CHANDIGARH,20.02.21-कोरोना के बादल छॅंटने के बाद पटरी पर लौट रही जिंदगी में संगीत एवं कला तथा कलाप्रेमियों के बीच माध्यम के रूप में प्राचीन कला केन्द्र ने निरंतर अपनी भूमिका निभाई है और अब केन्द्र आॅफ लाईन कार्यक्रमों की तरफ बढ़ रहा है । इसी कड़ी में आज केन्द्र द्वारा एकल तबला वादन की प्रस्तुति दिल्ली घराने के युवा तबला वादक सूरज निर्वाण द्वारा दी गई ।इस कार्यक्रम का आयोजन केन्द्र के एम.एल.कौसर सभागार में सायं 6रू30 बजे से किया गया ।

आज के कलाकार सूरज निर्वाण का जन्म एक संगीतज्ञ परिवार में हुआ । इन्होंने तबला वादन की शिक्षा अल्पायु से लेनी शुरू की । इनके पिता प्रसिद्ध तबला वादक श्री सुभाष निर्वाण के शिष्यत्व में तबला की शिक्षा प्राप्त करने वाले सूरज संगीत जगत में ऐसे मुकाम पर हैं जहां संगीत प्रेमियों के दिल में उनकी खास जगह है । देश के विभिन्न शहरों में अपनी कला का दम दिखा चुके सूरज ने कला प्रेमियों की खूब प्रशंसा प्राप्त की है ।

आज के कार्यक्रम की शुरूआत दिल्ली घराने के तीन ताल में निबद्ध पेशकार से की । अति विलम्बित से शुरू करके विलम्बित,मध्य,द्रुत लय में दिल्ली की घराने की पारम्परिक रचनाएं पेश की । साथ ही उन्होंने अपने गुरूओं और स्वरचित रचनाएं पेश करके दर्शकों की खूब तालियां बटोरी । सूरज ने दिल्ली घराने की विशेषताओं से सजी कुछ लयकारियां भी पेश की । कार्यक्रम का समापन इन्होंने अति द्रुत लय में निबद्ध रचनाओं से किया । इनके साथ सारंगी पर श्री राजेश कुमार ने बखूबी संगत की ।

कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को पुष्प एवं मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया ।