मैकेनाइज्ड इनफेंट्री के अधिकारियों ने किया पेंशन संबंधी समस्याओं का निवारण

हमीरपुर 30 अक्तूबर। भारतीय थल सेना की मैकेनाइज्ड इनफेंट्री रेजिमेंट के अधिकारियों ने ‘मिशन निरंतर मिलाप 1.0’ अभियान के तहत शुक्रवार को यहां ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक के परिसर में पेंशन समस्या निवारण शिविर आयोजित किया। ईसीएचएस पॉलीक्लीनिक के प्रभारी कर्नल (सेवानिवृत्त) चंद्रशेखर ने इस शिविर का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर उन्होंने मैकेनाइज्ड इनफेंट्री रेजिमेंट के अहमदनगर (महाराष्ट्र) सेंटर से आए अधिकारियों एवं सैनिकों का स्वागत किया तथा भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों की सुविधा हेतु शिविर आयोजित करने के लिए धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए यह बहुत ही अच्छी पहल है।
शिविर के दौरान मैकेनाइज्ड इनफेंट्री रेजिमेंट के अधिकारियों ने जिला के भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों का मार्गदर्शन किया तथा उनकी कई पेंशन संबंधी समस्याओं का मौके पर ही निवारण कर दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों को विभिन्न सुविधाओं की जानकारी भी दी गई तथा सुविधाओं से संबंधित दस्तावेज एवं पंफलेट भी वितरित किए गए।
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मालग, पनसाई, मांजरा और अन्य गांवों में 31 को बंद रहेगी बिजली

नादौन 30 अक्तूबर। विद्युत उपमंडल धनेटा के अंतर्गत लाइनों की आवश्यक मरम्मत और पेड़ों की काट-छांट के कार्य के चलते 31 अक्तूबर को मालग, पनसाई, मांजरा, बखरूं, अटयालू, खतरोड़, रजोल और क्षेत्र के कई अन्य गांवों में सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली बंद रहेगी। सहायक अधिशाषी अभियंता किशोरी लाल ने इस दौरान सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि 31 अक्तूबर को मौसम खराब होने की स्थिति में लाइनों की मरम्मत का कार्य अगले दिन किया जाएगा।

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राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय कांगड़ा और चंबा में करेगा विभिन्न सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण

धर्मशाला स्थित उप-क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारी नवंबर माह में करेंगे सर्वेक्षणों का फील्ड कार्य
धर्मशाला, 30 अक्तूबर: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, धर्मशाला द्वारा नवंबर माह में कांगड़ा और चंबा जिलों में विभिन्न सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षणों का फील्ड कार्य किया जाएगा। इन सर्वेक्षणों के माध्यम से रोजगार, प्रवासन, घरेलू आय, ऋण एवं निवेश तथा असंगठित क्षेत्र के उद्यमों से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे। यह जानकारी राष्ट्रीय सांख्यकी उप क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक निदेशक सिमरन ने दी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के धर्मशाला स्थित उप-क्षेत्रीय कार्यालय के प्रशिक्षित अधिकारी इन सर्वेक्षणों के लिए चयनित क्षेत्रों में फील्ड कार्य करेंगे। इन सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़े सरकार को नीतियों के निर्माण, विकास योजनाओं के मूल्यांकन तथा विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभाव का आकलन करने में महत्वपूर्ण आधार प्रदान करते हैं।
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के अंतर्गत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में रोजगार एवं बेरोजगारी की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके लिए 20 नमूना इकाइयों का चयन किया गया है। इनमें कांगड़ा जिले के कलार कलां, समकेहड़, रिन, कोहला, बियारा, चौहट, तियोरा और तुल्ली तथा चंबा जिले के सगलोगा, खजवा, धार कोलियां और पंजसेई गांव शामिल हैं। इसके अतिरिक्त धर्मशाला, कांगड़ा, चंबा, बकलोह, चुआरी खास और डलहौजी छावनी के शहरी क्षेत्रों में भी सर्वेक्षण किया जाएगा।
प्रवासी सर्वेक्षण के तहत रोजगार, शिक्षा, विवाह तथा बेहतर जीवन परिस्थितियों के लिए होने वाले प्रवासन के कारणों और उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का अध्ययन के लिए कांगड़ा जिले के घुरकड़ी खास, टटेहल और रिजर्व जंगल मसरूर जुनी तथा चंबा जिले के बटारा गांव सहित कुल चार नमूना इकाइयां चयनित की गई हैं।
राष्ट्रीय घरेलू आय सर्वेक्षण के माध्यम से परिवारों की आय और जीवन परिस्थितियों से संबंधित जानकारी एकत्रित करने के लिए कांगड़ा जिले के बंगोली निचली तथा चंबा जिले के चंद्रू और गोली गांवों का चयन किया गया है।
इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण, निवेश, भूमि स्वामित्व, कृषि एवं पशुधन की स्थिति का आकलन के लिए कांगड़ा जिले के जरपाल और बाग, चंबा जिले के चारी गांव तथा धर्मशाला के शहरी क्षेत्र को चयनित किया गया है।
जबकि असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण विनिर्माण, व्यापार और अन्य सेवाओं में कार्यरत असंगठित उद्यमों की आर्थिक एवं रोजगार संबंधी स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसके तहत रोजगार, वेतन, लाभ-हानि और बकाया ऋण से संबंधित आंकड़े एकत्रित करने के लिए कांगड़ा जिले के नेरना गांव, चंबा जिले के शियुनवयी गांव तथा पालमपुर, ज्वाली व चंबा के शहरी क्षेत्र प्रस्तावित हैं।

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सोलन दिनांक 30.10.2026
12 दिसम्बर को होगा नेशनल लोक अदालत का आयोजन

जिला एवं सत्र न्यायालय सोलन परिसर एवं कण्डाघाट, अर्की, कसौली, नालागढ़ न्यायालय परिसर में 12 दिसम्बर, 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोलन के सचिव प्रशांत सिंह नेगी ने दी।
प्रशांत सिंह नेगी ने कहा कि लोक अदालत में विभिन्न मामलों का निपटारा समझौते के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक कंपाउंडेबल अपराध, चेक बाउंस मामले, वाहन चालान धन वसूली के मामले आदि पर सुनवाई कर निपटारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त सड़क दुर्घटना क्लेम के मामले, श्रम विवाद के मामले, बिजली और पानी के बिल, वैवाहिक विवाद भूमि अधिग्रहण के मामले, वेतन और भतों और सेवानिवृत्ति से संबधित मामलों की सुनवाई कर निपटारा भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो मामले न्यायालय में अब तक दायर नहीं हुए हैं, का भी लोक अदालत में निपटारा भी किया जाएगा।
प्रशान्त सिंह नेगी ने कहा कि लोक अदालत मे समय एवं धन की बचत होती है। यहां न्यायालय शुल्क भी नही लगता और पुराने मामलों का न्यायालय शुल्क वापस हो जाता है। इसमें किसी पक्ष को सज़ा नही होती। उन्होंने कहा कि वाहन चालान के मामलों में वर्चुअल कोर्ट की साइट पर जाकर भी भुगतान किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि कोई भी इच्छुक व्यक्ति यदि अपने मामलों का निपटारा करवाना चाहता है तो वह 12 दिसम्बर, 2026 से पूर्व ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय सोलन व ज़िला के सभी न्यायालयोें में सादे कागज पर आवेदन कर सकता है या जिस अदालत में मामला विचाराधीन है उस अदालत में भी आवेदन दे सकता है।
अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 01792-220713 व टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।

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चिह्नित स्थानों पर ही होनी चाहिए पटाखों की बिक्री : एसडीएम

