चंडीगढ़, 1 अक्तूबर: इनेलो के प्रधान महासचिव एवं विधायक अभय चौटाला ने वीरवार को चंडीगढ़ में प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि देश में जितने भी किसान संगठन हंै और जो भी किसानों के हित की सोचते हैं, फिर चाहे वो किसी भी पार्टी से संबंध रखते हैं, वो उन्हेें चिट्ठी लिखेंगे कि सभी को राजनीति से ऊपर उठ कर केंद्र द्वारा कृषि पर लाए गए काले कानूनों के खिलाफ किसानों की इस लड़ाई को लडऩा चाहिए। इसी सिलसिले में इनेलो ने 8 जिलों में डीसी को प्रधानमंत्री और मु यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर आग्रह किया है कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कृषि कानून पर पुनर्विचार करे और चौथा अध्यादेश लेकर आए जिसमें सरकार फसल की एमएसपी की गारंटी दे और जो भी एमएसपी से कम दाम पर फसल खरीदता है तो उस पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो। बाकी बचे 14 जिलों में इनेलो 6 अक्तूबर को इन कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करेगी और डीसी को ज्ञापन सौंपेगी। पे्रसवार्ता के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय उप-प्रधान प्रकाश भारती सहित कई कार्यकर्ता भी उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि राजनीति तो आनी-जानी चीज है, कब किसके पैर में राज की जूती फिट बैठ जाए कु छ नहीं पता लेकिन जब किसी के राज की जूती फिट बैठ जाए और फिर वो जनता के साथ अन्याय करे उसे सहन नहीं किया जाएगा। मुझे कोई कहे इस्तीफा दे दो तो मैं एक मिनट भी नहीं लगाऊंगा क्योंकि लोगों को पता है कि मैं उनके हक की लड़ाई लडऩे के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूँ। उन्होंने कहा कि मेरे लिए कौम पहले है राजनीति बाद में है।

उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दावा किया गया था कि फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा, अगर एसा नहीं हुआ तो इस्तीफा दे देंगे। अब तो सरकार की पोल खुल गई है पिछले चार दिनों से जिस तरह से मंडियों में किसानों को लूटा जा रहा है जहां धान, बाजरा व मक्का की एमएसपी क्रमश 1888, 2100 व 1800 है लेकिन सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण 1200, 900 और 700 रूपए में बिक रहा है। आज किसान का धान मंडियों में भरा पड़़ा है लेकिन किसान को एमएसपी से कहीं कम कीमत पर बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कुरुक्षेत्र व लाडवा की मंडियों में 10 लाख व 5 लाख क्विंटल धान आ चुका है लेकिन चार दिनों में के वल आठ हजार क्विंटल धान खरीदा गया है उसमें भी अधिकतर प्राइवेट लोगों ने एमएसपी से कहीं कम 1300 रूपए प्रति क्विंटल के हिसाब से ही खरीदा है। यही हाल कैथल, करनाल, यमुनानगर और नीसिंग की मंडियों का है।

उन्होंने कहा कि जो अपने आप को किसान हितैषी कहते हैं फिर चाहे वो भाजपा में हो, जजपा में हो या फिर निर्दलीय, उन सभी को तुरंत इस्तीफा दे कर इस किसान की लड़ाई में राजनीति से ऊपर उठ कर अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। एक सवाल का जवाब देते हुुए उन्होंने कहा कि अजय चौटाला सरकार के साथ नहीं कुर्सी के साथ हैं। अजय चौटाला ने न केवल चौ0 देवी लाल की नीतियों को गिरवी रखने का काम किया है बल्कि उन्होंने तो चौ0 देवी लाल की आत्मा को ठेस पहुँचाई है।
दुष्यंत द्वारा नॉन सीरियस पॉलिटीशियन कहे जाने के सवाल का जवाब देते हुए अभय चौटाला ने कहा कि अगर दुष्यंत मुझे सीरियस पोलिटीसियन मान लेता तो आज उनकी ऐसी दुर्गती नहीं होती बल्कि उनका सम्मान होता। उन्होंने कहा कि जब वो नेता प्रतिपक्ष थे तब उन्होंने इनेलो को ऐसी जगह पर लाकर खड़ा कर दिया था कि आम लोग कहने लगे थे कि 2019 में इनेलो का राज बनेगा।