CHANDIGARH,13.02.21-प्राचीन कला केन्द्र के गुरमत संगीत विभाग द्वारा हर महीने के दूसरे शनिवार को गुरमत बैठक का आयोजन किया जाता है । इस बार गुरमत संगीत की चैथी वैबबैठक में युवा एवं प्रतिभाशाली गायिका आशुप्रीत एवं उनके समूह ने शब्द गायन पेश किया । गुरमति संगीत की पुरातन मर्यादा अनुसार मधुर कीर्तन से इन कलाकारों ने संगत को निहाल किया । इस कार्यक्रम में कई जानीमानी हस्तियों ने शिरकत की । इस बैठक को केन्द्र के एम.एल.कौसर सभागार में आयोजित किया गया तथा इसके साथ-साथ सोशल मीडिया जैसे केन्द्र के अधीकृत यूटयूब चैनल,फेसबुक तथा इंसटा पेज पर भी लाईव प्रसारित किया गया ।

आशुप्रीत ने अल्पायु से ही संगीत की शिक्षा प्राप्त की । इन्होंने श्री ओम प्रकाश थापर जी से संगीत की प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की । संगीत की बारीकियां आजकल ये विदुषी अश्विनी भिड़े देशपांडे से सीख रही हैं । आशुप्रीत दूरदर्शन जालंधर एवं ।प्त् की ए ग्रेड कलाकारा हैं ।

कार्यक्रम की शुरूआत में आशुप्रीत ने गुरबानी के प्रथम राग श्री से कार्यक्रम की शुरूआत की । इस राग में उन्होंने एक सुंदर शब्द ‘‘रंग रता मेरा साहिब’’ पेश किया। उपरांत राग कल्याण में निबद्ध शब्द ‘‘प्रभ की जय कृपा निधान’’ पेश किया । इसके पश्चात राग सरथ में निबद्ध शब्द ‘‘माधवे तुम न तोरो तो हम नहीं तोरह’’ एवं राग बिहागड़ा में सजा शब्द ‘‘अति प्रीतम मनमोहना’’ पेश किया । कार्यक्रम का समापन इन्होंने राग बसंत में सजी रचना ‘‘देख फूल-फूल फूले’’ पेश की जिसे सुन संगत निहाल हो गई ।

इनके साथ संगत कलाकारों में गायन पर अनुप्रीत कौर,पूजाप्रीत कौर ने संगीत की तथा तबले पर तिलक राज सिंह ने बखूबी संगत की ।