भोरंज 30 अक्तूबर। एसडीएम शशिपाल शर्मा ने शुक्रवार को यहां मिनी सचिवालय में उपमंडल स्तर के अधिकारियों और विभिन्न व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करके त्योहारी सीजन में सभी आवश्यक प्रबंधों को लेकर व्यापक चर्चा की।
एसडीएम ने कहा कि आने वाले दस दिनों के दौरान दीपावली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर उपमंडल के सभी बाजारों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विशेष ऐहतियात बरतने की आवश्यकता है, ताकि इन सभी त्योहारों को सुरक्षित ढंग से मनाया जा सके। बैठक में उपमंडल के विभिन्न व्यापारिक स्थलों पर पटाखों की बिक्री हेतु सुरक्षित स्थान चिह्नित किए गए तथा पटाखों की बिक्री केवल इन्हीं स्थानों पर करने का निर्णय लिया गया।
एसडीएम ने बताया कि पटाखों की बिक्री के लिए चिह्न्ति स्थानों में सम्मू ताल, बैलग, तरक्वाड़ी में बस्सी रोड पर बड़े मोड़ की पार्किंग, पट्टा में टैक्सी स्टैंड के साथ, लदरौर पुलिस चौकी के साथ खुले स्थान पर, जाहू का खेल मैदान, सुलगवान और मुंडखर के बीच सुनैहल खड्ड के पुल के पास, भरेड़ी के पास राधास्वामी सत्संग भवन धमरोल एवं चैंथ खड्ड पुल और अप्पर भरेड़ी में निजी पार्किंग शामिल है। इनके अलावा अन्य बाजारों में भी कुछ खुले स्थान चिह्न्ति किए जा रहे हैं। पटाखों व आतिशबाजी चलाने के लिए समय सुबह 6 बजे से शाम 10 बजे तक निर्धारित किया गया है।
एसडीएम ने सभी व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पटाखों की बिक्री केवल चिह्नित स्थानों पर ही हो तथा कोई भी दुकानदार वैध लाइसेंस एवं अनुमति के बगैर पटाखों का भंडारण या बिक्री नहीं करेगा। पटाखों की बिक्री हेतु लाइसेंस एवं अनुमति भोरंज के तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार और जाहू के नायब तहसीलदार द्वारा जारी किए जाएंगे।
एसडीएम ने पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को त्योहारी सीजन के दौरान नियमित रूप से गश्त करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कम शोर, कम धुआं, सुरक्षित और स्वच्छ दिवाली हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
बैठक में तहसीलदार डॉ. आशीष शर्मा, नायब तहसीलदार रवि कुमार, पुलिस व अग्निशमन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी और बस्सी, तरक्वाड़ी, पट्टा, भरेड़ी तथा जाहू के व्यापार मंडलों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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एंटी चिट्टा अभियान के तहत नूरपुर पुलिस का नशा तस्करों की अवैध संपत्ति पर प्रहार – ₹48.30 लाख की संपत्ति जब्त, कब्जा सौंपने का आदेश तामील

DHARAMSHALA,30.10.26-पुलिस जिला नूरपुर में चलाए जा रहे एंटी चिट्टा अभियान के तहत नूरपुर पुलिस ने नशा तस्करी के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति के विरुद्ध एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई अमल में लाई है। पुलिस थाना डमटाल के अंतर्गत आरोपी शमशेर सिंह पुत्र गुरदियाल सिंह, निवासी वार्ड नंबर 09, डमटाल, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा की लगभग ₹48.30 लाख की संपत्ति NDPS Act के प्रावधानों के तहत जब्त की गई है।

सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली द्वारा दिनांक 22.10.2026 को NDPS Act, 1985 की धारा 68-I(1) एवं 68-I(3) के अंतर्गत पारित आदेश के अनुसार आरोपी की निम्नलिखित संपत्तियां सभी प्रकार के भारों से मुक्त करते हुए जब्त (Forfeited) की गई हैं:

1. आवासीय भवन: गांव चन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा स्थित आरोपी का दो मंजिला मकान, जिसमें ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर एवं बेसमेंट शामिल हैं। इस संपत्ति का मूल्य ₹45,90,557/- निर्धारित किया गया है।

2. नकद धनराशि: नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित ₹2,40,440/- (₹12,740 + ₹2,19,200 + ₹8,500)।

इस प्रकार आवासीय भवन एवं धनराशि सहित कुल ₹48,30,997/- (अड़तालीस लाख तीस हजार नौ सौ सत्तानवे रुपये) की संपत्ति जब्त की गई है।

इस कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पुलिस थाना डमटाल द्वारा दिनांक 29.10.2026 को आरोपी शमशेर सिंह को NDPS Act की धारा 68-U के अंतर्गत आदेश विधिवत तामील करवाया गया। इसके तहत आरोपी को जब्त संपत्ति का कब्जा संबंधित विभाग को सौंपने के दिशा दिशा-निर्देश दिए गए हैं। आदेश का निर्धारित अवधि में पालन न किए जाने की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी को कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करते हुए संपत्ति का कब्जा प्राप्त करने का अधिकार है।

प्रदेश भर में चलाये जा रहे एंटी चिट्टा अभियान नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान, जांच एवं जब्ती के माध्यम से तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर भी प्रहार किया जा रहा है। इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे के कारोबार से अर्जित अवैध धन एवं संपत्ति को कानून के दायरे में लाकर नशा तस्करी की आर्थिक जड़ों को विध्वंस करना है।

नूरपुर पुलिस का स्पष्ट संदेश है कि चिट्टा एवं अन्य नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति भी कानून की कार्रवाई से अछूती नहीं रहेगी।

नशा मुक्त समाज के निर्माण और नशा तस्करी के पूर्ण उन्मूलन के लिए नूरपुर पुलिस प्रतिबद्ध है।

