नीलोखेड़ी, 05.08.26- : उद्यमिता केवल व्यवसाय स्थापित करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और रोजगार सृजन की सशक्त सोच है। ये टिप्पणी हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने की । वे संस्थान में उद्यमिता विकास विषय पर आयोजित सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में प्रतिभागियों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला संसाधन व्यक्तियों की क्षमता का विकास करते हुए उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार करने तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करना है।

निदेशक डॉ. चौहान ने कहा कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होता है जब उसका प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने महिला संसाधन व्यक्तियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण को केवल औपचारिक प्रक्रिया न मानकर ग्रामीण महिलाओं को सफल उद्यमी बनाने के मिशन के रूप में कार्य करें, ताकि आत्मनिर्भर हरियाणा और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती मिल सके।

इस अवसर पर संदीप कुमार, कमलदीप सांगवान तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।