सिरमौर में कोरोना काल के दौरान अनाथ बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना से जोड़ने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू
योजना का लाभ लेने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से करें ऑनलाइन आवेदन या 1098 पर करें संपर्क

नाहन 22 मई - जिला सिरमौर में कोरोना काल के दौरान अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना के तहत मदद मुहैया कराई जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त सिरमौर राम कुमार गौतम ने दी।
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर में कोरोना काल के दौरान अनाथ हुए बच्चों को इस योजना से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनाथ बच्चों की बारे में जानकारी मुहैया करवाएंगी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कोविड-19 महामारी में केवल माता या केवल पिता या माता-पिता दोनों को खोने वाले बच्चों की देखभाल की जाएगी तथा उन्हें सुरक्षा दी जाएगी। स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से ऐसे बच्चों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को सक्षम किया जाएगा। इन बच्चों का बैंक खाता खोला जाएगा। खाता खोलने के दिन बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होने पर जिला दण्डाधिकारी को अभिभावक के रूप में रखते हुए बच्चे के साथ संयुक्त खाता खोला जाएगा। यदि बच्चे ने इस दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है तो खाता उनके नाम से खोला जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि ऐसे बच्चों के रिश्तेदार व बच्चे स्वयं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं तथा 1098 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बच्चों को शिक्षा सुविधा के साथ-साथ फंड की सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी। 10 वर्ष तक बच्चे को निकटतम केंद्रीय विद्यालय या एक निजी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में प्रवेश दिया जाएगा। अगर बच्चे को किसी निजी स्कूल में भर्ती कराया जाता है तो शिक्षा के अधिकार के मानदंडों के अनुसार फीस पीएम केयर्स से दी जाएगी। स्कूल वर्दी, पाठ्यपुस्तकों और नोटबुक पर खर्च के लिए भी पीएम केयर्स से भुगतान किया जाएगा। ऐसे बच्चे, जिनकी आयु 18 वर्ष है, उन्हें स्कॉलरशिप प्रदान की जाएगी व उनके 23 वर्ष के होने के बाद पीएम केयर्स से प्रति बच्चे को 10 लाख का फंड मुहैया करवाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, अनाथ बच्चों को आगे की शिक्षा प्राप्त करने के लिए लोन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके साथ-साथ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख का स्वास्थ्य बीमा भी उपलब्ध करवाया जाएगा जिसका प्रीमियम सरकार वहन करेगी।

उपायुक्त ने जिला के सभी लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों की जानकारी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से या 1098 पर साझा करें ताकि कोरोना काल के दौरान अनाथ हुआ कोई भी बच्चा इस योजना का लाभ लेने से वंचित न रहे।
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मुख्यमंत्री स्वाबलम्बन योजना से राकेश के सपनों ने भरी उड़ान
जज्बा, जुनून, लग्न, मेहनत और भाग्य के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी तथा आर्थिक मदद मिले तब बेरोजगार युवा स्वरोजगार सृजन कर स्वाबलम्बी बन सकता हैं।
वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए 18 से 45 वर्ष तक के पुरुषों तथा 18 से 50 वर्ष तक की महिलाओं के लिए अनेकों प्रोत्साहन योजनाऐं चलाई जा रही हैं। इसी दिशा में युवाओं में कौशल विकास तथा स्वरोजगार सृजन के अतिरिक्त उन्हें स्वाबलम्बी बनाने के लिए मुख्यमंत्री स्वाबलम्बन योजना क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना के अर्न्तगत 1 करोड़ रूपये तक की मशीनरी तथा संयन्त्र में निवेश पर 25 प्रतिशत का निवेश उपदान जबकि महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत और विधवा महिला को 35 प्रतिशत उपदान उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के लाभार्थी 36 वर्षीय राकेश कुमार, पुत्र जैसी राम गांव हरीपुर पांवटा साहिब जिला सिरमौर, का कहना है कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह 12वीं तक ही शिक्षा ग्रहण कर पाये। उनका सपना था कि वह स्वरोजगार के साधन सृजित कर अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन यापन कर सकें, लेकिन धन के अभाव की वजह से कोई भी व्यवसाय नहीं कर पा रहे थे। राकेश कुमार ने पारिवारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कई वर्षों तक एक निजी कम्पनी में कार्य किया, लेकिन कोरोना महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लग गया जिससे कम्पनी ने उनका वेतन आधा कर दिया। बस यही समय था जब उन्होंने ठाना कि निजी कम्पनी में नौकरी न करके स्वयं का व्यवसाय शुरू करेगें।
राकेश कुमार ने सरकारी योजनाओं के सम्बन्ध में जिला मुख्यालय नाहन के कार्यालयों में जाकर जानकारी इकट्ठी की। उन्हें जिला उद्योग केन्द्र नाहन से मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना की जानकारी मिली तथा इसके सम्बन्ध में उन्होंने सभी उौपचारिकताएं पूर्ण कर 22 लाख रुपये की कार्य योजना स्वीकृत करवाई तथा उन्हें इस योजना के तहत 6.25 लाख रुपये का उपदान मिला है। उन्होंने जिला सिरमौर के माजरा में राजवी साल्वेंट प्रा0 लिमिटेड नाम से अक्तूबर 2020 में कार्य आरम्भ किया तथा टॉयलेट क्लीनर, वाशिंग पाउडर, फिनाइल, डिशवाश तथा हैंडवाश इत्यादि उत्पाद निर्मित करने आरम्भ कियें। राकेश कुमार बताते हैं कि उनकी कंपनी में 10 से 12 बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया गया है। उनके उत्पाद उतराखण्ड, पांवटा साहिब, नाहन तथा स्थानीय स्तर पर घर-घर जाकर बेचे जा रहे हैं जिनसे उन्हें अच्छा मुनाफा हो रहा है।
महा-प्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र नाहन ज्ञान सिंह चौहान ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा जिला सिरमौर में अब तक मुख्यमंत्री स्वाबलम्बन योजना के तहत 567 इकाईयों को स्थापित कर 19 करोड़ 59 लाख रूपये अनुदान के रूप में प्रदान किये गये हैं। वित वर्ष 2022-23 के लिए भी इस योजना में 315 लाभार्थियों को ऋृण प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।

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