CHANDIGARH,04.12.20-मेहरा एनवायरमेंट एंड आर्ट फाउंडेशन के संस्थापक एवं चेयरमैन कुलदीप मेहरा ने जानकारी दी कि उन्होंने आज हरियाणा सरकार में माननीय सहकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री डॉ बनवारी लाल जी के सेक्टर 5, चंडीगढ़ स्तिथ आवासीय परिसर में रुद्राक्षरोपण किया। यहां सहकारिता मंत्री ने रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि हमारी सभ्यता एवं संस्कृति में आरम्भ से ही पेडों को देवतुल्य माना गया हैं।

यह भी बताया कि पृथ्वी पर जन्में सभी जीवों में मात्र मनुष्य ही बुद्धिजीवी वर्ग है जो पौधरोपण कर सकता है और मानव जीवन में पेड़ों का इसलिए भी विशेष महत्व माना गया है चूंकि हमें जो शुद्ध ऑक्सिजन की आवश्यकता पड़ती है वो पेड़-पौधों से ही मिलती है इसलिए हमें अपने जीवनकाल में एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए ताकि निरंतर शत प्रतिशत शुद्ध ऑक्सीजन का पूर्ति चक्र चलता रहें। अगर हमें हरा-भरा एवं स्वस्थ वातावरण चाहिए तो हमें अपने आसपास के स्थलों जैसे घरों के प्रांगण, स्कूल एवं कॉलेजों के प्रांगण, सार्वजनिक भूमि, पंचायत घरों, धार्मिक स्थलों, सड़कों, नहरों एवं नदियों के किनारों पर अधिक से अधिक मात्रा में पौधरोपण करना चाहिए। हरियाणा सरकार तो पहले से ही देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा चलाये गए पर्यावरण एवं जलवायु संरक्षण के लिये वृक्षारोपण कार्यक्रम के प्रति संकलिप्त है।
रुद्राक्ष:- रुद्राक्ष का शाब्दिक अर्थ होता है "रूद्र की आँख’’, रुद्राक्ष मनुष्य के लिए भगवान शिव द्वारा प्रदान किया हुआ एक अनुपम उपहार है। अगर हम पौराणिक कथानुसार माने तो जब भगवान शिवजी ने त्रिपुर नामक असुर के वध के लिए महाघोर रूपी अघोर अस्त्र का चिंतन किया, तब उनके नेत्रों से आंसुओं की कुछ बूंदे धरती पर गिरीं, जिनसे रुद्राक्ष के वृक्ष की उत्पत्ति हुई। तभी से रुद्राक्ष का माहात्म्य बढ़ गया और वेदों में इसकी महिमा पाई गई है। रुद्राक्ष के संबंध में हमें शिवपुराण, पदमपुराण, स्कन्द पुराण, रुद्राक्ष, रुद्रपुराण, श्रीमदभागवत, ऋग्वेद, यजुर्वेद, अथर्ववेद, काठक संहिता, विष्णुधर्मोंत्तर पुराण, सूत्रधार, विज्ञान, याज्ञवलक्य स्मृति आदि अनेकानेक ग्रन्थों में रुद्राक्ष का विशद वर्णन देखने को मिलता है।