सोलन-दिनांक 01.07.2020
जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों में सम्मिलत ग्राम पंचायतों की सूची

उपायुक्त सोलन केसी चमन ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला परिषद सोलन के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) संख्या 1 से 11 में वर्ष 2020 में होने वाले सामान्य निर्वाचन के लिए अंतिम रूप से सारणी अनुसार अधिसूचित कर दिया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 1-दाड़ला में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत बेरल, चाखड़, दाड़ला, दसेरन, ग्याणा, कशलोग, मांगल, मांगु, नवगांव, पारनु, संघोई, सनयाड़ी मोड़ तथा सेवड़ा चंडी को सम्मिलत किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 2-धुन्धन में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत हनुमान बड़ोग, बखालग, बलेरा, बड़ोग, बसन्तपुर, धुन्धन, कुंहर, मटेरनी, घनागुघाट, सारमा, सरयांज, शहरोल, सूरजपुर तथा दावंटी को शामिल किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 3-डुमैहर में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत सरली, भूमती, सानण, चम्यावल, दानोघाट, डुमैहर, बनोह, मान, पलानियां, रोहांज जलाना, देवरा, कोटली, पलोग, दधोगी तथा बातल को सम्मिलत किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 4-कुनिहार में कुनिहार विकास खंड की ग्राम पंचायत हाटकोट, कुनिहार, कोठी, काहला, कनैर, कोट, ममलीग, सतडोल, सायरी, जधाणा तथा विकास खंड सोलन की ग्राम पंचायत हरिपुर, जाबल जमरोट, जाडली, कक्ड़हट्टी तथा पट्टाबरावरी को शामिल किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 5-सिरिनगर में कण्डाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत बांजणी, बाशा, बिशा, चायल, छावशा, देलगी, दंघील, हिन्नर, झाझा, क्वारग, नगाली, सकौड़ी, सिरिनगर, तुन्दल, वाकना, पौधना तथा भारती को शामिल किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 6-सलोगड़ा में कण्डाघाट विकास खंड की ग्राम पंचायत मही तथा सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायात बसाल, धरोट, जौणाजी, कोठों, मशीवर, ओच्छघाट, पड़ग, सलोगड़ा, सन्होल, सेरबनेड़ा, सेरी, शामती, नौणी मझगांव तथा शमरोड़ को सम्मिलत किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 7-सपरून में सोलन विकास खंड की ग्राम पंचायत अन्हेच, बड़ोग, भोजनगर, बोहली, चामत भड़ेच, चेवा, डांगरी, आंजी, सपरून, देवठी, काबाकलां, नेरी कलां, शडियाणा, तोप की बेड़ तथा कोरों को शामिल किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 8-धर्मपुर में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत आंजी मातला, बनासर, चम्मो, धर्मपुर, गुल्हाड़ी, हुड़ंग, जाबली, जंगेशु, प्राथा, रौड़ी, टकसाल तथा नरायणी को शामिल किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 9-कसौली गढ़खल में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत चामियां, गनोल, गढ़खल सनावर, कालुझिंडा, कसौली गढ़खल, कोट, कोटबेजा, कृष्णगढ़, मंधाला, नाहरी, निचली गांगुड़ी तथा पट्टा नाली को सम्मिलत किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 10-दाड़वां में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बढलग, बाड़ियां, भावगुड़ी, बुघार कनैता, चंडी, दाड़वां, टकरियाणा, घड़सी, गोयला, जाडला, नालका, जगजीत नगर को शामिल किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 11-बरोटीवाला में धर्मपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बरोटीवाला तथा सूरजपुर एवं नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत हरिपुर संढोली, गुल्लरवाला, भटोली कलां, ठाणा तथा लेही को सम्मिलत किया गया है।
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सोलन दिनांक 01.07.2020
जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्रों में सम्मिलत ग्राम पंचायतों की सूची----2

