करनाल-27.09.20- हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह चौहान ने आज यहां कहा कि राज्य सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली धान की व्यवस्थित खरीद सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। धान की सरकारी खरीद की प्रक्रिया हालांकि हर साल 1 अक्टूबर से शुरू होती है किंतु इस वर्ष राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र ने हरियाणा और पंजाब को सप्ताह भर पहले यह प्रक्रिया शुरू करने की इजाजत दे दी है। उसके अनुसार राज्य के जिन 4 जिलों में आज से खरीद शुरू होनी थी उनमें करनाल भी शामिल है और असंध की अनाज मंडी में धान की खरीद का सिलसिला आज शाम शुरू हो गया। धान की खरीद प्रारंभ करवाने से पूर्व और उसके बाद डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने करीब 4 घंटे किसानों और आढ़तियों के बीच रहकर उनकी समस्याएं जानी तथा उपस्थित अधिकारियों को लंबित समस्याओं को यथाशीघ्र दूर करने के लिए कहा।

डॉ. चौहान ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान संभव है उनसे जिला प्रशासन को अवगत करा दिया जाएगा और राज्य स्तर पर जिन मसलों पर नीतिगत अथवा सैद्धांतिक हस्तक्षेप की जरूरत है, उन मसलों से राज्य के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल और संबंधित उच्चाधिकारियों को अवगत कराएंगे।
डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि 17% नमी वाले धान को बिना किसी बाधा के समर्थन मूल्य पर बीते वर्षों की तरह निश्चित तौर पर खरीदा जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां राज्य सरकार की ओर से की गई हैं । खरीद एजेंसियां निर्धारित समय से पहले शुरू हुई खरीद को व्यवस्थित बनाने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं। किसानों और आढ़तियों द्वारा उठाए गए कड़वे मीठे सवालों पर ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष ने बहुत विस्तार के साथ मंथन किया और खरीद की प्रक्रिया में संभावित दिक्कतों पर खुलकर चर्चा की।

किसान कर्मपाल सिंह छीना ने कहा कि मंडी में फसल आने के लिए शुरू की गई ऑनलाइन व्यवस्था में बहुत खामियां हैं। उन खामियों को दूर नहीं किया गया तो किसान को बहुत परेशानी आ सकती है। पोर्टल से जुड़े सवालों पर मार्केट कमेटी के उपस्थित कर्मचारियों ने किसानों की शंकाओं को दूर करने का प्रयास किया। किसानों की ओर से फसल की नमी के मसले के कारण होने वाली परेशानी को दूर करने के रास्ते भी सुझाए गए।

एक किसान प्रतिनिधि ने कहा कि अगर अधिक नमी वाली फसल को आनुपातिक कटौती के साथ खरीदने की इजाजत सरकार दे दे तो इसका लाभ किसान को ही होगा क्योंकि किसान अधिक नमी वाली फसल के सूखने- सुखाने के झमेले से बच जाएगा। मंडी प्रधान बनारसी दास मित्तल ने कहा कि एजेंसियों द्वारा खरीद दर्ज किए जाने के बाद यदि धान को निर्धारित समय पर मंडी से उठाया नहीं गया तो इसका खामियाजा आढती को भुगतना पड़ेगा। ऐसी सूरत में आढ़तियों के लिए अपना काम सुचारू रूप से करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आढ़तियों के दूसरे मसलों की तरफ भी उपस्थित लोगों और डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान का ध्यान आकर्षित किया। किसानों और व्यापारियों के प्रतिनिधियों के साथ समस्याओं पर मंथन के लंबे चले सिलसिले में खासी बहस और गरमा-गरम चर्चा हुई जिसमें डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार और भारतीय जनता पार्टी किसानों के हितों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी सूरत में समाज के किसी भी तबके का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुरेश चंद जलमाना, राम अवतार पार्षद, शिव शक्ति एंटरप्राइजेज के ओम पाल अत्रि, पतंजलि योगपीठ के असंध प्रभारी एडवोकेट नरेंद्र शर्मा,नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष हरबीर सिंह ,जगदीश रत्तक, हीरा राइस मिल के सतीश व सुभाष बिलोना उपस्थित रहे ।