चकबंदी के लिए गांव-गांव जाएंगे नायब तहसीलदार
चंडीगढ़, 28 सितंबर। हरियाणा प्रदेश के इतिहास में पहली बार नायब तहसीलदार गांव-गांव, खेत-खेत में जाकर जमीन की पैमाइश करेंगे। इससे पहले केवल पटवारी या कानूनगो ही गांव में जाकर चकबंदी करता था। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला की दूरदर्शी सोच के कारण ऐसा पहली बार संभव हो पाया है। ट्रेनिंग पूरी करने वाले 57 नायब तहसीलदारों को नए केवल एक-एक गांव अलॉट किया है बल्कि एक अक्टूबर से चकबंदी का कार्य हर हाल में शुरू करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। भिवानी-दादरी जिले के गांवों में 30 नायब तहसीलदारों की ड्यूटी लगाई गई है वहीं रोहतक में आठ, झज्जर में चार, पानीपत में तीन, करनाल में आठ, हिसार में एक, अंबाला में दो व गुरुग्राम में दो नायब तहसीलदारों की चकबंदी के लिए गांव-गांव में जाने की ड्यूटी लगाई गई है। हरियाणा में अब से पहले नायब तहसीलदार चकबंदी के लिए सीधे तौर पर गांव के लिए उत्तरदायी नहीं होते थे। राजस्व एवं चकबंदी विभाग में उपमुख्यमंत्री के इस फैसले को एक क्रांतिकारी फैसला माना जा रहा है जिसके सकारात्मक परिणाम आएंगे।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि हरियाणा में 64 गांवों में चकबंदी नहीं है। इन गांवों से अमूमन हर रोज जमीनी मामले को लेकर शिकायतें आती रहती थी। ऐसे मामलों को सुलझाने के लिए चकबंदी जरूरी होती है। उन्होंने बताया कि इन गांवों का जमीन रिकॉर्ड सदियों से बीघा एवं बिस्वा में चला आ रहा है जबकि पूरे हरियाणा में एकड़, कनाल एवं मरला में जमीनी रिकॉर्ड है। इन गांवों के किसानों की जमीन भी टुकड़ों में बंटी हुई है और खेतों में आने-जाने के लिए किसानों को रास्ते भी नहीं मिल पा रहे थे । उन्होंने बताया कि चकबंदी होने से जमींदार के पास उसकी जमीन का लीगल मालिकाना हक हो जाएगा।

डिप्टी सीएम ने कहा कि सभी नायब तहसीलदारों को निर्देश दे दिए गए हैं कि निर्धारित समय सीमा के अंदर चकबंदी का कार्य हर हाल में पूरा करें। जिन नायब तहसीलदारों की ड्यूटी लगाई गई है उनमें पानीपत जिले के नन्हेड़ा गांव में नायब तहसीलदार शेखर, झज्जर जिले के कलोई गांव में कीर्ति, दादरी के समसपुर गांव में अभिनव, पानीपत जिले के बिलासपुर गांव में प्रदीप कुमार, दादरी के गुडाना गांव में अरुण लोहान, झज्जर जिले के छारा गांव में रोहित कौशिक, रोहतक जिले के कुलताना गांव में शैली मलिक, भिवानी के प्रेम नगर गांव में उमेश कुमार, भिवानी के घंघाला गांव में दीपक, रोहतक के मोखरा खेड़ी गांव में जतिंदर गिल, दादरी के बिंद्रावन गांव में अजय मलिक, झज्जर जिले के खेड़ी होशदारपुर में प्रतीक है।

इसी तरह दादरी जिले के ढाणी फौगाट गांव में सौरभ शर्मा, झज्जर जिले के मोखरा रोज गांव में अस्तिवा पाराशर, भिवानी जिले के पटौदी गांव में अंकित, रोहतक जिले के गिरावड गांव में मनीष शर्मा, रोहतक जिले के भैणी चंद्रपाल में राष्विन्दर सिंह दुहन, दादरी जिले के तिवाला गांव में कुंवर दीप सिंह, करनाल जिले के अमृतपुर कलां में सतविंदर कुमार, गुरुग्राम के शिकोपुर गांव में अरुण कुमारी, करनाल जिले के अमृतपुर खुर्द में साहिल अरोड़ा, अंबाला जिले के सलोला गांव पौरुष पहल, दादरी के छपार गांव में अभिमन्यु, भिवानी के लाडावास में रविन्द्र शर्मा, दादरी के पिचोपा खुर्द, कान्हड़ा, लाड गांव में नेहा यादव, दादरी के निमड़ गांव में ओमबीर, भिवानी के दरियापुर गांव में अभिनव सिवाच, भिवानी के सरल गांव में योगेंद्र धनखड़, भिवानी के संडवा गांव में नवदीप, करनाल जिले के मंगलोरा कादिम गांव में आशीष कुमार, करनाल जिले के चौगाव गांव में प्रद्युमन की ड्यूटी लगाई गई है।