उपायुक्त सोलन केसी चमन ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज (निर्वाचन) नियम, 1994 के नियम 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला परिषद सोलन के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) संख्या 12 से 17 में वर्ष 2020 में होने वाले सामान्य निर्वाचन के लिए अंतिम रूप से सारणी अनुसार अधिसूचित कर दिया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 12-खेड़ा में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत ढेला, खेड़ा, किरपालपुर, किशनपुरा, नन्दपुर, मलपुर, मानपुरा, सुनेहड़ तथा लोधीमाजरा को सम्मिलत किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 13-मंझोली में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत भाटियां, ढांगनिहली, मंझोली, माजरा, प्लासीकलां, रडियाली, राजपुरा तथा बारियां को शामिल किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 14-दभोटा में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बरूणा, भोगपुर, गोलजमाला, कश्मीरपुर, दभोटा, नवागांव तथा पंजैहरा को सम्मिलत किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 15-बवासनी में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बधोखरी, बेहड़ी, बायला, चमदार, छियाछी, दिग्गल, सौड़ी, मनलोगकलां, मटूली, बवासनी, रामशहर तथा साईं को शामिल किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 16-रतवाड़ी में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत लूनस, नंड, भियुंखरी, धरमाणा, डोली, क्यार कनैतां, कोइडी, लग, मितियां, मलौण, पोले दा खाला, रतवाड़ी, सौर तथा चड़ोग को सम्मिलत किया गया है।
जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र 17-कुण्डलू(जुखाड़ी) में नालागढ़ विकास खंड की ग्राम पंचायत बेरछा, घोलोंवाल, जगतपुर, जोघों, जुखाड़ी, करसौली, खिल्लियां, कुण्डलु, मस्तानपुरा, मलैहणी, घड़याच, बघेरी, जगनी तथा बगलैहड़ को सम्मिलत किया गया है।
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सोलन दिनांक 01.07.2020
आवश्यक आदेश

जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश एवं प्रदेश के मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुसार आदेश दिए हैं कि सोलन जिला में आपराधिक दण्ड संहिता 144 की धारा के प्रावधान (कफ्र्यू) आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार अनलाॅक-2 अवधि में 31 जुलाई 2020 तक विद्यालय, महाविद्यालय, शिक्षण तथा कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। आॅनलाइन तथा दूरवर्ती शिक्षा की अनुमति होगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्रालय की अनुमति के अतिरिक्त यात्रियों की अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा प्रतिबन्धित रहेगी। सिनेमा हाॅल, व्यायाम शालाएं, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर, बार, सभागार, सम्मेलन कक्ष एवं अन्य ऐसे स्थान बंद रहेंगे। सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक, धार्मिक समारोहों एवं अन्य बड़ी सभाओं पर रोक रहेगी।
प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार सोलन जिला में भी आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर व्यक्तियों की आवाजाही रात्रि 9.00 बजे से प्रातः 5.00 बजे तक प्रतिबन्धित रहेगी। औद्योगिक इकाईयों की ‘मल्टीपल शिफ्टस’, राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर व्यक्तियों एवं वस्तुओं की आवाजाही तथा बस, रेल एवं हवाई जहाज से अपने निर्धारित स्थल तक पहुंचने के लिए व्यक्तियों एवं उत्पादों की आवाजाही पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेशों के अनुसार रात्रि 9.00 बजे से प्रातः 5.00 बजे तक आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर व्यक्तियों एवं वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। चिकित्सीय आपात एवं आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के अतिरिक्त कन्टेनमेंट जोन से लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण रहेगा।
सोलन जिला के लिए पूर्व आदेशों द्वारा छूट प्राप्त श्रेणियों के अतिरिक्त अन्य सभी के अन्तरराज्यीय आवागमन के लिए वैध पास अथवा प्रवेश पत्र अनिवार्य होगा। अन्य राज्यों से सोलन जिला के लिए आवागमन आवश्यकता के आधार पर ही होगा। अन्तरराज्यीय बैरियरों के माध्यम से दैनिक अथवा सप्ताहांत के आधार पर आवागमन करने वाले व्यक्ति वैध प्रवेश पत्र के साथ ही आ-जा सकेंगे। इन्हें क्वारेनटाइन करने की आवश्यकता नहीं होगी। किन्तु फ्लु अथवा इन्फ्लुएंजा बीमारी के लक्षण होने की स्थिति में स्वास्थ्य केन्द्र को सूचित करना इन व्यक्तियों का उत्तरदायित्व होगा।
सोलन जिला के निवासी बिना किसी प्रवेश पत्र के जिला की सीमा छोड़ अन्य राज्य जा सकते हैं। किन्तु यदि वे चिकित्सा, व्यापार अथवा कार्यालय उद्देश्य के लिए अन्य राज्य कम समय के लिए जाना चाहते हैं और 48 घण्टे के भीतर जिला में वापिस आने के इच्छुक हैं तो वे प्रवेश पत्र के साथ आवागमन कर सकते हैं। इन व्यक्तियोें को उस स्थिति में क्वारेन्टीन होने की आवश्यकता नहीं होगी यदि उनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं पाए जाते हैं।
कन्टेनमेंट जोन के अतिरिक्त अन्य स्थानों से अन्तरराज्यीय आवागमन करने वाले उद्योग मालिक, वरिष्ठ प्रबन्धन अधिकारी, कामगार एवं कर्मचारियों को रविवार सहित दैनिक आधार पर अपने अथवा कम्पनी के वाहन में आने-जाने की अनुमति होगी। इस सम्बन्ध में अन्य मानक परिचालन प्रक्रिया 24 मई, 2020 तथा 01 जून 2020 को जारी आदेशों के अनुसार ही रहेगी।
चिकित्सा व्यवसायियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, रोगी वाहनों तथा स्वच्छता कर्मियों की अन्तरराज्यीय आवाजाही निर्बाध जारी रहेगी।
जिला सोलन में चालकों तथा आवश्यक सेवाओं में संलग्न अन्य को सुविधा प्रदान करने के लिए राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों पर स्थापित सभी ढाबे प्रतिदिन हर समय खुले रहेंगे। इसके लिए उन्हें कोविड-19 के लिए समय-समय पर जारी निर्देशों का पूर्ण पालन करना होगा। जिला सोलन में स्थापित अन्य ढाबे रात्रि 9.00 बजे तक खुले रह सकेंगे।
आदेशों में 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, रोगी, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों को आवश्यक एवं स्वास्थ्य कारणों के अतिरिक्त घर पर ही रहने का परामर्श दिया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे उपयुक्त मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करें और इस पर अपना स्वास्थ्य स्थिति नियमित रूप से अपडेट करते रहें। कार्यालय एवं कार्यस्थलों पर सुरक्षा के दृष्टिगत सभी कर्मचारियों को अपने उपयुक्त मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप स्थापित करना सुनिश्चित करना होगा।
राष्ट्रीय निर्देशों के अनुसार कार्य स्थल, सार्वजनिक स्थानों एवं परिवहन के दौरान मास्क पहनना अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर 02 व्यक्तियों के मध्य 06 फुट अर्थात 02 गज की दूरी होनी चाहिए।
बड़ी जनसभाएं एवं समारोह प्रतिबन्धित हैं। विवाह समारोह में 50 तथा अन्तिम यात्रा में 20 से अधिक व्यक्ति नहीं होने चाहिएं। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर नियमानुसार जुर्माना वसूला जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पान करना, पान, गुटखा एवं तम्बाकू का सेवन प्रतिबन्धित हैं।
जिला के सभी उपमण्डलाधिकारी, कार्यकारी दण्डाधिकारी तथा पुलिस कर्मी यह सुनिश्चित बनाएंगे कि प्रत्येक व्यक्ति ने सार्वजनिक स्थान, कार्यस्थल पर मास्क पहना हो, सोशल डिस्टेन्सिग का पालन किया जा रहा हो और कोविड-19 प्रबन्धन के दृष्टिगत स्थापित अन्य नियमांे की पालना हो।
इन आदेशांे की अवहेलना पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 एवं अन्य उपयुक्त नियमों के अनुरूप कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
यह आदेश प्रथम जुलाई 2020 से प्रभावी हो गए हैं तथा आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।

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सोलन दिनांक 28.06.2020
डाॅ. सैजल का 02 जुलाई, 2020 का प्रवास कार्यक्रम

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मन्त्री डाॅ. राजीव सैजल 02 जुलाई, 2020 को सोलन जिला के प्रवास पर आ रहे हैं।
डाॅ. सैजल 02 जुलाई को प्रातः 11.00 बजे काटल का बाग (खारसी पुल) में आटा मिल का शुभारम्भ करेंगे एवं जन समस्याएं सुनेंगे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मन्त्री तदोपरान्त सांय 03.30 बजे कसौली विधानसभा के परवाणु में जन समस्याएं सुनेंगे।

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सोलन दिनांक 01.07.2020
सोलन जिला से आज कोरोना संक्रमण जांच के लिए भेजे गए 319 सैम्पल

