चंडीगढ़, (सुनीता शास्त्री),07.07.19-जिंदगी में योगा की भूमिका दर्शाने के लिए लोगों को इसके लाभों के बारे संवेदनशील बनाकर नशा रोकने तथा नशा छुड़ाने के लिए 30 मिनट योग प्रोटोकाल पेश किया गया। यह पेशकश पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन की डायरेक्टर डा. शिरले टेलज ने यहां चंडीगढ़ में जोशी फाऊंडेशन द्वारा आयोजित सेमीनार में की। यह कार्यक्रम मुख्यतिथि संजय बेनीवाल डायरेक्टर जनरल पुलिस चंडीगढ़, गेस्ट आफ ऑनर डा. महिन्द्र सिंह प्रिंसीपल गवर्नमैंट कालेज आफ योगा एजूकेशन एंड हेल्थ व जोशी फाऊंडेशन के चेयरमैन विनीत जोशी व अध्यक्ष सौरभ जोशी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पतंजलि के तीन वैज्ञानिकों ने जोशी फाऊंडेशन द्वारा बुलाए गए 150 से ज्यादा योग ट्रेनरों के लिए योग प्रोटोकाल दर्शाया। काफी शोध उपरांत, नशा छुड़ाने के लिए बनाए गए इस 30 मिनट के योगा प्रोटोकाल में भसत्रिका प्रणाायाम (सांस क्रिया योग), कपालभाति प्रणायाम (उच्च स्वास योग), भरमरी प्राणायाम (बंबल बी सांस क्रिया) आवाज के साथ सांस क्रिया वाला पदहस्त आसन (हाथों से पैरों वाला आसन) अद्र्धचकरासन (आधे चक्कर वाला आसन) वीरभद्रासन (यौद्धे का पोज), दाएं व बाएं चक्रासन (मधाणी पोज) परवतासन (पहाड़ का पोज) भूजंगासन (कोबरा पोज), सलभासन (टिडा पोज), विपरीतकरनी (दीवार के साथ या बिना सहायता वाला पोज) तथा शवासन (लाश पोज) आदि योगासन रखे गए हैं। डा. शिरले टेलज ने बताया कि योगा के साथ नशीले पदार्थों को त्यागने का इलाज किया जा सकता है। उसने रोग द्वारा नशा मुक्ति पर प्रकाण डालते हुए कहा कि सलाह, सहायता समूह तथा स्वास्थ्यमंद पोषण के सुमेल के साथ योगा बड़े अच्छे नतीजे दे सकता है।डीजीपी संजय बेनीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस को भी योगा को अपनी रूटीन का हिस्सा बनाना चाहिए तथा इसी द्वारा डयूटी दौरान तनाव कम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगा मानसिक, शारीरिक तथा अध्यात्मिक अभ्यास तथा अनुशासन का सुमेल है तथा आने वाले भविष्य में वह भी इस लहर को फैलाने के लिए पतंजलि रिसर्च फाऊंडेशन तथा जोशी फाऊंडेशन के साथ मिलकर चलेेंगे। चंडीगढ़ गवर्नमैंट कालेज आफ योगा एजूकेशन एंड हेल्थ के प्रिंसीपल डा. महिन्द्र सिंह भी इस अवसर पर विशेष तौर पर मौजूद थे ।