चंडीगढ़, 3 जनवरी। हरियाणा के पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि आज बीजेपी सरकार में घोटाले पर घोटाले हो रहे है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की नगरी भिवानी में एचटेट परीक्षा में घोटाला हुआ है और बिना खर्ची-पर्ची का दावा करने वाले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चुप बैठे है। उन्होंने कहा कि जेजेपी इस गड़बड़ी की पूरी जांच करके तथ्यों के साथ युवाओं की लड़ाई लड़ेगी और जररूर पड़ने पर न केवल सड़क पर संघर्ष करेगी, बल्कि हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगी। वे शनिवार को भिवानी में जेजेपी द्वारा आयोजित युवा योद्धा सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान दुष्यंत चौटाला ने जेजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अजय सिंह चौटाला के एक बयान पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश में आंदोलन की जरूरत है, क्योंकि आज केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार युवाओं के साथ अन्याय कर रही है इसलिए जेजेपी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार योजना के तहत हरियाणा में ग्रुप सी और डी श्रेणी के रोजगार को पूरी तरह से समाप्त करने में जुटी हुई है।

पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले से लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में 100 करोड़ रुपए का धान खरीद घोटाला होने की बात खुद सरकार ने मानी है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि सरकार ने अब तक एक भी मिल की भी फिजीकल वेरिफिकेशन नहीं करवाई है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि इसी तरह हरियाणा के नए डीजीपी ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में 10 हजार अपराधी फरार चलने की बात मानी है और उन्हें पकड़ने की बात कही है, इससे साबित होता है कि इससे पहले अपराधियों को खुली छूट दी हुई थी कि अपराध करके बदमाश भाग जाओ। इस दौरान दुष्यंत चौटाला ने प्रदेशवासियों को नव वर्ष की शुभकामनाएं दी। वहीं जेजेपी प्रदेश अध्यक्ष बृज शर्मा ने युवाओं से संगठन मजबूती का आह्वान किया और कहा कि बूथ स्तर पर मजबूत एजेंट बनाने के अलावा ज्यादा से ज्यादा युवाओं को पार्टी से जोड़े।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने युवाओं से जुड़ा बड़ा घोटाला उजागर किया और कहा कि बीजेपी राज में एचटेट 2024-25 की परीक्षा में बड़ा घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि रिजल्ट को रोककर दोबारा रिजल्ट तैयार किया गया और अपने 1200 चहेतों को संदेह का लाभ देकर पास करवाया गया। दिग्विजय ने सरकार से सवाल किया कि सभी तीन लाख अभ्यर्थियों को बेनिफिट ऑफ डाउट का लाभ क्यों नहीं दिया गया? चार बार परिणाम सत्यापित करने के बाद भी परिणाम को दोबारा संशोधित क्यों किया गया ? परिणाम तैयार करके जब सचिव कार्यालय ने अध्यक्ष के हवाले कर दिया था तो रिजल्ट जारी करने में देरी किसलिए हुई ?

दिग्विजय ने आगे कहा कि सच तो ये है कि रातों-रात रिजल्ट बदला गया और अब परीक्षा संबंधित रिकॉर्ड को खुर्द-बुर्द किया जा रहा है। सिक्योरिटी ऑडिट के नाम पर निचले अधिकारियों पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि आज बोर्ड के कई अधिकारी वीआरएस मांग रहे है, क्योंकि उन्हें पता है कि जब इस घोटाले में कार्रवाई होगी तो निचले अधिकारी ही फंसेगे, उच्च अधिकारियों का कुछ नहीं बिगड़ेगा। दिग्विजय ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर चोरी-छिपे रिजल्ट में गड़बड़ी करने के इस बड़े मामले की जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किस एकेडमी के विद्यार्थियों को रिजल्ट बदलकर फायदा पहुंचाया गया है ? इसकी जांच होनी चाहिए और युवाओं को जवाब देना चाहिए। दिग्विजय ने कहा कि सबूत सहित वे जल्द इस बड़े घोटाले से जुड़े कई बड़े खुलासे करेंगे। इस दौरान अनेक युवाओं ने भाजपा-कांग्रेस छोड़कर जेजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस अवसर पर वरिष्ठ जेजेपी नेता प्रो. रणधीर चीका व अन्य वरिष्ठ जेजेपी युवा नेताओं ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।