CHANDIGARH,05.12.20-प्राचीन कला केन्द्र द्वारा आज एम.एल.कौसर सभागार में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें गुरमति संगीत की दूसरी बैठक का आयोजन किया गया । जिसमें सिक्ख पंथ के कीर्तनकार भाई अवतार सिंह जी तथा भाई हरभाग सिंह जी बोदल (गरना साहिब पातशाही 6 वाले) ने गुरमति संगीत की पुरातन मर्यादा अनुसार मधुर कीर्तन से संगत को निहाल कर दिया। इस कार्यक्रम में गुरमति संगीत के क्षेत्र से जुड़े बहुत सी महान हस्तियों ने शिरकत की । इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों में सरदार गुरविंदर वीर सिंह, प्रेसीडेंट गुरूद्वारा खेड़ी साहिब, सरदार एन.पी.संधु,डिप्टी डायरेक्टर,डिर्पाटमेंट आॅफ हॉस्पिटैलिटी ,तृप्तजीत कौर संधु फोक गुरमति संगीत कीर्तनकार ने शिरकत की । इस कार्यक्रम को केन्द्र के सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे यूटयूब चैनल,फेसबुक एवं टविटर पेज पर भी लाईव प्र्रसारित किया गया ।

इस कार्यक्रम में बहुत सीमित और खास दर्शक ही उपस्थित थे क्यों कि कोविड 19 के नियमों के तहत सीमित दर्शक ही आमंत्रित किए गए । समागम के दौरान विशेष तौर से सामाजिक दूरी,सैनेटाईजेशन जैसे नियमों का पालन किया गया । इस कार्यक्रम का संचालन प्राचीन कला केन्द्र के गुरमति संगीत विभाग के प्रमुख श्री मलकीत सिंह जडियालां द्वारा किया गया । श्री मलकीत सिंह ने गुरमति के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है । गुरमति संगीत बैठक का आयोजन हर महीने के पहले शनिवार को किया जाएगा ।

दूसरी गुरमति संगीत बैठक में सबसे पहले भाई भाई अवतार सिंह जी ने राग श्री में निबद्ध शब्द ‘‘मन पियारिया जिओ मित्रा ’’ प्रस्तुत किया । उपरांत राग तुखारी में निर्धारित शब्द " अंतर पीरी प्यार " पेश किया गया

इस कार्यक्रम का मंच संचालन श्री भूपिंदर सिंह मल्लिक द्वारा किया गया । कार्यक्रम के अंत में कलाकारों को सम्मानित किया गया