उत्तराखण्डमें मास्क का प्रयोग न करने पर पहली बार 200 ,दूसरी बार 500 रूपये का जुर्माना

- मुख्यमंत्री ने सचिवालय में कोविड-19 के संक्रमण तथा बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की
- कोविड-वारियर्स की मृत्यु पर 10 लाख रूपये देने की घोषणा, कहा होम-आइसोलेशन के बजाय अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटर को प्राथमिकता दी जाय

-अधिकारियों को निर्देश मास्क का प्रयोग न करने वालों पर जुर्माने के साथ ही उन्हें 4-4 वॉशेबल मास्क भी उपलब्ध कराये जाए

देहरादून,(उत्तराखण्ड) (OM RATURI) 8 अगस्त मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि कोविड से बचाव के लिए फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं मास्क के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाय। यह सुनिश्चित किया जाय गाईडलाईन का पूर्णतया अनुपालन हो। नियमों का उल्लंघन करने वालो पर कारवाई की जाय। मास्क का प्रयोग न करने वालों पर जुर्माना तो लगाया जाय, लेकिन जुर्माने के साथ ही उन्हें 4-4 वॉशेबल मास्क भी उपलब्ध कराये जाए। सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग न करने एवं नियमों को उल्लंघन करने पर पहली बार में 200 एवं दूसरी बार उल्लंघन करने पर 500 रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा। हाई रिस्क ऐरिया से या अन्य राज्यों से जो लोग आ रहे हैं, उनमें से यदि कोई व्यक्ति ट्रेवल हिस्ट्री की गलत जानकारी दे रहा है, या कोई तथ्य छुपा रहा है, उन पर सख्त कारवाई की जाय। मुख्यमंत्री ने शनिवार को सचिवालय में कोविड-19 के संक्रमण तथा बचाव हेतु स्वास्थ्य विभाग एवं जिलाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भांति आशा फेसिलिटेटर को भी 2-2 हजार रूपये सम्मान निधि के रूप में दी जायेगी। आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मुख्यमंत्री ने रक्षा बंधन के अवसर पर एक-एक हजार एवं उससे पूर्व भी सम्मान राशि के रूप में एक-एक हजार रूपये देने की घोषणा की थी। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि यह सम्मान राशि लाभार्थियों के खाते में जल्द डाली जाय। कोविड-वारियर्स की मृत्यु पर भी मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रूपये देने की घोषणा की गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड में होम-आइसोलेशन हेतु निर्देश पुस्तिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की टीम की जांच एवं मानकों के हिसाब से ही होम-आइसोलेशन की व्यवस्था की जाय। होम-आइसोलेशन के बजाय अस्पताल एवं कोविड केयर सेंटर को प्राथमिकता दी जाय।मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की सैंपल टेस्टिंग और अधिक बढ़ाई जाय। सर्विलांस सिस्टम को और मजबूत करने की जरूरत है। बुजुर्ग, बच्चे एवं को-मॉर्बिड लोग अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। कोविड रिकवरी रेट में सुधार एवं मृत्युदर को कम करने हेतु हर सम्भव प्रयास किये जाय। सीनियर डॉक्टर अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों की पर्सनल केयर करें। जिलाधिकारी, सीडीओ एवं सीएमओ भी इसकी मॉनेटरिंग करें। यह सुनिश्चित किया जाय कि ऑक्सीजन सपोर्ट सिस्टम ही प्रत्येक जनपद में पर्याप्त व्यवस्था हो। सतर्कता के साथ और कैपिसिटी बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि जो लोग प्राइवेट लैब में कोविड सैंपल टेस्टिंग करा रहे हैं, यह सुनिश्चित करा लें कि प्रत्येक व्यक्ति का पता एवं मोबाईल नम्बर सही हो।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि सभी जिलाधिकारी कोविड से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण रखें। सैंपल टेस्टिंग में और तेजी लाई जाय। यह भी सुनिश्चित किया जाय कि टेस्टिंग रिपोर्ट जल्द आ जाय। इंडस्ट्रियल ऐरिया वाले जनपदों में इंडस्ट्री में सैंपल टेस्टिंग में और तेजी लाई जाय। उधमसिंह नगर, नैनिताल एवं हरिद्वार जनपद में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है।सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कहा कि जिन जनपदों में 5 प्रतिशत से अधिक पॉजिटिव रेट हैं, उनमें सैंपलिंग और अधिक बढ़ायी जाय। हाई रिस्क ऐरिया से आने वाले सभी लोगों के सैंपल लिये जाय। उन्होंने कहा कि कोविड केयर सेंटर की व्यवस्थाओं का समय-समय पर निरीक्षण किया जाय। व्यवस्थाओं में कोई कमी न रहे। कोविड केयर सेंटर में समय-समय पर चेकअप हेतु डॉक्टर भेजे जाय।बैठक में डीजी लॉ एण्ड ऑर्डर अशोक कुमार, सचिव शैलेष बगोली, पंकज पाण्डेय, एसए मुरूगेशन, गढ़वाल कमिश्नर रविनाथ रमन, आईजी संजय गुंज्याल, डायरेक्टर मेडिकल एजुकेशन युगल किशोर पंत, अपर सचिव श्रीमती सोनिका, डीजी स्वास्थ्य डॉ. अमिता उप्रेती आदि उपस्थित थे।

