PANCHKULA,02.08.20-रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, अपनत्व तथा प्यार के धागों से जुड़ा त्यौहार है।एक ऐसा पर्व जो घर-घर में भाई-बहन के रिश्तों में नवीन उर्जा एवं आपसी प्रगाढता का संचार करता है ।भाई-बहन का प्रेम बड़ा अनूठा और अद्वितीय माना गया है। बेहद शालीन एवं सात्विक स्नेह सम्बन्धों का यह पर्व सदियों पुराना है। मिसेज युनिवर्स अनुपमा शर्मा ने कहा कि,आज बहुत जरूरत है दायित्वों से भरी राखी का सम्मान करने की, क्योंकि राखी का रिश्ता महज कच्चे धागों की परंपरा नहीं है ,तथा लेन-देन की परंपरा में प्यार का कोई मूल्य भी नहीं है। बल्कि जहाँ लेन-देन की परंपरा होती है ,वहाँ प्यार तो टिक ही नहीं सकता ।सभी भाईयों और बहनों को एक-दूसरे के प्रती प्रेम और क्तवय का पालन और रक्षा का दायित्व लेते हुए ढेर सारी शुभकामनाओं के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाना चाहिए।आज भातृत्व की सीमाओं को बहन फिर चुनौती दे रही है, क्योंकि उसकी उम्र का हर पड़ाव असुरक्षित है ।उसकी इज्जत एवं अस्मिता को बार-बार नोचा जा रहा है ।बौद्धिक प्रतिभा होते हुए भी उसे उंची शिक्षा से वंचित रखा जाता है तथा पढी-लिखी होने के बावजूद भी उससे हर स्तर परिवारिक-सामाजिक भेद-भाव झेलना पड़ता है, क्योंकि आखिर उसे घर ही तो संभालना है ।नई सभ्यता ओर नई संस्कृति से अनजान रखा जाता है ,ताकि वह भारतीय आदर्शों एवं सिद्धांतों से बगावत ना कर बैठे ।इन हालातों में उसकी योग्यता, अधिकार, चिन्तन और जीवन का हर सपना कसमसाते रहते हैं इसलिए राखी के इस परम पावन पर्व पर भाईयों को इमानदारी से पुनः अपनी बहन ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण नारी जगत की सुरक्षा और सम्मान करनें की कसम लेने की अपेक्षा है ।तभी राखी का यह पर्व सार्थक बन पड़ेगा और भाई-बहन का प्यार शाश्वत रह पाएगा।