सोलन जिला से आज कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि के लिए 319 व्यक्तियों के रक्त नमूने केन्द्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली भेजे गए। यह जानकारी आज यहां जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. एनके गुप्ता ने दी।
डाॅ. गुप्ता ने कहा कि इन 319 रक्त नमूनों में से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ से 89, नागरिक अस्पताल बद्दी से 78, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से 68, एमएमयू कुम्हारहट्टी से 19, नागरिक अस्पताल कण्डाघाट से 13, नागरिक अस्पताल अर्की से 06, ईएसआई परवाणू से 34 तथा ईएसआई झाड़माजरी से 12 सैम्पल कोरोना वायरस संक्रमण जांच के लिए भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि गत दिवस भेजे गए 338 सैम्पल में से 01 व्यक्ति की रिपोर्ट पाॅजिटिव पाई गई है। 30 सैम्पल अभी जांच प्रक्रिया में हैं। शेष सभी सैम्पल नेगेटिव पाए गए हैं।
डाॅ. गुप्ता ने कहा कि जिला में अभी तक 110 रोगी कोविड-19 पाॅजिटिव पाए गए हैं। इनमें से 51 व्यक्ति कोविड एक्टिव हैं। कोरोना संक्रमित व्यक्तियों में से ईएसआई काठा में 14, नौणी में 06, श्रमिक छात्रावास नालागढ़ में 26 का उपचार किया जा रहा है। मानकों के अनुसार 04 कोरोना रोगियों का उपचार घर पर किया जा रहा है। 01 रोगी को आईजीएमसी शिमला भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि सोलन जिला में वर्तमान में 1852 व्यक्तियों को घर पर तथा 424 व्यक्तियों को विभिन्न संस्थानों में क्वारेन्टीन किया गया है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे क्वारेनटाइन सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। उन्होंने कहा कि इन नियमों की अनुपालना न केवल बाहर से आने वाले व्यक्तियों के परिवारों अपितु समाज को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाने में सहायक सिद्ध होगी।
डाॅ. गुप्ता ने सभी से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर शीघ्र समीप के स्वास्थ्य संस्थान से सम्पर्क करें। इस सम्बन्ध में किसी भी सहायता के लिए हैल्पलाईन नम्बर 104 तथा दूरभाष नम्बर 221234 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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सेवानिवृत कोष कर्मचारियों के सम्मान में सादा समारोह आयोजित
धर्मशाला, 01 जुलाई: हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी संघ कांगड़ा के जिला महासचिव कुलदीप सिंह राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड-19 महामारी के वैश्विक प्रभाव से देशभर में लगे लॉकडाउन के चलते एवं हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों की अनुपालना में पिछले कुछ समय में सेवानिवृत हुए कोष कर्मचारियों की कर्मठ सेवाओं के लिए एचपीएनजीटीईए कांगड़ा इकाई सम्मान कार्यक्रम का आयोजन नहीं कर पायी थी। इसी उपलक्ष्य पर कांगड़ा कार्यकारिणी ने गत 30 जून, 2020 को हाल ही में हुए सेवानिवृत कोष कर्मचारियों के लिए जिला कोष कार्यालय, धर्मशाला के प्रांगण में सादे सम्मान समारोह का आयोजन किया।
इस अवसर पर उप-कोष शाहपुर से 31 मार्च, 2020 को सेवानिवृत हुए दीप चन्द राणा एवं उनकी धर्मपत्नी, उप-कोष देहरा से 31 मार्च को सेवानिवृत हुए मदन लाल एवं उनकी धर्मपत्नी, उप-कोष इंदौरा से 31 मई को सेवानिवृत हई संतोष कुमारी एवं उनके पति तथा 30 जूून को जिला कोष कार्यालय, धर्मशाला से सेवानिवृत हुए कश्मीर सिंह एवं उनकी धर्मपत्नी मौजूद थे।
इस पावन मौके पर उप निदेशक, कोष निरीक्षण (उत्तरी क्षेत्र) धर्मशाला एसएस गुलेरिया एवं जिला कोषाधिकारी, धर्मशाला आर बी गिरी की अध्यक्षता में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों की अनुपालना करते हुए सभी कोष कर्मचारियों को उनकी सराहनीय वित्तीय सेवाओं के लिए शॉल एवं हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मानित किया गया। आगामी सेवानिवृत जीवन में सभी कोष कर्मचारियों के उत्तम स्वास्थ्य की मंगल कामना के साथ ही उनको विदा किया गया।
इस अवसर पर कोष कार्यालय के अधिकारी तथा कर्मचारी मौजूद थे।

