चंडीगढ़, 29 सितम्बर। जननायक जनता पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा बरोदा उपचुनाव की तारीखों की घोषणा का स्वागत करते हुए गठबंधन प्रत्याशी का जीत का दावा किया है। जेजेपी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने कहा कि जेजेपी-बीजेपी गठबंधन उपचुनाव के लिए पूर्ण रूप से तैयार है। उन्होंने कहा कि गठबंधन के वरिष्ठ नेता निरंतर बरोदा विधानसभा क्षेत्र की जनता से जुड़े हुए है। उन्होंने कहा कि अब बीजेपी व जेजेपी बिना देरी के जल्द मंथन करके संयुक्त रूप से अपना मजबूत उम्मीदवार उतारने को लेकर फैसला लेगी। मंगलवार को बरोदा उपचुनाव की घोषणा के बाद चंडीगढ़ स्थित जेजेपी प्रदेश कार्यालय पर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सरदार निशान सिंह व पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. केसी बांगड़ पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे।

जेजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि निश्चित रूप बरोदा उपचुनाव में बीजेपी-जेजेपी गठबंधन प्रत्याशी भारी मतों से विजय होगा। उन्होंने कहा कि गंठबधन सरकार की दोनों पार्टियां मिलकर इस उपचुनाव के मैदान में उतरेगी और मजबूती के साथ अपने उम्मीदवार को जीताएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा बरोदा में गांव-गांव जाकर पार्टी का प्रचार किया जा रहा है और बरोदा की जनता का गठबंधन को पूरा समर्थन मिल रहा है।

वहीं पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. केसी बांगड़ ने कहा कि बरोदा सीट पूरी तरह ग्रामीण क्षेत्र में पड़ती है इसलिए गठबंधन सरकार की प्राथमिकता है कि किसान-कमेरे वर्ग के हित में ज्यादा से ज्यादा विकास कार्य करवाए जाए। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार द्वारा कई अहम योजनाएं बरोदा के विकास के लिए बनाई गई है और अब बरोदावासी बीजेपी-जेजेपी के उम्मीदवार को विजय बनाकर विकास पथ पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने बरोदा को विकास के क्षेत्र में पिछड़े होने के पीछे पूर्व कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार बताया।

एक सवाल के जवाब में डॉ. बांगड़ ने कहा कि विधानसभा-2019 के चुनाव में बरोदा से कांग्रेस के उम्मीदवार ने 34 प्रतिशत मत हासिल किए थे जबकि बरोदा की जनता ने गठबंधन सरकार की दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों को कांग्रेस से बहुत ज्यादा कुला 57 प्रतिशत वाेट दिए है। जाहिर है कि पहले भी बरोदा की जनता का गठबंधन को भरपूर साथ मिला है और इस उपचुनाव में गठबंधन प्रत्याशी भारी अंतर से विजय होगा।

किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए डॉ. केसी बांगड़ ने कहा कि नए अध्यादेशों को लेकर कांग्रेसी नेताओं द्वारा केवल किसानों को बरगलाने का कार्य किया गया है जबकि सरकार निरंतर एमएसपी को लेकर यह सुनिश्चित कर चुकी है कि नए अध्यादेशों से किसानों की एमएसपी व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेताओं द्वारा किसानों को समझाया जा रहा है और अब किसान विपक्ष के बहकावे न आकर उनके हित में उठाए कार्य को समझ रहे है।