ऊना, 29 नवंबर. उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और नशे में संलिप्तता से जुड़ी गतिविधियों पर कड़ी नकेल कसने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित और निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वे शनिवार को डीआरडीए बैठक हाल में जिला सड़क सुरक्षा समिति तथा राष्ट्रीय नार्को समन्वय पोर्टल (एन-कॉर्ड) के तहत गठित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में पुलिस अधीक्षक अमित यादव, जिले के सभी एसडीएम, पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डीसी ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं और नशे से जुड़े मामलों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित विभाग समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ओवरस्पीड, गलत ओवरटेकिंग और लापरवाही से ड्राइविंग सड़क हादसों के प्रमुख कारण बनते हैं। ऐसे में इसपर तत्काल और सख्त काबू की आवश्यकता है।

*स्पीड लिमिट का सख्ती से होगा पालन, एनएच पर बढ़ेगी निगरानी
*नगर निगम क्षेत्र में वाहन श्रेणी के अनुसार निर्धारित है 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट
*नेशनल हाईवे पर निर्धारित है 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा
उपायुक्त ने नगर निगम ऊना क्षेत्र में गति सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निगम क्षेत्र में वाहन श्रेणी के अनुसार निर्धारित 20 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड लिमिट का सख्ती से अनुपालन कराया जाए। नगर निगम अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि शहर के प्रवेश द्वारों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर गति सीमा संबंधी सूचनात्मक बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए। इसके साथ ही पूरे जिले में नेशनल हाईवे पर वाहन वर्ग के अनुरूप 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटा की निर्धारित गति सीमा का भी सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
मैहतपुर–दौलतपुर एनएच पर तेज रफ्तार और गलत ओवरटेकिंग की घटनाएं अधिक होने पर उन्होंने इस रूट पर लगातार निगरानी रखने को कहा। बडूही से मुबारिकपुर सड़क मार्ग को संवेदनशील बताते हुए उपायुक्त ने पूरे स्ट्रेच पर पर्याप्त लाइटिंग, रंबल स्ट्रिप, साइन बोर्ड और बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईवे का कोई भी हिस्सा डार्क ज़ोन नहीं रहना चाहिए।

*मुख्य बाजारों में चिन्हित होंगे ‘नो वेंडिंग–नो पार्किंग ज़ोन’

जिले में जनता की सुविधा के लिए भीड़ भाड़ नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए डीसी ने कहा कि प्रत्येक उपमंडल में मुख्य बाजार के एक हिस्से को ‘नो वेंडिंग–नो पार्किंग ज़ोन’ के रूप में चिन्हित किया जाएगा। इस संबंध में एसडीएम स्थानीय व्यापार मंडलों के साथ विचार-विमर्श कर एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव भेजेंगे। उन्होंने कहा कि 300–400 मीटर का छोटा निर्धारित क्षेत्र भी भीड़ से राहत देने में पर्याप्त हो सकता है। उन्होंने मुख्य बाजारों में लोडिंग–अनलोडिंग का समय निर्धारण करने को भी कहा।
उन्होंने सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए एसडीएम, पीडब्ल्यूडी और नगर निकायों की संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

*स्कूलों में रोड सेफ्टी और नशा निवारण गतिविधियों की दैनिक रिपोर्ट दें

उपायुक्त ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि स्कूलों में सड़क सुरक्षा और नशा निवारण विषय पर दैनिक गतिविधियां आयोजित की जाएं और इसकी रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए। उपनिदेशक शिक्षा को निर्देश दिए कि वे सभी प्रिंसिपल को निर्देशित करें कि वे अपने संस्थान के आसपास नशे की गतिविधियों पर निगरानी रखें। इसे लेकर उपनिदेशक उनसे मासिक रिपोर्ट लें।

*नशा निवारण एवं पुनर्वास केंद्रों की सख्त मॉनिटरिंग
एन-कॉर्ड बैठक में डीसी ने नशा निवारण और पुनर्वास केंद्रों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भर्ती मरीज की एंट्री और एग्जिट का रिकॉर्ड अद्यतन रहे तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुशंसा के बिना किसी व्यक्ति को भर्ती न किया जाए। उन्होंने बाहरी राज्यों से अवैध शराब सप्लाई पर भी पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए।


वहीं, पुलिस अधीक्षक अमित यादव ने कहा कि जिला पुलिस सड़क सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाएगी। ओवरस्पीड, रैश ड्राइविंग और गलत ओवरटेकिंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रात्रि के समय दुर्घटना संभावित स्थलों पर फ्लैशर लाइट, रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और बैरिकेड लगाने पर जोर दिया तथा लोगों से यातायात नियमों और नशा निवारण अभियान में प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।

बैठक में एसडीएम ऊना अभिषेक मित्तल, एसडीएम हरोली विशाल शर्मा, एसडीएम गगरेट सौमिल गौतम, एसडीएम बंगाणा सोनू गोयल , नगर निगम ऊना के संयुक्त आयुक्त मनोज कुमार सहित,पुलिस, आबकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।