CHANDIGARH,21.06.20-योगा फेडरेशन ऑफ इंडिया के नेशनल योगा रेफेरी कुलदीप मेहरा ने जानकारी दी कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ही देन है जो आज सम्पूर्ण विश्व अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है। इस बार सम्पूर्ण विश्व 6वां योग दिवस मनायेगा। सभी सरकार के दिशा निर्देश अनुसार कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए अपने घरों में है। वहीँ शिक्षक भी ऑनलाइन पढ़ाई करवा रहे है और बच्चें भी घर पर रह कर पढ़ाई कर रहें है। इस वर्ष कोरोना वायरस वैश्विक महामारी (कोविड 19) के कारण लोगों को ऐसी थीम दी गई है, जो शरीर और स्वास्थ्य को बढ़ावा देगी। जैसी स्थिति बनी हुई है, उसी कारण इस बार सयुंक्त राष्ट्र संघ ने भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के लिए विशेष थीम (विषय) ‘‘घर पर योग, परिवार के साथ योग'' दिया है। ताकि विश्व योग दिवस का आयोजन सफल हो सके। इसलिए सोशल नेटवर्किंग साइट्स का सहारा लिया जा रहा है।
मेहरा ने बताया कि भारत ही योग का जनक है क्योंकि हमारे वेद, उपनिषद्, भगवद गीता, हठयोग प्रदीपिका, योग दर्शन, शिव संहिता और विभिन्न तंत्र ग्रंथों में योग विद्या का उल्लेख मिलता है। सभी को आधार बनाकर पतंजलि ने योग सूत्र लिखा। जो योग पर लिखा गया सर्वप्रथम सुव्यव्यवस्थित ग्रंथ है। योगसूत्र को महऋषि पांतजलि ने 200 ई. पूर्व लिखा था। इस ग्रंथ पर अब तक हजारों भाष्य लिखे गए हैं। भारतीय संस्कृति के अनुसार, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन हो जाता है। 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन सूर्य जल्दी उदय होता है और देर से ढलता है इसलिए ही 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है।
कुलदीप मेहरा कहते हैं कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों के कारण ही आज सम्पूर्ण विश्व "अंतरराष्ट्रीय योग दिवस" मना रहा है। क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अधिवेशन में प्रस्ताव रखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। इसलिए मोदी जी ने लोगों को स्वस्थ रहने के लिए प्रेरित करने की मंशा से सितंबर 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अधिवेशन में इसका प्रस्ताव रखा था। उसके बाद संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्य देशों के पूर्ण बहुमत से मंजूरी मिल गई और 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासंघ ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की। तदुपरांत वर्ष 2015 से ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस सम्पूर्ण विश्व में मनाया जाने लगा। सम्पूर्ण विश्व अबकी बार 6वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहा है।
योग दिवस के लिए विशेष योगा प्रोटोकॉल बनाया गया था:-
जिसको सभी अभ्यस्त आसानी से सावधानीपूर्वक कर सकते हैं इसमें हमारे शरीर के प्रत्येक अंगों की एक्सरसाइज तो होती ही है हमारा सम्पूर्ण शरीर रोगमुक्त भी होता है।
जिसमें मुख्य रूप से खड़े होकर किये जाने वाले आसन:-
ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिणोणासन आते है।
बैठ कर किये जाने वाले आसन:-
भद्रासन, वीरासन, उष्ट्रासन, शशांकासन, उतानमंडूकासन को बैठ कर किये जाते है।
पेट के बल लेटकर किये जाने वाले आसन है:- मकरासन, भुजंगासन और शलभासन।
पीठ के बल लेटकर किये जाने वाले आसन:-
सेतुबंध आसन, उत्तानपादहस्तासन, अर्धहलासन पवनमुक्तासन और शवासन करवाये जाते है। इसके अलावा कपालभाति, प्राणायाम, ध्यान, संकल्प और शांति पाठ भी करवाया जाता है। आयें सब 21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योग करें विश्व को रोगमुक्त करें।