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किसानों की मददगार बनीं शिवा परियोजना

लोगों के स्वाबलंबन की दिशा में सरकार की अनोखी पहल

(पालमपुर)-हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास, उद्यान तथा जल शक्ति विभागों ने राज्य के लोगों को स्वाबलंबी बनाने की दिशा में शिवा परियोजना के माध्यम से अनोखी पहल की है।

हिमाचल प्रदेश उप-उष्णकटिबंधीय बागवानी, सिंचाई और मूल्य संवर्धन परियोजना (शिवा) एशियन विकास बैंक के सौजन्य से प्रदेश के चार ज़िलों बिलासपुर, हमीरपुर, मण्डी और कांगड़ा के 17 क्लस्टरों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में आरंभ की गई है। इन क्षेत्रों में फलों के लिए जलवायु की अनुकूलता, किसानों की मांग के अनुसार लाभदायिक फलों के बगीचे विकसित किये जा रहे हैं। इन चार ज़िलों के 170 हैक्टेयर क्षेत्र में जुलाई और अगस्त माह में अमरूद, लीची, अनार और सिट्रस के हज़ारों बेहतर किस्म के पौधे रोपित किये जायेंगे।

पालमपुर उपमण्डल की ग्राम पंचायत, रमेहड़ के घड़हूॅं-दैहण का चयन भी क्लस्टर के रूप में किया गया है। इस क्षेत्र के 50 किसान परिवारों के दस हैक्टेयर (250 कनाल) क्षेत्र में लीची की बेहतरीन क़िस्मों देहरादून, सहारनपुर और रोससेंटेड़ के तीन हज़ार पौधे रोपित किये जा रहे हैं। प्रदेश सरकार के उद्यान, जल शक्ति तथा ग्रामीण विकास विभाग के सौजन्य से उन्नत क़िस्म के फलों को तैयार करने के लिए 8020 के अनुपात में किसानों को सहयोग दिया जा रहा है। इसमें ज़मीन के सुधार कार्य पर 80 प्रतिशत व्यय सरकार द्वारा किया जा रहा है, जबकि शेष 20 प्रतिशत हिस्से की ज़िम्मेवारी किसानों की रहेगी। इसमें भी किसानों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा मनरेगा से लगभग 11 लाख रुपये व्यय किये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त बाड़बंदी और सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाने पर पूरा व्यय सरकार द्वारा किया जा रहा है।

घड़हूॅं निवासी सुरेंद्र कुमार पिछले 20 वर्षों से लुधियाना में कार्यरत थे। कोविड़-19 के चलते उन्हें नौकरी छोड़कर घर आना पड़ा। लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते वह पिछले दो-तीन माह से घर पर ही हैं। मौजूदा हालत में उन्हें नौकरी पर फिर लौटना मुश्किल लग रहा है। उन्हें रोजगार की चिंता सताने लगी थी, लेकिन जयराम सरकार की शिवा परियोजना से स्वरोज़गार की आस जगी है। उन्होंने अब बागवानी को ही स्वरोज़गार के रूप में अपनाने का फैसला किया है।

रमेहड़ पचायत के जगदीश चंद, रमेश चंद, कुशल कुमार, मेहताब सिंह और विधि चंद जैसे लगभग 50 परिवार जंगली और लावारिस पशुओं के आंतक के कारण खेतीबाड़ी छोड़ चुके थे। सैंकड़ो कनाल भूमि का कोई उपयोग न हो पाने के कारण भूमि जंगल बनती जा रही थी। इन किसानों का कहना है कि शिवा प्रदेश सरकार की बहुत अच्छी और लाभदायक योजना साबित होगी। उन्नत पौधे, वैज्ञानिक परामर्श तथा सुझाव, बाड़बंदी की सुविधा, सिंचाई, विपणन और प्रोसेसिंग तक की सहायता से किसानों में उत्साह के साथ आत्मविश्वास पैदा हुआ है। उनका कहना है कि लीची का बगीचा लगाने में सरकारी सहायता से हमारी युवा पीढ़ी भी इस ओर आकर्षित हो रही है।

