CHANDIGARH,11.09.20-मेहरा एनवायरमेंट एंड आर्ट फाउंडेशन चंडीगढ़ के संस्थापक एवं चेयरमैन कुलदीप मेहरा ने जानकारी दी कि आज हमनें केंद्रीय न्यायालयिक संस्थान परिसर, न्यायालयिक विज्ञान सेवा निदेशालय, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, चंडीगढ़ के विभागीय परिसर में रुद्राक्ष एवं पलाश के साथ कईं आयुर्वेदिक पौधे रोपे। हमने यहाँ रुद्राक्ष, पलाश (ढाक), नींबू और अर्जुन के कईं पौधे लगाये। इस पौधरोपण में विभाग के निदेशक डॉ० एस०के० जैन मुख्यातिथि के तौर पर मौजूद रहे।

इस उपलक्ष्य पर डॉ० एस. के. जैन ने बताया कि एक वैज्ञानिक तो ऑक्सिजन बनाने के लिए कृत्रिम तौर तरीके अपनाकर ऑक्सिजन तैयार करता है लेकिन सच कहें तो पेड़-पौधे ही असल जीवन में ऑक्सिजन बनाने के प्राकृतिय वैज्ञानिक है।

उन्होंने बताया कि हम अपने संस्थान में कईं तरह के पेड़-पौधों पर शौध कार्य भी करते रहते है। आप भी अपने आसपास के वातावरण को स्वस्थ और सुंदर रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाये ताकि हमें शुद्ध ऑक्सिजन प्राप्त होती रहे।

उन्होंने कहा कि आज हमारे विभागीय परिसर में ढाक (पलाश) एवं रुद्राक्ष के पौधे लगाये गये है यह हमारे लिये अतिहर्ष का विषय है क्योंकि हमारे यहां "चंडीगढ़ का स्टेट फ्लावर" ढाक पहली बार लगाया गया है।

वहीं संस्था के चेयरमैन कुलदीप मेहरा ने बताया कि ढाक का पेड़ एक औषधीय वृक्ष है, इसको ‘पलाश’ और ‘टेसू’ के नाम से भी जाना जाता है इसके पांच भागों (जड़, तना, फल, फूल और बीज) से आयुर्वेदिक औषधि बनाई जाती है, इसमें बहुत सुंदर पुष्प आते हैं, साथ ही इसके पत्ते आकार में बड़े होने के कारण पुराने समय मे पत्तल बनाने के लिए प्रयोग में लाए जाते थे।

इस पेड़ की "ढाक के तीन पात" मुहावरे भी काफी प्रचलित है क्योंकि ढाक के पात यानी पत्ते एक साथ तीन के समूह में होते हैं। किसी भी टहनी पर न तो चार पत्ते होते हैं और न ही दो। इतना ही नहीं जब भी पेड़ पर फूल खिलने का मौसम आता है तो उस समय डाक के सारे पत्ते नीचे गिर जाते है सिर्फ पेड़ पर सुंदर सुंदर लाल रंग के फूल ही दिखाई देते हैं।

रुद्राक्ष का अपना महत्व एवं अद्धभुत महिमा:-

रुद्राक्ष का शाब्दिक अर्थ होता है "रूद्र की आँख’’, रुद्राक्ष मनुष्य के लिए भगवान शिव द्वारा प्रदान किया हुआ एक अनुपम उपहार है। रुद्राक्ष के संबंध में शिवपुराण, रुद्राक्ष, रुद्रपुराण, श्रीमदभागवत, ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद, सूत्रधार, विज्ञान, आदि अनेकानेक ग्रन्थों में रुद्राक्ष का विशद वर्णन देखने को मिलता है। इतना ही नहीं धारण करने से हम कईं तरह की बीमारियों से निजात पा सकते हैं। रुद्राक्ष को हमेशा ह्रदय के पास धारण करना चाहिए, इससे हृदय रोग, हृदय का कम्पन और ब्लड प्रेशर आदि रोगों में आराम मिलता है।

इस पौधारोपण में केंद्रीय न्यायालयिक विज्ञान सेवा निदेशालय, केंद्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक डॉ० एस०के० जैन एवं मेहरा एनवायरमेंट एंड आर्ट फाउंडेशन चंडीगढ़ के चेयरमैन एवं संस्थापक कुलदीप मेहरा, विभाग के उपनिदेशक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक श्री रमेश चंद्रा, डॉ० आरएम त्रिपाठी, डॉ० इकरामुल हक़, डॉ दीपक मिड्डा, टी जोशी सहित कईं वैज्ञानिक, अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।