अरुण सूद ने की अमित शाह के जल्द स्वास्थ्य होने की कामना

चंडीगढ़ 2 अगस्त 2020। भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अरुण सूद ने कारोना पॉजिटव पाए जाने पर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है ।

आज यहां जारी एक बयान में अरुण सूद ने कहा है की माननीय अमित शाह सही मायने में हर प्रकार के उत्तम योद्धा है और एक सच्चे सेनानी हैं। उन्होंने दिल्ली में ही नही बल्कि पूरे देश मे कोविड के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए कड़ी मेहनत की है। यह उनकी दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि भारत मे कारोना के दुष्परिणाम दुनिया के कई देशों से कम है। वे भगवान से उनके शीघ्र स्वास्थ्य होने की प्रार्थना करते है।

अरुण सूद ने तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारीलाल व उत्तरप्रदेश भजपा के प्रदेशाध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के भी कारोना पॉजिटव पाए जाने पर भी चिंता व्यक्त की ओर उनके भी शीघ्र ही स्वस्थ होने की कामना की है।

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*शिक्षा नीवँ मजबूत होने से होगा नए युग का सूत्रपात --- कैलाश जैन*

चंडीगढ़ 1अगस्त 2020 ।मोदी सरकार ने नई शिक्षा नीति में क्रांतिकारी बदलाव करते हुए देश के भावी निर्माताओं की शिक्षानीति में व्यवस्था इस कदर मजबूत करने का प्रावधान किया है जिससे एक नए युग का सूत्रपात होगा । इतना ही नहीं बल्कि शिक्षा के लिए बजट में जीडीपी का भारी-भरकम 6% खर्च करने का प्रावधान किया गया है । जबकि पिछले दौर में कांग्रेस की सरकार शिक्षा के लिए बजट में तिल भर पैसों की व्यवस्था किया करती थी।

भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ के प्रदेश प्रवक्ता एवं व्यापारी नेता कैलाश चंद जैन ने उक्त विचार व्यक्त करते हुए नई शिक्षा नीति का स्वागत किया है और इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन मंत्री श्री रमेश पोखरियाल निशंक का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने शिक्षा नीति को रोजगारोन्मुख बनाए जाने पर उदगार व्यक्त करते हुए कहा की इस नीति में युवाओं को ऊंचाइयां छूने के लिए पंखों का पुख्ता बंदोबस्त किया गया है। नई शिक्षा नीति में हायर एजुकेशन को दुनिया के बाजार और जरूरतों के मुताबिक ढाला गया है। उन्होंने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को भी विशेष श्रेय देते हुए कहा कि उत्तराखंड के बुद्धिजीवी निशंक न केवल प्रख्यात साहित्यकार है बल्कि भारतीय संस्कृति को भी उन्हें की भी उन्हें गहरी समझ है । इसलिए आशा है नई शिक्षा नीति अमल में लाने पर हमारी भावी पीढ़ी में समृद्ध संस्कारों को बढ़ावा मिलेगा ।

कैलाश जैन ने कहा कि विगत में भारतीय इतिहास में भारत की संस्कृति और छवि को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में इतिहास रचने वाले और शिक्षा नीतियां गढ़ने वाले तथाकथित बुद्धिजीवी दरअसल इस्लाम और पश्चिमी संस्कृति और सभ्यता के पैरोकार थे । अब पांचवी तक पढ़ाई होगी मातृभाषा या स्थानीय भाषा में । त्रिभाषा फार्मूला में संस्कृत के साथ अन्य भारतीय भाषाओं का भी विकल्प होगा ।

उन्होंने गैर भाजपा सरकारों और पार्टियों पर तंज कसते हुए कहा कि उनके नेता वक्त वक्त पर तबादले की तलवारे लेकर शिक्षक समुदाय में आतंक मचाते रहते थे और शिक्षा व्यवस्था में अपनी राजनीति का कीचड़ फैलाते रहते थे। जबकि नई शिक्षा नीति के तहत न तो किसी शिक्षक का बेवजह तबादला होगा और ना ही उन्हें गैर शिक्षक कार्यों में झोंकने के लिये मजबूर किया जाएगा। भाजपा नेता ने चंडीगढ़ की शिक्षा प्रणाली का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां बहुत से ऐसे सरकारी और प्राइवेट स्कूल हैं जहां लैपटॉप जैसी आधुनिक तकनीक के साधनों का अभाव है और प्रयोगशालाओं में पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं है । ऐसी कमियों को देखते हुए ही मोदी सरकार ने चार- पांच स्कूलों का एक-एक क्लस्टर बनाने का प्रावधान किया है । जिसमें एक लीड स्कूल होगा जो इन स्कूलों में संसाधनों का आदान-प्रदान उनकी जरूरतों के अनुसार करेगा ।

नई शिक्षा नीति के महत्वपूर्ण पहलुओं को छूते हुए कैलाश जैन ने कहा कि छात्रों का अब एक भी वर्ष बर्बाद नहीं होगा । यदि एक साल बाद किसी छात्र को वित्तीय, शारीरिक या किसी अन्य पारिवारिक समस्या की वजह से पढ़ाई बीच मे छोड़नी पड़ती है तो भी उसे एक साल की पढ़ाई के एवज में सर्टिफिकेट, दो साल की पढ़ाई में डिप्लोमा, ओर तीन साल में डिग्री मिल सकती है । और अगर वह पूरे 4 साल का कोर्स कर लेता है तो वह स्नातक डिग्री पाने का पात्र हो जाएगा। इस प्रकार इस नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों के सर्वगींण विकास में सहायक होगी।