विभागों के आपसी तालमेल से चल रही शिवा परियोजना में रमेहड़ गांव के लोगों को मनरेगा के तहत काम भी मिल रहा है। गांव की महिलाएं यहां काम करने में बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। यहां काम कर रही अंजना देवी, तृप्ता देवी और विद्या देवी जैसी कई ज़रूरतमंद महिलाएं रोज़गार पाकर खुश हैं और समय पर पैसे मिलने से प्रदेश सरकार का आभार प्रकट कर रही हैं।

उपायुक्त कांगड़ा, राकेश कुमार प्रजापति का कहना है कि यह प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना है, जिसमें तीन प्रमुख विभाग किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ करने के लिए सहायता उपलब्ध करवा रहे हैं। इस परियोजना में किसानों के शेयर 20 प्रतिशत निर्धारित है। सरकार ने इसे कम करने के लिए ज़मीन सुधार तथा अन्य कार्यों को मनरेगा के साथ जोड़ा है। इससे किसानों को राहत के साथ लोगों को घर के नज़दीक रोज़गार के अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं।

विषयवाद विशेषज्ञ नरोतम कोशल का कहना है कि प्रदेश में फल उत्पादन की अपार संभावनायें हैं। शिवा परियोजना के अतंर्गत लोगों को फल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और इसमें किसानों का भी भरपूर सहयोग प्राप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि रमेहड़ में तीन हज़ार उन्नत किस्म के लीची के पौधे रोपित किये जा रहे हैं, जो किसानों को आर्थिक रूप में सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि ज़िला के अन्य क्षेत्रों के किसान भी क्लस्टर में फल उत्पादन का कार्य आरंभ करने के लिए सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात उद्यान विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।

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केन्द्रीय वित्तिय सहायता हेतू आवेदन प्रपत्र आंमत्रित
धर्मशाला, 01 जुलाई: जिला भाषा अधिकारी सुरेश राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि
राज्यों में पुरा-अभिलेखों, पुरा-नस्तियों, पाण्डुलिपियों इत्यादि के संदर्भ में वित्तिय सहायतानुदान प्रत्येक वर्ष केन्द्रीय वित्तिय सहायतानुदान योजना के माध्यम से राष्ट्रीय अभिलेखागार भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा प्र्रदान किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि पाण्डुलिपियों, प्राचीन पुस्तकों, पुराने एवं बहुमूल्य अभिलेखों के परिरक्षण, उनके सूचीकरण, मूल्याकंन, अनुवाद मुद्रण तथा श्रेणीकरण हेतू समय-समय पर प्रतिवर्ष भारत सरकार द्वारा 75ः 25 के अनुपात में अनुदान राशि पंजीकृत स्वयंसेवी संस्थाओं/व्यक्तियों, विश्वविद्यालय इत्यादि को प्रदान की जाती है ताकि वह लिखित धरोहर के संरक्षण एवं परिरक्षण हेतू देश एवं प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर को बचाने में सहयोग कर सकें। वित्तिय सहायता की अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये है।
राणा ने बताया कि योजना ने अन्तर्गत वर्ष 2021-21 के लिए इच्छुक पात्र व्यक्तियों/संस्थाओं से आवेदन प्रपत्र आंमत्रित किये जा रहे हैं। इस योजना की अधिक जानकारी के लिए राष्ट्रीय अभिलेखागार की वेबसाइट ूूूण्दंजपवदंसंतबीपअमअेण्दपबण्पद पर भी देखा जा सकता है। प्रकरण को भरने उपरांत 10 दिन के भीतर जिला भाषा अधिकारी कार्यालय भिजवाना होगा।
योजना की विस्तृत जानकारी व प्रपत्र हेतू जिला भाषा अधिकारी कार्यालय धर्मशाला के दूरभाष नम्बर 01892-223240 व मोबाइल न0 70188-11709 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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जिला परिषद् कांगड़ा के वार्डों के परिसीमन की अधिसूचना जारी
धर्मशाला, 01 जुलाई: उपायुक्त कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला परिषद् कांगड़ा के वार्डों/सीटों का परिसीमन किया जाना है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 89 तथा हिमाचल प्रदेश पंचायती राज(निर्वाचन)नियम, 1994 के नियम 9 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला परिषद् कांगड़ा के वार्डों के परिसीमन की अधिसूचना जारी की गई है।
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