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शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर रहा है भोरंज का मॉडल : सुरेश कुमार
सरकारी स्कूलों के बच्चों को मिल रही है ऑनलाइन निशुल्क कोचिंग की सुविधा
विधायक ने पट्टा स्कूल में आयोजित कार्यशाला के दौरान वेबसाइट का भी किया शुभारंभ

भोरंज 30 अक्तूबर। विधायक सुरेश कुमार ने कहा है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं एवं बेहतर कॅरियर के लिए तैयार करने हेतु भोरंज विधानसभा क्षेत्र में की गई एक विशेष पहल के काफी अच्छे परिणाम सामने आए हैं और भोरंज का यह ‘मॉडल’ एक उदाहरण बन रहा है। इसके लिए शिक्षक और विद्यार्थी बधाई के पात्र हैं। शुक्रवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पट्टा में आयोजित एक कार्यशाला में सुरेश कुमार ने कहा कि भोरंज के स्कूलों में फ्री ऑनलाइन कोचिंग की शुरुआत के समय कुछ दिक्कतें आ रही थीं, लेकिन इन सभी समस्याओं का निवारण करके बच्चों को बेहतरीन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
सुरेश कुमार ने बताया कि कोचिंग क्लासेज के सुचारू संचालन के लिए भोरंज के सभी सीनियर सेकंडरी स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर स्मार्ट क्लासेज, इंटरनेट और सभी आवश्यक उपकरणों का प्रावधान किया गया है। कोचिंग के दौरान बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सोलर पैनल या इनवर्टरों की व्यवस्था भी की गई है। विधायक ने बताया कि इन सभी प्रबंधों के लिए उन्होंने व्यक्तिगत प्रयासों से धनराशि का प्रावधान करवाया है।
उन्होंने कहा कि बारहवीं कक्षा के बाद कई बच्चों और उनके अभिभावकों को कॅरियर के विकल्पों को लेकर असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ता है। इसलिए, शिक्षक सभी बच्चों में छिपी प्रतिभा एवं क्षमता की पहचान करें और उन्हें तराशने एवं निखारने के लिए कार्य करें। अगर यह कार्य मिडल स्तर पर ही कर दिया जाए तो विद्यार्थी मैट्रिक के बाद अपनी इच्छा, रुचि और क्षमता के अनुसार ही कॅरियर के विकल्प चुनने में सक्षम होंगे।
इस अवसर पर विधायक ने भोरंज की ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था से संबंधित एक वेबसाइट का शुभारंभ भी किया।
कार्यशाला में कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, एसडीएम शशिपाल शर्मा, सेकेंडरी शिक्षा उपनिदेशक देशराज डोगरा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजय बन्याल, पार्टी के अन्य पदाधिकारी, भोरंज के विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य और अन्य शिक्षक भी उपस्थित थे।

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बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों पर 13 स्कूलों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

सुरक्षित बचपन अभियान के तहत 2,407 विद्यार्थी को किया जागरूक



ऊना, 30 अक्टूबर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना द्वारा संचालित सुरक्षित बचपन अभियान-2026 के अंतर्गत ऊना जिला के 13 सरकारी एवं निजी विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, बाल संरक्षण, कानूनी सुरक्षा उपायों तथा सुरक्षित बचपन के महत्व के प्रति जागरूक करना रहा।

अभियान के तहत मुख्य न्यायिक दंडाधिकारीऊना नेहा शर्मा द्वारा डीएवी सेंटेनरी स्कूल ऊना में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (IV), ऊना उर्वशी द्वारा आदर्श पब्लिक स्कूल, पंडोगा, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (II), अम्ब तान्या द्वारा मॉडर्न सीनियर सेकेंडरी स्कूल ऑफ साइंस, अम्ब तथा न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (III), अम्ब सोना द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कलरूही में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इसी क्रम में पैनल अधिवक्ता केशव कुमार चंदेल द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, तेऊरी, रेनू शर्मा द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अजौली तथा ज्योति किरण द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, समूर कलां में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इसके अतिरिक्त उपमुख्य विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता परवीन द्वारा संस्कार भलेती स्कूल, बंगाणा, सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता विकास लोहिया द्वारा डीएवी पब्लिक स्कूल, लठियाणी तथा सहायक विधिक सहायता बचाव अधिवक्ता परवीन कुमारी द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, नंगल कलां में कार्यक्रम आयोजित किए गए।

