सामाजिक मूल्य सुरक्षित रह सकें।

===========================================

मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान के तहत निपटाएं अदालतों में लंबित मामले
बिलासपुर, 05 अगस्त:
सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर प्रतीक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अदालतों में लंबित मामलों को मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति से निपटाने के लिए मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान आरंभ किया गया है। इस अभियान का लाभ उठाने के लिए सम्बन्धित अदालतों में आवेदन किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अदालतों में अनेक मामले लंबे समय तक लंबित रहते हैं, इससे दोनों पक्षों का बहुमूल्य समय और धन खर्च होता है। इससे बचने के लिए मध्यस्थता, सुलह एवं आपसी सहमति एक बहुत ही अच्छा माध्यम हो सकता है। इसके मद्देनजर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश तथा मेडिएशन एंड कॉन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 अभियान के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।
उन्होंने बताया कि अगर कोई पक्ष इस अभियान के अंतर्गत अपने लंबित मामले का निपटारा करवाना चाहता है, तो वह संबंधित अदालत में आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है।
उन्होंने बताया कि वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस के मामले, मोटर दुर्घटना दावा मामले, क्रिमिनल कंपाउंडेबल अपराध, बीमा, भूमि विवाद सहित अनेक प्रकार के मामलों का समाधान मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि अभियान से संबंधित अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, बिलासपुर के दूरभाष नंबर 01978-221452 पर संपर्क किया जा सकता है या अधिवक्ता के माध्यम से भी संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

=========================================

राज्य लोक अदालत 22 अगस्त और राष्ट्रीय लोक अदालत 12 सितम्बर को होगी आयोजित
बिलासपुर, 05 अगस्त: सचिव (सीनियर सिविल जज), जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर प्रतीक गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशानिर्देशानुसार 22 अगस्त, 2026 को जिला बिलासपुर के सभी न्यायालयों में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है जिसमें नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट/चेक बाउंस से संबंधित मामलों को लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 12 सितम्बर, 2026 को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर बिलासपुर, घुमारवीं तथा झंडुता न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भी आयोजन किया जाऐगा। जिसमें पूर्व मुकदमेबाजी और लंबित मामले लिए जाएंगे, इस लोक अदालत में बैंक से संबंधित मुकदमे, श्रम विवाद के मामले, बिजली व पानी के बिल, वैवाहिक विवाद के मामले लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों के न्यायालय में उपरोक्त श्रेणी में से लंबित मामले है, वह न्यायालय में अपने मामले को लोक अदालत में लगवा सकता है। कोई इच्छुक व्यक्ति जिसका उपरोक्त श्रेणी में से मामला कोर्ट में विचाराधीन नहीं है, अगर वह अपना मामला लोक अदालत में लगवा कर आपसी समझौते पर आधारित फैसला प्राप्त करना चाहता है, तो वह आवेदन कर सकता है।
उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की मुक्त कानूनी सहायता या सलाह के लिए प्राधिकरण के हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 15100 हि. प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, शिमला, सचिव (सीनियर सिविल जज) जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण बिलासपुर 01978-221452, उपमंडलीय विधिक सेवा समिति, बिलासपुर के दूरभाष नंबर 01978-224887 और उपमंडलीय विधिक सेवा समिति, घुमारवीं के दूरभाष नंबर पर 01978-254080 पर संपर्क कर सकता है।
इसके अतिरिक्त कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर की मउंपस पक. ेमबल.कसें.इपस.ीच/हवअण्पद पर भेज सकता है। अगर कोई व्यक्ति अपनी समस्या ऑनलाइन भेजना चाहता तो वह राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण, नई दिल्ली की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर, हि प्र. के दूरभाष नम्बर 01978-221452 पर संपर्क किया जा सकता है।