नाहन 2 दिसम्बर। जिला के ऊपरी भागों में सर्दियों के दौरान बर्फबारी के कारण सम्पर्क सड़कें बंद होने की आशंका बनी रहती है। लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को इन मार्गों को तुरंत बहाल करने के लिए पर्याप्त श्रम शक्ति व मशीनरी को अभी से तैनाती सुनिश्चित करनी होगी। यह बात उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन सिरमौर आर.के. गौतम ने सर्द ऋतु के दौरान किये जाने वाले आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने जिला के सभी विभागों को सर्दियों के दौरान किसी भी प्रकार की संभावित आपदा से निपटने तथा बचाव एवं राहत कार्य के लिए आवष्यक प्रबन्ध समय पर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन व्यावसायियों से सैलानियों को ऊंचे बर्फीले क्षेत्रों मंे न जाने के लिये जागरूक करने की भी अपील की।

आर.के. गौतम ने कहा कि सर्दियों के मौमम के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की स्थिति में जिला सिरमौर में बफर्बारी, बारिश, आंधी या आसमानी बिजली से नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। इस स्थिति से निपटने के लिए सम्बन्धित विभाग आवश्यक प्रबन्ध समय पर पूरा करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए त्वरित कदम उठाने के लिए जिला का इमरजेंसी आॅपरेशन सेंटर चैबीस घंटे सक्रिय रहता है। किसी प्रकार की आपदा या नुकसान होने की स्थिति की सूचना प्राप्त होते ही इस सेंटर के दूरभाष नम्बर या टोल फ्री नम्बर 1077 पर तुरंत सूचना प्रेषित की जाए।
उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि सभी पेयजल योजनाओं को हर हाल हाल में क्रियान्वित बनाए रखा जाए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय उच्च मार्ग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सड़कों की समय पर देखरेख करें और आपदा के समय सड़कों को कार्यषील बनाये रखें। उन्होंने बिजली विभाग को सर्दियों के दौरान अधिक बिजली की खपत होने के दृष्टिगत जरूरी मुरम्मत तथा आवश्यक कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने-अपने कार्यालयों में नोडल अधिकारी नियुक्त करें ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित कदम उठाए जा सकें।
उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि जिला के संवेदनशील मार्गों में जहां अधिक बर्फबारी होती है, जेसीबी, स्नो कटर अथवा डोजर की तैनाती की जानी चाहिए। लोगों को आवागमन की सुविधा अधिक देर तक प्रभावित नहीं रहनी चाहिए। इसी प्रकार, उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को पाईप लाईनों की अच्छे से जांच करने को कहा ताकि ठंड के कारण पाईपों का अनावष्यक जमाव न हो। उन्हांेने विद्युत विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि बिजली आपूर्ति में व्यावधान नहीं आना चाहिए, इससे आम जनता को बड़ी परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि विद्युत लाईनों को समय रहते चैक कर लें।
सर्दियों में गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए
उपायुक्त ने पशु पालन विभाग को निर्देश दिए कि सर्दियों के दौरान गौवंश सड़कों पर नजर नहीं आना चाहिए। अत्यधिक ठंड के कारण गौवंश की जान को खतरा उत्पन्न हो जाता है। उन्होंने कहा कि गौसदनों में सभी गोवंश को टैग लगाए जाने चाहिए। सभी घरों में जहां भी गाय हैं उन्हें भी टैग किया जाना चाहिए ताकि कोई भी व्यक्ति यदि गाय को सड़क पर बे-सहारा छोड़े तो उसके विरूद्ध कारवाई की जा सके।
टाॅल फ्री नम्बर 1077 पर हो सक्रिय स्टाॅफ, सभी अधिकारी एटेण्ड करें मोबाइल
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि हर समय अपना मोबाईल आॅन रखें और एटेण्ड करें, अन्यथा डीडीएमए एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि टाॅल फ्री नम्बर 1077 पर स्टाफ एकदम से सक्रिय होना चाहिए। आपातकाल का यह नम्बर काफी महत्वपूर्ण है और इसे हर समय एटेण्ड किया जाना चाहिए। सभी विभाग अपने नोडल अधिकारी नियुक्त करें तथा उनके नाम, पद तथा मोबाईल नम्बर शीघ्र जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नाहन को उपलब्ध करवाएं। सभी विभाग अपने संसाधनांे की सूची को भी सांझा करंे।

उपायुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से दवाईयों की प्रचुर उपलब्धता सुनिश्चित बनाने को कहा ताकि सर्दियों में ऊपरी क्षेत्रों में किसी प्रकार की दिक्कत दवाईयों को लेकर न आए। प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों मंे डाॅक्टर व फार्मासिस्ट की उपलब्धता को भी सुनिष्चित बनाया जाना चाहिए। इसी प्रकार जिला खाद्य एवं आपूति नियंत्रक से राशन का अतिरिक्त कोटा व स्टाॅक रखने के भी निर्देश दिए गए। होम गार्ड के जवानों की सूची तैयार रखने को कहा जो आपात के दौरान तुरंत से सेवाओं के लिए तत्पर रहे। किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने को लेकर सभी विभाग समय पर अपने वाहनों की मैकेनिकल मुरम्मत तथा डीजल इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
आपदा प्रबन्धन की इस जिला स्तरीय बैठक में आपदा प्रबन्धन से सम्बन्धित अन्य जरूरी विषयों पर भी अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मनेष कुमार यादव, पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य, जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, स्वास्थ्य तथा अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। समस्त एसडीएम व अन्य अधिकारी जिला के उपमण्डलांे से वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
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