वहीं, पैनल अधिवक्ता नेहा पुरी द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कोटला कलां, शिखा द्वारा एसबीएस मेमो पब्लिक स्कूल, सोहारी तथा राकेश कुमार द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भद्रकाली में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों के दौरान विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण, बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम, उनके कानूनी अधिकारों तथा किसी भी प्रकार के शोषण या उत्पीड़न की स्थिति में उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी गई। इन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 2,407 प्रतिभागियों को जागरूक किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, ऊना दकी सचिव शिखा लखनपाल ने बताया कि सुरक्षित बचपन अभियान के माध्यम से जिला के विभिन्न विद्यालयों में निरंतर जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, ताकि बच्चों को उनके अधिकारों एवं कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक कर एक सुरक्षित, संरक्षित एवं सशक्त बचपन सुनिश्चित किया जा सके।

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आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए जिला ऊना में ‘आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ एवं ‘व्हेयर टू प्लांट बॉट’ पर आनलाईन प्रशिक्षण आयोजित

ऊना, 30 अक्टूबर। जिला ऊना में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, पूर्व चेतावनी प्रणाली को प्रभावी बनाने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ एवं ‘व्हेयर टू प्लांट बॉट’ पर वर्चुअल प्रशिक्षण सत्र दो भागों (सुबह व शाम) में आयोजित किए गए। इन प्रशिक्षण सत्रों में विभिन्न सरकारी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामुदायिक कार्यकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों तथा आपदा मित्रों व आपदा प्रबंधन स्वयंसेवकों सहित जिला से कुल 301 प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

इन प्रशिक्षण सत्रों में अगीसक आर्यभट्ट जियो- इनफॉर्मेटिक्स एवं स्पेस एप्लीकेशन सेंटर, शिमला हिमाचल प्रदेश के डॉ. मनोज शर्मा ने रिसोर्स पर्सन के रूप में प्रतिभागियों को दोनों डिजिटल पहलों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से आपदा संबंधी सूचनाओं का त्वरित प्रसार, जन-जागरूकता में वृद्धि तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और अधिक प्रभावी व सुदृढ़ बनाया जा सकता है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम (सुबह) सत्र में 229 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इनमें विभिन्न कार्यालयों के विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी, सभी राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी तथा इस समस्त शिक्षा खंड से प्रधानाचार्य, मुख्य- अध्यापक, केंद्रीय मुख्य शिक्षक, मुख्य शिक्षक, JBTs, स्कूल शिक्षक व अन्य स्टाफ शामिल रहे। शाम के द्वितीय सत्र में 72 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त एसईबीपीओ, पंचायत प्रधान, उपप्रधान एवं वार्ड सदस्य, आशा कार्यकर्ता, RGSA के सदस्य, समस्त पंचायत निरीक्षक एवं जल शक्ति विभाग के फिटर, हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड के लाइनमैन तथा लोक निर्माण विभाग के फील्ड कर्मचारी, आपदा मित्र, युवा आपदा मित्र, जिला आपदा आपातकालीन परिचालन केंद्र स्टाफ, समस्त गैर-सरकारी संगठन, आशा वर्कर्स, आंगनवाड़ी वर्कर्स, तकनीकी सहायक व पंचायत स्तरीय आपदा, व अन्य समस्त स्वयंसेवक शामिल थे।

इस अवसर पर अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं उपायुक्त ऊना, जतिन लाल ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, गैर सरकारी संगठनों, स्वयंसेवकों एवं आम जनता से अपील की कि वे ‘आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ को अपने मोबाइल फोन में इंस्टॉल कर इसका नियमित उपयोग करें तथा अन्य लोगों को भी इसे डाउनलोड करने और उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर सटीक जानकारी उपलब्ध होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे डिजिटल माध्यम सूचनाओं के त्वरित प्रसार, जन-जागरूकता बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने सभी विभागों एवं संबंधित संस्थानों से भी इन डिजिटल पहलों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा आम जनता को इनके उपयोग के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय सही एवं समयबद्ध जानकारी साझा करना त्वरित कार्रवाई, जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और अमूल्य मानव जीवन की रक्षा करने में सहायक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने आपदा रक्षक मोबाइल ऐप’ को इस लिंक
https://play.google.com/store/apps/details?id=com.aapdarakshak के माध्यम से डाउनलोड करने के लिए आह्वान भी किया है।

जिला प्रशासन, ऊना ने आम जनता से आपदा प्रबंधन से संबंधित डिजिटल पहलों को अपनाने और इनके अधिकाधिक उपयोग के माध्यम से सुरक्षित, जागरूक एवं आपदा-सक्षम समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है।