हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि भारत एक युवा देश है और युवाओं की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व शोध-अनुसंधान आवश्यक है।

चण्डीगढ़, 19 जुलाईः- हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि भारत एक युवा देश है और युवाओं की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व शोध-अनुसंधान आवश्यक है। श्री आर्य शुक्रवार को हरियाणा केन्द्रीय विश्वविद्यालय, महेन्द्रगढ़ में ‘‘उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए संसाधनों का बेहतर प्रयोग‘‘ नामक विषय पर आयोजित परिसम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
उन्होनें कहा कि न केवल युवा पीढ़ी के लिए ही बल्कि राष्ट्र की समृद्धि व विकास के लिए भी इस दिशा में नीतिगत आधार पर आगे बढ़ने की जरूरत है। यही कारण है कि आज दुनिया भर की सरकारें उच्च शिक्षा नीतियों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा दे रही हैं। भारत पुरातन काल में विश्व गुरू के तौर पर पहचाना जाता था और काशी, तक्षशिला, नालंदा, प्रयाग, मिथिला आदि प्रमुख शिक्षा के केंद्र थे। यह वह दौर था जब विद्यार्थी को उसकी रूचि के अनुसार शिक्षा प्रदान की जाती थी लेकिन लॉर्ड मैकाले की अंग्रेजी शिक्षा पद्धति ने इस पूरी तरह से बदलकर भारतीयों को महज एक क्लर्क बनाने पर ही ध्यान दिया। इसलिए जरूरी है कि शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव किए जाए। इन्ही बदलावों के माध्यम से हम फिर से विश्व गुरू के रूप में अपनी पहचान बना सकते हैं। इसके लिए सूचना तकनीक, ऑनलाइन सुविधाओं, कौशल विकास व अनुसंधान पर विशेष ध्यान देना होगा।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय मिशन ऑन टीचर्स एंड टीचिंग के तहत विश्वविद्यालय में आयोजित इस एक दिवसीय परिसम्मेलन में शामिल प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुखों को उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए।
उन्होनें ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सीधा अर्थ है ऐसे मानव संसाधन तैयार करना, जो शिक्षा, व्यापार, उद्योग, सरकार, सेवा आदि क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूर्ण करने में कुशल हों। उच्च शिक्षण संस्थानों को इस दिशा में अपनी ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए।
उन्होंने इस मौके पर संविधान निर्माण में बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की भूमिका का उल्लेख करते हुए विश्वविद्यालय में प्रेरणा स्वरूप उनकी प्रतिमा स्थापित करने की बात कही। उन्होंने अपने एैच्छिक कोष से हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय को 11 लाख रूपये का अनुदान प्रदान करने की भी घोषणा की।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामबिलास शर्मा ने कहा कि आपसी सहयोग से ही सफलता का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। अध्ययन व अध्यापन निरंतर जारी रहना चाहिए। उन्होंने महाराणा प्रताप व शहीद उधम सिंह का जिक्र करते हुए स्वर्णिम भारतीय इतिहास की ओर भी शिक्षाविदों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें उस इतिहास को याद करते हुए भारतीय ख्याति व गौरव को पुनःस्थापित करने के लिए मिलकर साझा प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर रामबिलास शर्मा, विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.सी. कुहाड़ ने की। इस मौके पर राज्यपाल के सचिव श्री विजय सिंह दहिया, चैधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह, चैधरी रणवीर सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.बी. सोलंकी, चैधरी देवी लाल विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. विजय कायत, महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. श्रेयांश द्विवेदी, एनआरसी के निदेशक डॉ. बी.एन. त्रिपाठी सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के निदेशक, अधिष्ठाता व वरिष्ठ प्रशासक भी मौजूद रहे।

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हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि जो समाज शहीदों को भूल जाता है वह कायम नहीं रह सकता।

चंडीगढ़, 19 जुलाई। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि जो समाज शहीदों को भूल जाता है वह कायम नहीं रह सकता। हमें शहीदों को सदा सम्मान देना चाहिए। आज देश में ऐसे ही शहीदों को सम्मान देने वाली सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही है। श्री आर्य आज गांव भोजावास की आईटीआई में श्री गुरु रविदास विश्व महापीठ के तत्वावधान में चमार रेजीमेंट के एकमात्र जीवित योद्धा 100 वर्षीय हवलदार चुन्नीलाल के सम्मान समारोह में संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डा. आंबेडकर फाउंडेशन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सदस्य सूरजभान कटारिया ने की।
इस मौके पर महामहिम ने ग्रामीणों की मांग पर गांव भोजावास में गुरु रविदास विश्व महापीठ द्वारा बनाई जाने वाली एससी शोध संस्थान के भवन के निर्माण के लिए 11 लाख रुपए देने की घोषणा की। इसके अलावा हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने 11 लाख व हरियाणा विधानसभा की डिप्टी स्पीकर संतोष यादव ने भी 5 लाख रुपए देने की घोषणा की। राज्यपाल ने इसी प्रकार खेड़ी में दलित स्मृति स्थल के लिए भी 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।
राज्यपाल ने कहा कि समाज के लोग वीर योद्धा चुन्नीलाल के जीवन व चरित्र से प्रेरणा लें। समाज के लोग अपने बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें तथा नशे जैसी बुराइयों से दूर रहें ताकि समाज सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें। उन्होंने कहा कि जब अंग्रेज सेना अपने देश के नागरिकों के खिलाफ ही लड़वा रही है तो उस समय चुन्नीलाल ने अंग्रेजों के खिलाफ बगावत कर आजाद हिंद फौज में अपनी सेना का विलय कर लिया। यह अंग्रेजों के लिए एक बहुत बड़ा झटका था।
उन्होंने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर ने संगठित रहने व संघर्ष करने का नारा दिया था जिसके बाद देश को आजादी मिली थी। आजादी के बाद इस समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए उन्होंने आरक्षण की व्यवस्था की थी। उनके सपने को साकार करने के लिए जरूरी है कि समाज शिक्षा पर विशेष ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि समाज में जब भी ऊंच-नीच और भेदभाव होता है तो कोई ना कोई महापुरुष जन्म लेता है ऐसे ही महापुरुष संत रविदास हुए जिन्होंने पूरी मानवता को राह दिखाई। आज हमें खुशी है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविदास द्वारा दिए गए विचारों को लेकर चल रहे हैं तथा समाज को आगे बढऩे में हर संभव मदद कर रहे हैं।
इस मौके पर हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा व पूर्व केंद्रीय मंत्री संघप्रिय गौतम तथा हरियाणा विधानसभा की डिप्टी स्पीकर संतोष यादव ने भी सम्मान समारोह को संबोधित किया।
इस अवसर पर उपायुक्त जगदीश शर्मा, पुलिस अधीक्षक चंद्रमोहन, भिवानी बीजेपी जिला अध्यक्ष नंदराम धानिया, रविदास महापीठ के प्रदेश अध्यक्ष हितेंद्र चौधरी, रविदास महापीठ के जिला अध्यक्ष रामनिवास खेड़ी, एडवोकेट विनोद कुमार, सरपंच मंजू देवी, शेर सिंह फौजी, रूप सिंह राणा, कर्मचारी नेता राजेंद्र सिंह, समाजसेवी जयप्रकाश अंबेडकर, समिति के अध्यक्ष सुबे सिंह, रविदास सभा भोजावास अध्यक्ष महावीर सिंह के अलावा अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद थे।