===============================================देहरादून 08 अगस्त 2020 (सू.ब्यूरो)

  • वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री ने प्रदान किये राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली एवं राज्य स्तरीय आंगनवाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार।
  • राज्य के 13 जनपदों की 21 महिलाओं एवं किशोरियों तथा 22 आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को किया गया पुरस्कृत।
  • अगले वर्ष से राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार के रूप में 21 हजार के स्थान पर दिये जायेंगे 31 हजार, आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को मिलेंगे 11 हजार के स्थान पर 21 हजार रूपये - मुख्यमंत्री ने की घोषणा।
  • अनाथालयों में पले पढ़े युवक युवतियों को सरकारी सेवा में 5 प्रतिशत आरक्षण की की गई है व्यवस्था।
  • खेती बागवानी के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को दी जायेगी ब्याज मुक्त 03 लाख की धनराशि।
शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विकास विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में वीरांगना तीलू रौतेली के जन्म दिवस के अवसर पर प्रदेश की 21 महिलाओं व किशोरियों को राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली तथा 22 आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को सम्मानित किया। देहरादून जनपद के पुरस्कार पाने वाले को मुख्यमंत्री ने स्वयं सम्मानित किया जबकि अन्य को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बन्धित जनपदों में विधायक गणों एवं जिलाधिकारियों की उपस्थिति में यह पुरस्कार प्रदान किये गये।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले वर्ष से राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार की धनराशि 21 हजार से बढ़ाकर 31 हजार तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार की धनराशि 11 हजार से बढ़ाकर 21 हजार की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के समग्र विकास में स्त्री और पुरूष की समान भागीदारी है। समाज के महत्वपूर्ण अंग होने के नाते स्वस्थ समाज के निर्माण में भी इन की समान भूमिका है। स्त्री और पुरूष को समान रूप से आर्थिक रूप से मजबूत करना समय की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्थिति की मजबूती के लिये महिला किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों को 05 लाख तक बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खेती की बेहतरी के लिये पहले महिलाओं को 2 प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जा रहा था। इस क्षेत्र में उनके बेहतर कार्य को देखते हुए अब 3 लाख की धनराशि उन्हें बिना ब्याज के उपलब्ध करायी जायेगी।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड देव भूमि के साथ ही वीर भूमि भी है। देश की आजादी के पहले और बाद में देश की सुरक्षा एवं अखण्डता के लिये बलिदान देने वाला छठा बलिदानी उत्तराखण्ड का है। इसी के दृष्टिगत प्रधानमंत्री ने उत्तराखण्ड में चार धामों के अतिरिक्त पाँचवां धाम सैन्य धाम भी बताया है। उन्होंने कहा कि वीरांगना तीलू रौतेली जैसे बलिदानी सदैव हमारे प्रेरणाश्रोत रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास में महिलाओं की अहम भूमिका रही है। महिलाओं को घर और बाहर की दोहरी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पड़ता है। महिलाओं के आर्थिक स्वावलम्बन के लिये केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा अनेक योजनायें संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मन्दिर के भूमि पूजन के अवसर पर प्रधानमंत्री का जय सिया राम कहना महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करता है।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य के विकास की परिकल्पना राज्य के अंदर किये जाने वाले प्रयासों से ही साकार हो सकती है। इसके लिये युवाओं को स्वरोजगार अपना कर अपने पैरों पर खड़ा होना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने वाले प्रदेश के तकनीकि दक्षता प्राप्त युवा स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे आये हैं। ये युवा उद्यमी अन्य युवाओं के लिये प्रेरणा का भी कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां की जलवायु ऑफ सीजन सब्जी, फल, फूलों के उत्पादन के लिये वरदान है। स्वरोजगार का यह महत्वपूर्ण साधन बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनाथ व निराश्रित बच्चों को अनाथालयों में रखे जाने की व्यवस्था है, जहां बेटियां ज्यादा रहती हैं। 18 वर्ष के बाद इन्हें अनाथालय से छोड़ दिया जाता है। इन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार द्वारा देश में अपनी तरह की विशेष पहल कर इनके लिये सरकारी सेवाओं में 5 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तव में जिनके लिये आरक्षण की आवश्यकता है उन्हें मिलना चाहिए। हमारी सोच में विश्वास का भाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों में आत्म विश्वास पैदा करना जरूरी है। उन पर हमें भरोसा करना चाहिए। हमारी बेटियां हर क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में राज्य सरकार द्वारा संसाधनों की कमी के बावजूद सभी वर्गों का ध्यान रखा है, चाहे वह श्रमिक हो, टैक्सी ड्राइवर हो या होटल कर्मी सभी को आर्थिक मदद दी गई है। आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को भी 2 हजार की धनराशि उपलब्ध करायी गयी है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बैडमिंटन खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक सुश्री उन्नति बिष्ट, मास्क तैयार करने, प्रशिक्षण देने तथा खाद्यान्न वितरण में सहयोगी रही श्रीमती संगीता थपलियाल, स्वयं सहायता समूहों के गठन, टेक होम राशन वितरण, कुपोषित बच्चों को ऊर्जा पुष्टाहार तैयार करने में सहयोगी रही श्रीमती गीता मोर्य को तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति तथा विभागीय कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन, कम्युनिटी सर्विलांस आदि कार्यों के लिये आंगवाड़ी कार्यकर्तियों, श्रीमती सुधा, कुमारी सीमा तथा कु. फातिमा को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। अन्य लोगों को जनपदों में यह पुरस्कार प्रदान किये गये हैं।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने वीरांगना तीलू रौतेली की वीरगाथा का परिचय देते हुए कहा कि प्रदेश के गढ़वाल क्षेत्र की तीलू रौतेली एक ऐसी वीरांगना थी जो मात्र 15 साल की उमर में ही रणभूमि में कूद गई थी। उन्होंने सात साल तक दुश्मन राजाओं को कड़ी चुनौती दी थी। मात्र 15 से 20 साल की उम्र में सात युद्ध लड़ने वाली तीलू रौतेली एक मात्र ऐसी वीरांगना है जिनकी जयंती पर प्रदेश सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को हर साल तीलू रौतेली के जन्म दिन के अवसर पर पुरस्कृत किया जाता है। इसमें वे महिला शामिल हैं जिन्होंने शिक्षण, समाज सेवा, साहसिक कार्य, खेल, कला, क्राफ्ट, संस्कृति, पर्यावरण एवं कृषि आदि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया हो। इसके साथ ही कोरोना वारियर के रूप में उल्लेखनीय कार्य करने वाली आंगवाड़ी कार्यकर्तियों को भी सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा प्रदेश में महिलाओं के व्यापक हित में भूमि के कागजातों में पति के साथ पत्नी का नाम जुड़ने से उन्हें ऋण आदि सुविधा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से महिलाओं को 50 लाख तक की सम्पति क्रय करने पर मात्र एक रूपये शुल्क लिये जाने की बात कही। अभी महिलाओं को 25 लाख की रजिस्ट्री पर 25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। आंगनवाड़ी कार्यकर्तियों को रक्षाबंधन पर 1000 रू. की अतिरिक्त धनराशि प्रदान करने के लिये उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार भी जताया। इस अवसर पर सचिव श्रीमति सौजन्या, निदेशक डॉ. वी. षणमुगम के साथ ही अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

