CHANDIGARH,31.07.20,प्राचीन कला केंद्र दवारा महान बासुरी वादक पंडित पन्ना लाल घोष की १०९ वि जयंती के अवसर पर आयोजित किये जा रहे तीन दिवसीय फ्लूट फेस्टिवल के आखरी दिन युवा एवं प्रतिभाशाली कलाकार राजेश प्रसन्ना द्वारा बासुरी वादन पेश किया गया . इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण प्राचीन कला केंद्र के आधिकारिक यूट्यूब चैनल एवं फेसबुक एवं इंस्टा पेज पर किया गया

इस अवसर पर देश के कुछ जानें माने बासुरी वादकों जैसे रोनू मजूमदार, राजेंद्र प्रसन्ना , प्रवीण गोडखिंडी और चेतन जोशी ने पंडित पन्ना लाल घोष जी के लिए अपनी भावनाये व्यक्त की

अल्पायु से ही संगीत के प्रति रूचि रखने वाले राजेश बनारस घराने के प्रसिद्द बांसुरी वादक रघुनाथ प्रसन्ना के पोते हैं और पंडित राजेंद्र प्रसन्ना के सुपुत्र हैं विरासत में मिले संगीत को राजेश ने बखूबी निभाया है और उन्होंने ने संगीत में नए आयाम हासिल किये हैं राजेश ने अपनी प्रस्तुतियों से संगीत प्रेमियों के दिल में खास जगह बनाई है

आज के कार्यक्रम की शुरुआत राग श्री से की गई जिस में राजेश ने सबसे पहले आलाप से शुरुआत करके दो पारम्परिक गतें विलम्बित एक ताल तथा तीन ताल में प्रस्तुत की इसके राग गोरख कल्याण में राजेश ने रूपक ताल तथा द्रुत तीन ताल में निबद्ध रचना पेश की कर्यक्रम का समापन इन्होने खूबसूरत भटियाली धुन से किया