वहीं भिवानी जिले के मीरान गांव में राहुल राठी, भिवानी जिले के सिंघानी गांव में भारत भूषण, भिवानी जिले के कितलाना गांव में अशोक कुमार, भिवानी के ही जुई खुर्द गांव में अमित कुमार माथुर, दादरी के पैंतावास खुर्द में गौरव रोजरा, भिवानी जिले के गांव लेघा भानान में अंकित गहलोत, दादरी के गोकल गांव में रवि कुमार, करनाल जिले के नांगल गांव में अमित सिंह, बिशनगढ़ में अचुन, दबकोली खुर्द में अजय कुमार, रोहतक जिले के निडाना में प्रमोद, दादरी के कुब्जा नगर में स्नेहा, करनाल के मोहिद्दीन पुर में राजेश कुमार, अंबाला के हरिओली में श्यामसुंदर, दादरी जिले के रामबास में करण कुमार, भिवानी जिले के पहाड़ी गांव में सिराज खान, पानीपत जिले के हतवाला गांव में शिवराज, दादरी के निहालगढ़ में जितेंद्र, भिवानी के खरखड़ी में मुकुल, हिसार के मोहब्बतपुर गांव में बलराम जाखड़, दादरी के माईकला में गौरव, टोडी गांव में लोकेश कुमार, माईखुर्द में अंशुल अरोड़ा, भिवानी के मंडोली कलां, गोकुलपुरा के लिए सुनील कुमार, दादरी के चंदेनी गांव में हरीश चंद्र तथा झोझू खुर्द गांव की चकबंदी के लिए नायब तहसीलदार बलविंदर सिंह की ड्यूटी लगाई गई है।

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- इस बार बाजरा, मूंग व मक्का फसल के लिए होंगे अतिरिक्त खरीद केंद्र - डिप्टी सीएम

- प्रदेशभर में बाजरा के लिए 121, मूंग के लिए 21 और मक्का के लिए 19 खरीद केंद्र स्थापित - दुष्यंत चौटाला

- फसल बेचने में किसानों को नहीं आने दी जाएगी कोई परेशानी - दुष्यंत चौटाला

चड़ीगढ़, 28 सितंबर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि किसानों की खरीफ सीजन की फसल खरीदने के लिए राज्य सरकार द्वारा बेहतर व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि इस पूरे खरीद सीजन में किसानों को कोई समस्या सामने नहीं आने दी जाएगी। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बिना परेशानी के किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए सरकार ने उनके नजदीक ही बढ़ोतरी करते हुए बाजरा, मूंग व मक्का के परचेज सेंटर स्थापित कर दिए हैं।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मूंग, बाजरा व मक्का फसलों की खरीद के लिए इस बार पहले से ज्यादा खरीद केंद्र प्रदेशभर में होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा ज्यादातर राजस्थान से लगते हरियाणा के क्षेत्र में मूंग व बाजारा के खरीद केंद्र अतिरिक्त बनाए गए है। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि मूंग व बाजरा की खरीद प्रदेशभर में एक अक्टूबर से शुरू होगी और इन फसलों की खरीद के लिए सरकार ने बाजरा के लिए 121, मूंग के लिए 21 और मक्का के लिए 19 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं।

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने जिला अनुसार किसानों की बाजरा फसल बेचने के लिए बनाए गए परचेज सेंटर के बारे में बताया कि भिवानी जिले में 14, महेंद्रगढ़ में 12, दादरी में 10, जींद व सोनीपत में नौ-नौ, हिसार में आठ खरीद केंद्र होंगे। वहीं झज्जर व रोहतक जिले में सात-सात, गुरुग्राम-सिरसा में छह-छह, नूंह व पलवल में पांच-पांच, पानीपत में चार खरीद केंद्र बनाए गए है। इसी तरह बाजारा खरीद के लिए फरीदाबाद, रेवाड़ी व यमुनानगर में तीन-तीन, अंबाला, कैथल, करनाल, पंचकुला में दो-दो, फतेहाबाद व कुरुक्षेत्र में एक-एक परचेज सेंटर बनाए गए है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश में किसानों की मूंग की फसल बेहतर तरीके से खरीदी जाए, इसके लिए भिवानी जिले में छह, हिसार व सिरसा में पांच-पांच, फतेहाबाद व महेंद्रगढ़ में दो-दो और दादरी जिले में एक खरीद केंद्र होगा। वहीं उन्होंने किसानों के मक्का फसल बेचने के लिए बनाए गए परचेज सेंटर के बारे में बताया कि अंबाला व कुरुक्षेत्र जिले में चार-चार, पंचकुला में तीन, फतेहाबाद, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर व सिरसा में एक-एक खरीद केंद्र की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई है।