Hisar,27.09.20-दूरदर्शन/आकाशवाणी की जवाबदेही देश की जनता के प्रति है जबकि निजी चैनलों की विवशता यह कि ज्यादा से ज्यादा पूंजी कैसे लगायें और कहां से निकालें ? आकाशवाणी सीधे जनता से जुड़ी रहती है और जनता के प्रति उत्तरदायी भी है । यह कहना है मुम्बई दूरदर्शन के निदेशक के तौर पर सेवानिवृत और अनेक आकाशवाणी केंद्रों के निदेशक रहे व प्रसिद्ध लघुकथाकार लक्ष्मेंद्र चोपड़ा का । लक्ष्मेंद्र मूल रूप से तो हमारे नवांशहर-राहों से संबंध रखते हैं और जन्म कपूरथला में हुआ लेकिन पालन पोषण और पढ़ाई लिखाई भोपाल-जबलपुर यानी मध्यप्रदेश में हुई । भोपाल से एम ए समाजशास्त्र, जनसंचार की डिग्री और फिर अंग्रेजी में डिप्लोमा ।
-शुरूआत किस जाॅब से की ?
-दैनिक भास्कर के पत्रकार के रूप में ।
-आकाशवाणी में कब से ?
-सन् 1976 से आकाशवाणी रायपुर में ट्रांसमिशन एग्जीक्यूटिव । फिर सन् 1982 से कार्यक्रम अधिकारी और सन् 1990 से स्टेशन डायरेक्टर । दोनों यूपीएससी से क्लियर ।
-कहां कहां रहे स्टेशन डायरेक्टर ?
-जालंधर दो बार में कुल छह साल , जबलपुर , इंदौर , भोपाल ,दिल्ली और फिर मुम्बई में आकाशवाणी और दूरदर्शन दोनों के डायरेक्टर के रूप में काम किया । वहीं से सेवानिवृति । पहले जयपुर में बसे । अब हरियाणा के गुरुग्राम में ।
-लघुकथा लेखन कब से शुरू किया ?
-सन् 1969 से । भोपाल में प्रो कृष्ण कमलेश के सान्निध्य में । अंतर्यात्रा में पहली लघुकथा भीड़ प्रकाशित हुई थी ।
-लघुकथा की इतनी लम्बी पारी खेल रहे हैं तो क्या कहेंगे ?
-लघुकथा आम इंसान के जीवन से जुड़ी है । यह सबसे बड़ी खूबी ।बेशक बहुत परिवर्तन आ चुके हैं इसमें ।
-कितनी पुस्तकें प्रकाशित ?
-दो कथा संग्रह । मेटा भूम यानी ऊबड़ खाबड़ जमीन । दूसरा आखिरी पंक्ति में कारीगर । अभी एक संग्रह प्रेत प्रश्न तैयार है ।
-आकाशवाणी की यात्रा कैसी रही ?
-बड़ी सुखद और प्रेरक । आम इंसान की समस्याओं से जुड़ने का अवसर मिला । दूरदर्शन मुम्बई के साथ मराठी सिनेमा को समझने और मराठी चैनल चलाने का अवसर भी मिला ।
-कोई प्रोग्राम जो याद रहा ?
-युववाणी प्रोग्राम तभी शुरू हुआ । बहुत काम किया इसके लिए । आदिवासियों पर भी अनेक कार्यक्रम बनाये । पंजाब में आकर अपनी ही लोक संस्कृति को समझ पाया । नाटकों पर बहुत काम किया । अभी मेरे नाटकों का प्रसारण होता रहता ।है ।
-पुरस्कार ?
-लंदन में चार माह की काॅमनवेल्थ छात्रवृति मिली । दूरदर्शन मुम्बई के श्रेष्ठ डायरेक्टर का सम्मान समेत अनेक पुरस्कार ।
हमारी शुभकामनाएं लक्ष्मेंद्र चोपड़ा को । आप इन्हें इस नम्बर पर प्रतिक्रिया दे सकते हैं : 7665006649