धर्मशाला, 21 सितम्बर: अतिरिक्त उपायुक्त राहुल कुमार ने जिला के बैंकों को सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पात्र लोगों को ऋण देने में उदारता दिखाने को कहा है। उन्होंने बैंको से सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत जनहित के कार्यों में सहयोग का आग्रह किया। राहुल कुमार आज सोमवार को डीआरडीए के सभागार में आयोजित कांगड़ा जिला के बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति तथा जिला स्तरीय सलाहकार समिति की जून 2020 तिमाही बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
एडीसी ने जिला कांगड़ा के सभी बैंकों को तय समयावधि में अपने निर्धारित लक्ष्य पूरा करने को कहा। उन्होंने कहा कि किसानों, बागवानों तथा जरूरतमंदों की सहायता में बैंक जिला प्रशासन का सक्रिय रूप से सहयोग करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन बैंकों की हर प्रकार की सहायता के लिए हमेशा तत्पर है। इस पर बैंेक अधिकारियों ने उन्हें संबंधित संस्थानों की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
राहुल कुमार ने सभी बैंकों की उपलब्धियों पर चर्चा की तथा उन्हें अपने लक्ष्य पूरे करने को कहा। उन्होंने जिले में विभिन्न विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए सभी विभागों से मिल-जुलकर कार्य करने के लिए कहा। उन्होंने ऋण जमा अनुपात की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी बैंकों को ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने के दिशा-निर्देश दिए तथा बैंकों को ग्राहकों के प्रति संवदेनशीलता दिखाने के लिए कहा।
एडीसी ने कहा कि बैंक विभिन्न स्कीमों के प्रति जागरूकता अभियान आयोजित करें ताकि अधिक से अधिक लोगों को इन स्कीमों का लाभ मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंतर्गत अपूर्ण ऋण मामलों का जल्द से जल्द निवारण करने को कहा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत आने वाले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड/पीएमएसबीवाई/पीएमजेजेबीआई से जोड़ने हेतू चलाए गये अभियान की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी बैंकरों से कहा कि इस अभियान को सफल बनाने हेतू अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जाए ताकि किसान अधिक से अधिक लाभ उठा सकें तथा अपनी आय में वृद्धि कर सकें। उन्होंने एमएमएसवाई के अन्तर्गत ज्यादा से ज्यादा लोन देनेे पर जोर दिया।
भारतीय रिजर्व बैंक के एलडीओ स्वर ग्रोवर ने अपने सम्बोधन में बैंकों को अधिक से अधिक वित्तीय जागरूकता कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिए ताकि लोगों को बैंको द्वारा चलाई गई विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल हो सके। उन्होंने बैंको को ऋण जमा अनुपात, जो इस समय 23.10 प्रतिशत है में सुधार लाने के दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला में काम कर रहे कुछ प्राईवेट बैंक सिर्फ डिपॉजिट ही ले रहे हैं तथा जिला में ऋण नहीं दे रहे हैं जबकि उनके पास जिला के सरकारी विभागों का बहुत सा धन जमा है परन्तु उसका लाभ ऋण के रूप में जिला के लोगों को नहीं दिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने बैंकरों को कोविड-19 की वजह से आई आर्थिक मंदी से निपटने के लिए उचित कार्य करने के निर्देश दिये।
बैठक में पंजाब नैशनल बैंक के डीजीएम व मंडल प्रमुख धर्मशाला दिव्यांग रस्तोगी ने सभी का स्वागत करते हुए बताया कि कांगड़ा जिले के बैंकों ने वार्षिक ऋण योजना 2020-21, जून तिमाही, 2020 के अंतर्गत 1087 करोड़ रुपये के एवज में 948 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न बैंकों के पास लोगों के 29541 करोड़ रुपये जमा हैं तथा जिला के सभी बैंक अब तक लोगों को 6824 करोड़ रुपये के ऋण जून, 2020 तक दे चुके हैं।
नाबार्ड के डीडीएम अरूण कुमार खन्ना ने जिला के अधिकांश किसानों के पास कम जमीन होने के कारण किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से उन्हें बड़े ऋण नहीं मिल सकते हैं। ऐसे किसानों को कृषि क्षेत्र में ढ़ाचागत विकास और कृषि से सम्बन्धित अन्य गतिविधियों जैसे-पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन और पोल्ट्री इत्यादि के लिए भी ऋण दिये जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि कृषि क्षेत्र में ढ़ाचागत विकास के लिए केन्द्र सरकार ने लगभग एक लाख करोड़ तथा पशुपालन के लिए 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
जिला अग्रणी मुख्य प्रबंधक पीएनबी कुलदीप कुमार कौशल ने बैठक का संचालन किया तथा सभी बैंकों के तरफ से आश्वस्त किया की बर्ष 2020-21 में ऋण जमा अनुपात को सुधारने का पूरा प्रयास किया जायेगा। उन्होंने छोटे सड़क विक्रेताओं तथा रेडी-फडी वालों के लिए चलाई गई प्रधानमंत्री स्वा निधि स्कीम के अन्तर्गत अधिक से अधिक ऋण देने के लिए प्रोत्साहित किया।
इसके उपरांत पंजाब नैशनल बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान की स्थानीय सलाहकार समिति की बैठक भी हुई, जिसमें संस्थान के निदेशक महिन्द्र कुमार शर्मा ने प्रथम तिमाही की प्रगति एवं अन्य मदों का ब्यौरा पेश किया।
बैठक में परियोजना अधिकारी डीआरडीए सोनू गोयल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केन्द्र राजेश शर्मा, बैंकों के समन्वयक तथा विभिन्न सरकारी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।