CHANDIGARH,29.07.20,कोविड १९ के इस भयभीत वातावरण में दिल को शांति और सुकून देने के लिए संगीत से ज़्यादा और कुछ कारगर नहीं है। संगीत जादुई रूप से जीवन में आनंद की अनुभूति करवाता है इसी जादुई अनुभूति के लिए केंद्र सदैव नए प्रयोगों के लिए अग्रसर रहता है। इस मुश्किल समय में भी केंद्र संगीत को कला प्रेमियों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी कड़ी में केंद्र द्वारा महान बांसुरी वादक पंडित पन्ना लाल घोष जी की १०९वी जयंती के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय फ्लूट फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है जिस में देश के बेहद युवा और प्रतिभावान बांसुरी वादकों की मधुर प्रस्तुतियों को पेश करने जा रहा है।

इस तीन दिवसीय फेस्टिवल में षडज गोडखिंडी , हृषिकेश मजूमदार एवं राजेश प्रसन्ना जैसे कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से संगीत प्रेमियों को मंत्र मुग्ध करेंगे ये फेस्टिवल २९ जुलाई से ३१ जुलाई तक चलेगा इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण केंद्र के अधिकृत यूट्यूब चैनल एवं फेसबुक पेज पर किया जायेगा। इसके इलावा इस कार्यक्रम के दौरान मंझे हुए प्रसिद्द बांसुरी वादक जैसे पंडित प्रवीण गोडखिंडी , पंडित रोनू मजूमदार , पंडित राजेंद्र प्रसन्ना एवं पंडित चेतन जोशी जैसे कलाकार पंडित पन्ना लाल घोष जी के लिए अपनी भावनाएं एवं विचार व्यक्त करेंगे।

सबसे पहले यानि आज बैंगलोर के युवा बांसुरी वादक षडज गोडखिंडी जो की प्रसिद्द बांसुरी वादक प्रवीण गोडखिंडी जी के सुपुत्र एवं शिष्य भी हैं षडज ने बहुत कम आयु में सफलता के नए आयाम बनाये हैं लन्दन के ट्रिनिटी कॉलेज ऑफ़ म्यूजिक से ७वा ग्रेड प्राप्त करने वाले षडज ने अपनी म्हणत और प्रतिभा के बल पर संगीत प्रेमियों के दिल में खास जगह बनाई है।

आज के कार्यक्रम में षडज ने राग जोग से शुरुआत की जिस में आलाप से आरम्भ करके गायकी अंग में महारत रखने वाले षडज ने मध्य लय तीन ताल में बंदिश पेश की उपरांत द्रुत लय में निबद्ध बंदिश पेश की

कार्यक्रम का अंत षडज ने तीन ताल से सजी अति द्रुत बंदिश से किया। इनके साथ तबले पर श्री किरण गोडखिंडी ने बखूबी संगत करके कार्यकम को चार चाँद लगा दिए।