देहरादून, ( उत्तराखण्ड-OM RATURI) , 11 अगस्त 2020 मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के नव निर्मित हेलीपैड का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश परिसर में हेलीपैड बनने से गंभीर रोगियों एवं दुर्घटना होने पर घायलों को हेली सेवा से अस्पताल लाने में सुविधा होगी। एम्स ऋषिकेश में इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। हेली से उतरने के बाद मरीज को मात्र 9 मिनट में एम्बुलेंस से ट्रामा सेंटर तक पहुंचने की व्यवस्था रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण उत्तराखण्ड की भौगोलिक परिस्थितियां अलग है। अतिवृष्टि होने पर राज्य में आपदायें अधिक होती हैं। पहाड़ी टेरिन होने से दुर्घटनाएं भी अधिक होती है। दुर्घटना होने पर लोगों को हेली सेवा से उपचार के लिए जल्द एम्स लाने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 3 सालों में प्रदेश में 100 से अधिक लोगों की जान हेली सेवा से सीधे अस्पतालों में लाकर बचाई गई। इसके लिए सरकारी हेलीकॉप्टर एवं किराये पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश देश का पहला ऐसा संस्थान है, जहां परिसर के अन्दर हेलीपैड की सुविधा है। मुख्यमंत्री ने एम्स के डॉक्टरों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना काल में सीनियर डॉक्टर कोरोना के मरीजों का विशेष ध्यान रखें। जिस तरह कोरोना अपना स्वरूप बदल रहा है, यह चिन्ता का विषय है। उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस एवं डॉक्टरों के आपसी तालमेल से समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है। कोरोना काल में आशा, आंगनबाड़ी, नर्स एवं डॉक्टर और स्वच्छता कर्मचारी जो ग्राउण्ड लेबल पर कार्य कर रहे हैं, वे जनता के लिए देवदूत के रूप में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों को परीक्षण के साथ ही मनोवैज्ञानिक तरीके से भी मजबूत रखना जरूरी है।एम्स ऋषिकेश की पहुंच दुर्गम स्थानों के मराजों तक होनी चाहिए। सेवा सार्थक तभी होती है, जब सेवा गरीबों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य में समय- समय पर होने वाली प्राकृतिक आपदाओं में कईदफा काफी संख्या में लोग घायल हो जाते हैं,लिहाजा ऐसे समय में उन्हें तत्काल एयरलिफ्ट करने के लिए एम्स का एयर बेस काफी हद तक सहायक सिद्ध होगा और लोगों का जीवन बचाया जा सकेगा। एम्स में हेलीपैड की स्थापना के लिए सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत जी ने संस्थान के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत को बधाई दी व उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि निदेशक प्रो. रवि कांत की यह पहल राज्य के लोगों के स्वास्थ्य के मद्देनजर उठाया गया उचित कदम है, जिससे लोगों के जीवन का संरक्षण होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि एम्स में आपदा व दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों के उपचार के लिए प्रशिक्षित एयर रेस्क्यू टीम तैनात है। आपदा के लिहाज से संदेनशील उत्तराखंड राज्य में सरकार ने राहत एवं बचाव कार्य में दक्ष आपदा मित्र बनाए हैं, जो ऐसे संकट के समय में लोगों को बचाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां आपदा प्रबंधन मंत्रालय पृथकरूप से कार्य कर रहा है। मुख्यमंत्री ने एम्स संस्थान के बारे में बताया कि यहां चंद मिनटों में एंबुलेंस के माध्यम से मरीज को ऑपरेशन थियेटर तक पहुंचाने की सुविधा है और इस तरह के घायल मरीजों की देखरेख करने वाला पूर्ण प्रशिक्षित स्टाफ मुस्तैद है, लिहाजा दक्ष स्टाफ की देखरेख में लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। बताया कि यह सब एम्स निदेशक प्रो. रवि कांत के अथक प्रयासों से संभव हो पाया है। बकौल मुख्यमंत्री एम्स ऋषिकेश देश का पहला संस्थान है, जहां अस्पताल परिसर में ही हेलीपेड की सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का पहुंचने पर एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने अन्य अधिकारियों के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर निदेशक एम्स पद्मश्री प्रो. रवि कांत ने कहा कि एम्स का प्रयास है कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक रोगी को पूर्णस्वास्थ्य लाभ उपलब्ध कराया जा सके, लिहाजा संस्थान में मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। निदेशक एम्स ने बताया कि संस्थान में इस सुविधा के शुरू होने से उत्तराखंड राज्य के लोगों मसलन, ट्रॉमा पेशेंट के साथ- साथ ब्रेन स्ट्रोक, हार्टअटैक, अंग प्रत्यारोपण तथा मातृ मृत्युदर को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कोविड19 के बाबत बताया कि हमें वर्ष- 2021 दिसंबर तक कोरोना वायरस का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा, लिहाजा इसके लिए सभी को विशेष सावधानी बरतने के साथ साथ सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना चाहिए। एम्स के हेली सर्विसेस इंचार्ज डा. मधुर उनियाल ने बताया कि सही मायने में इस सेवा का लाभ राज्यवासियों को तभी मिल पाएगा, जब राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए इस सेवा से जोड़ा जाएगा, उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस दिशा में कार्य करेगी। उन्होंने एम्स ऋषिकेश व उत्तराखंड सरकार द्वारा हेली एंबुलेंस व हेलीपैड सेवा शुरू करने के लिए भारत सरकार के सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के सचिव प्रदीप कुमार खरोला द्वारा दिए गए सहयोग की सराहना की। इस अवसर पर एम्स की एयर रेस्क्यू टीम ने आपदा के दौरान घायल को हेलीसेवा से अस्पताल पहुंचाने का मॉकड्रिल कर प्रदर्शन भी किया। महापौर अनीता ममगाई ने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से आपातकाल में एयर एंबुलेंस के माध्यम से लोगों का इलाज किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को एयर एंबुलेंस सेवा का लाभ मिल सकेगा। प्रदेशवासियों के लिए यह अत्यंत सौभाग्य का विषय है, जहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से गंभीर रोगियों को दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों से एम्स ऋषिकेश लाया जाएगा। कहा कि भारतवर्ष में ऋषिकेश एम्स पहला संस्थान बना है, जहां हेली सेवा के माध्यम से रोगियों को शीघ्र उपचार के लिए लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में रोगी को सबसे अधिक आवश्यकता शीघ्र चिकित्सा की होती है। इस हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से रोगियों को शीघ्र चिकित्सा का लाभ प्राप्त होगा। एम्स हेलीपैड के उद्घाटन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, मुख्यमंत्री के उड्डयन सलाहकार दीप श्रीवास्तव, तकनीकि सलाहकार डॉ. नरेन्द्र सिंह, एम्स के डॉ. मनोज गुप्ता, डॉ. यू.बी. मिश्रा, जीएमवीएन उपाध्यक्ष केके सिंघल, राज्यमंत्री करन बोहरा, उपनिदेशक (प्रशासन ) अंशुमन गुप्ता, डीन प्रो. मनोज गुप्ता, डीएचए प्रो. यूबी मिश्रा,डा.गीता नेगी, एसई अनुराग सिंह, ईई एनपी सिंह, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, लॉ ऑफिसर प्रदीप चंद्र पांडेय, उपजिलाधिकारी वरुण चौधरी, क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धोनी आदि मौजूद थे।