चण्डीगढ़,24.05.26 : चण्डीगढ़ साहित्य अकादमी (सीएसए) की ओर से रानी लक्ष्मी बाई ऑडिटोरियम, सेक्टर-38 में वर्ष 2024 में पुरस्कृत लेखकों एवं साहित्यकारों को सम्मानित करने हेतु भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर रतन सिंह, वाइस चांसलर, जगत गुरु नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने की।
कार्यक्रम के आरंभ में चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. मनमोहन सिंह ने सभी अतिथियों एवं साहित्यकारों का स्वागत करते हुए कहा कि चंडीगढ़ साहित्य अकादमी साहित्य, भाषा और संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है और लेखक अपनी लेखनी के माध्यम से समाज को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने पुरस्कृत रचनाकारों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सृजनात्मकता नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्य अतिथि प्रो. रतन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है, जो व्यक्ति को संवेदनशीलता, संस्कार और मानवीय मूल्यों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि सशक्त साहित्य समाज को सही दिशा देने और सामाजिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे कहा कि लेखक और कवि अपनी लेखनी के माध्यम से समय की वास्तविकताओं को उजागर करते हैं तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
राष्ट्रीय साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. माधव कौशिक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में साहित्य के प्रति लोगों की रुचि निरंतर बढ़ रही है, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी कविता, कहानी, लेखन और पुस्तकों के माध्यम से अपनी संवेदनाओं को अभिव्यक्त कर रही है तथा साहित्य को नए आयाम दे रही है। उन्होंने कहा कि साहित्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और विचारशीलता से जोड़ने वाली शक्ति है। डिजिटल युग में भी पुस्तकों और साहित्यिक आयोजनों के प्रति लोगों का बढ़ता आकर्षण इस बात का प्रमाण है कि साहित्य की प्रासंगिकता सदैव बनी रहेगी।
इस अवसर पर अकादमी के उपाध्यक्ष डॉ. अनीश गर्ग एवं सचिव सुभाष भास्कर भी उपस्थित रहे।
‘बुक ऑफ द ईयर अवार्ड’ के अंतर्गत राजवीर देशवाल, प्रोफेसर योजना रावत, विजय कपूर, लिली स्वर्ण, बहादुर सिंह गौसल, हरबंस कौर गिल, पंकज मालवीय एवं राजेंद्र निशेष को स्मृति चिन्ह एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
पुस्तक प्रकाशन अनुदान योजना के अंतर्गत चयनित लेखकों में प्रेम विज, शशि प्रभा, धीरजा शर्मा, प्रज्ञा शारदा, मोहनलाल जाट, अलका कांसरा, राजेंद्र धवन, बृजभूषण, मनोज कुमार, रविंद्र टंडन, हरलीन कौर, दविंदर कौर, सिमरनजीत कौर ग्रेवाल, हरदेव चौहान, गुरदर्शन सिंह मावी, हरीश जैन, सुभाष शर्मा, राजेश अत्रे तथा सतीश थिंड को अनुदान राशि एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. अनीश गर्ग ने सभी अतिथियों, साहित्यकारों, पुरस्कृत रचनाकारों एवं उपस्थित श्रोताओं का आभार व्यक्त किया। और कहा कि चंडीगढ़ साहित्य अकादमी भविष्य में भी ऐसे साहित्यिक आयोजनों के माध्यम से रचनाकारों को एक सार्थक मंच प्रदान करती रहेगी। उन्होंने सभी के सहयोग, सहभागिता एवं गरिमामयी उपस्थिति के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया तथा कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी सदस्यों के प्रति विशेष आभार प्रकट किया।