हिम्मत हरसिमरत कौर बादल की -कमलेश भारतीय
CHANDIGARH,19.09.20-आखिर पंजाब के वयोवृद्ध नेता प्रकाश सिंह बादल की पुत्रवधु हरसिमरत कौर ने हिम्मत दिखाई और केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने में देर नहीं लगाई । बेशक किसान अध्यादेशों के विरोध में हरसिमरत ने यह कदम उठाया लेकिन इस पर कदम के पीछे पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की छवि सुधार करने की मंशा ज्यादा दिखती है । शिरोमणि अकाली दल की पैठ किसान वर्ग में ही तो है । खासतौर पर मालवा के इलाके में और वैसे भी भाजपा का सहारा अब बोझ लगने लगा है । तभी तो कहा साहिर लुधियानवी ने कि ऐसा रिश्ता हो जाए तो तोड़ना अच्छा । शहरी वोटर पर ही भाजपा का असर पंजाब में है । ग्रामीण क्षेत्र में अकाली दल और भाजपा खूब टक्कर लेते हैं । शहरों में तो वोट काटने के लिए अब आप पार्टी भी आ चुकी है । इसलिए ग्रामीण वोट बैंक के लिए यह कदम बहुत जरूरी और सही कदम है ।
दूसरी ओर पंजाब में कांग्रेस कैप्टन अमरेंद्र सिंह तक सिमट गयी और उनका विरोध पार्टी के अंदर जारी है । प्रताप सिंह बाजबा हाथ पांव मार रहे हैं । नवजोत सिंह सिद्धू नये घर की तलाश में हैं । शराब कांड ने कांग्रेस और कैप्टन की छवि पर काफी विपरीत प्रभाव डाला है । किसानों की बात राहुल गांधी ने बहुत की और कर्जे माफ करने को जोर शोर से उठाया पर मध्य प्रदेश में किसानों की कर्ज माफी न होने की बात कह कर ज्योतिरादित्य सिंधिया हाथ झटक कर भाग निकले ।
वैसे भी भाजपा ने पंजाब और हरियाणा में अपने पुराने सहयोगी दलों को गुप-चुप कमजोर करने पर ही ज़ोर लगाया । इनेलो को बांट दिया और जजपा का जन्म हो गया । जजपा के तेवर गठबंधन के बाद वह नहीं रहे जिससे वह युवाओं में बड़ी तेज़ी से अपना प्रभाव जमा रही थी । जजपा को इस पर मंथन करना चाहिए । नहीं तो काफी नुकसान हो सकता है । पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इनेलो या जजपा से गठबंधन के लिए ज़ोर लगाया था चुनाव से पहले लेकिन भाजपा अकेले चलो की नीति पर चली । अब पंजाब में अकाली दल और भाजपा के बीच दूरियां साफ नज़र आने लगी हैं और हो सकता है अगले विधानसभा चुनाव में अकाली दल भाजपा के कमल के सहारे को छोड़ दे । पर यह भविष्य ही बतायेगा । पर हरसिमरत का यह कदम सही दिशा में है ।
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मीडिया क्या करे , आईपीएल , किसान और रिया,,,किस ओर चले ?

-कमलेश भारतीय
शुक्र है आईपीएल आज से शुरू होने जा रहा है । फिल्मी दुनिया का ग्लैमर अब क्रिकेट के बुखार में बदलने वाला है । धोनी के हेलीकाॅप्टर शाट और विराट के चौके सबकी बातें होने लगेंगी । जब धोनी मैच जीता देगा तब सबको उसकी रिटायरमेंट का अफसोस और ज्यादा होगा । पर जमाने ने मारे जवां कैसे कैसे ,,,,
रिया चक्रवर्ती पर बहुत दिन मीडिया का फोकस रहा । उसका घर जैसे कोई पवित्र स्थल बन गया था मीडिया वालों के लिए । सुबह सवेरे रिया के घर माथा टेकने पहुंच जाते सब टीवी चैनल के रिपोर्टर्ज । फिर बात बढ़ी और बढ़ती गयी और रकुल प्रीत, सारा अली खान और खंबाटा डिजायनर तक पहुंच गयी । रकुल प्रीत ने तो कोर्ट की ओर दौड़ लगाई कि इस तरह बिना कुछ साबित हुए कैसे मेरे नाम की माला फेरी जा रही है ? अब तो मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे एक वीडियो को सीबीआई को उपलब्ध करवा कर करण जौहर , अर्जुन कपूर , दीपिका पादुकोण हो नहीं रणबीर कपूर और विक्की कौशल तक पहुंचा दिया है । यह वीडियो करण जौहर की पार्टी का है तो कंगना कुछ गलत तो नहीं कह रही । जया भी और जया प्रदा भी कूदीं । जया प्रदा को अपनी कहानी याद आई कि तब क्यों नहीं बोलीं गुड्डी? जब आजम खान मेरा चरित्र हनन कर रहे थे ? तब क्यों नहीं बोलीं जब अमर सिंह को समाजवादी पार्टी से निकाला गया था ? तब किस थाली में छेद किया था और किसने किया था ? यह थाली भी कमाल हो गयी फिल्मी दुनिया में । हर कोई कहने लगा कि मेरी अपनी थाली है और बच्चन परिवार का बस चलता तो सारी थालियां अपने बच्चों को दे देते । कोई लिहाज नहीं । सीधे बच्चों पर आ गये । श्वेता बच्चन के चर्चे होने लगे । बात कहां से शुरू हुई और कहां तक पहुंची । सुशांत तो बेचारा सिर धुन रहा है और उसकी आत्मा रो रही है ।
इधर मुश्किल से किसान पर चर्चा शुरू हुई । पिपली में लाठीचार्ज क्या हुआ हरियाणा सरकार की जान नए बन आई । अब कांग्रेस विधायक दल चंडीगढ़ में राज्यपाल से मिल कर विशेष सत्र बुलाने की मांग कर आए हैं तो भाकियू के अध्यक्ष चढूनी जजपा पर बरस रहे हैं । अभय चौटाला की डफली अलग बजती है । किसान के नाम पर हरसिमरत कौर बादल ने इस्तीफा देकर शहीद होने का उदाहरण दिया और इधर हरियाणा में लोग दुष्यंत की ओर देखने लगे हैं । अलग राजनीति है दोनों राज्यों की । फिर ऐसी मांग ? मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला के बीच मंत्रणा हुई । ओम प्रकाश धनखड़ अलग चिंता जता रहे हैं । वैसे सारे देश में चिंता शुरू हो गयी अन्नदाता के बारे में । धरने प्रदर्शन तक नौबत आ गयी । ये तीन अध्यादेश तीन तलाक ही न साबित हो जायें कहीं ,,,,
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