ऋषिकेश (उत्तराखंड) 15.09.20- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आपदा व बड़ी सड़क दुर्घटनाओं के समय घायलों को त्वरित उपचार के लिए एयर एंबुलेंस से पहुंचाने के उद्देश्य से बने हैलीपैड को देश में हवाई सेवाओं को मान्यता प्रदान करने वाली सर्वोच्च संस्था डीजीसीए से रेग्युलर हवाई ऑपरेशन के लिए अनुमति मिल चुकी है। अब एम्स हैलीपैड पर उत्तराखंड ही नहीं बल्कि देश के किसी भी हिस्से से आने वाली हैलीसेवा की लैंडिंग संभव हो सकेगी। गौर रहे कि है कि एम्स,ऋषिकेश देश का पहला ऐसा चिकित्सा संस्थान है, जहां एयर एंबुलेंस की लैंडिंग के लिए निजी हैलीपैड की सुविधा उपलब्ध है।

डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) की एनओसी के बाद बीते माह य़हां सफलतापूर्वक ट्रॉयल लैंडिंग के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने, उड्डयन सलाहकार कैप्टन दीप श्रीवास्तव की मौजूदगी में 11 अगस्त-2020 को हैलीपैड का विधिवत उद्घाटन किया था।

निदेशक एम्स प्रो.रवि कांत ने बताया कि राज्य में होने वाली आपदाओं, सड़क दुर्घटना के घायलों व सुदूर पहाड़ी इलाकों से गंभीर बीमार मरीजों की चिकित्सा सेवा के लिए एम्स संस्थान राज्य सरकार का पूर्ण सहयोग करने को प्रतिबद्ध है। एम्स में इसके लिए बनाए गए हैलीपैड को नियमितरूप से हवाई संचालन के लिए डीजीसीए की अनुमति के बाद ऐसे मरीजों के तत्काल उपचार में सहूलियत मिलेगी। एम्स हैली सर्विसेस के प्रभारी डा. मधुर उनियाल ने बताया कि डीजीसीए से संवैधानिक मान्यता के बाद अब यहां हवाई सेवाओं के नियमित संचालन में कोई तकनीकी दिक्कत नहीं वहीं, मरीजों को आईडीपीएल हैलीपैड पर उतारने से होने वाले विलंब व पेशेंट ट्रांस्पोर्टेशन से गंभीर मरीजों को होने वाले खतरों से निजात मिलेगी।