जनपदों में राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित
सुश्री प्रीति भण्डारी, कु. शिवानी आर्या, सुश्री गुंजन बाला, सुश्री जानकी चन्द, सुश्री शशि देवली, डॉ. पुष्पांजलि अग्रवाल, श्रीमती कंचन भण्डारी, मालविका माया उपाध्याय, श्रीमती सुमन वर्मा, कु. शीतल, श्रीमती मधु खुगशाल, सुश्री कीर्ति कुमारी, सुश्री बबीता रावत, सुश्री ज्योति उप्रेति, मीनू लता गुप्ता, श्रीमती हर्षा रावत, श्रीमती सुमति थपलियाल, श्रीमती चन्द्रकला राय।

जनपदों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार से सम्मानित
श्रीमती नीता गोस्वामी, श्रीमती गीता देवी, श्रीमती पुष्पा हरड़िया, श्रीमती हेमा बोरा, श्रीमती अंजना रावत, सुश्री पूनम, सुश्री आसमा, सुश्री सुमनलता यादव, श्रीमती गंगा बिष्ट, कु. समारोज, श्रीमती निर्मला पाण्डेय, श्रीमती चन्द्रकला चन्द्र, श्रीमती अर्चना देवी, कु. रोशनी, श्रीमती सुशीला देवी, श्रीमती लक्ष्मी देवी, ललिता देवी, श्रीमती कुसुम मेहर, श्रीमती बीना चौहान।

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आयुर्वेद, होम्योपैथिक व योग पद्धति से उपचार कराने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर, एम्स ऋषिकेश के आयुष विभाग में भी टेलिमेडिसिन ओपीडी सुविधा शुरू

-एम्स निदेशक ने बताया कि लॉकडाउन में जरुरतमंद लोगों को समय पर घर बैठे ही चिकित्सकीय परामर्श मिल सके, लिहाजा एम्स संस्थान द्वारा टेलिमेडिसिन वर्चुअल ओपीडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई

मरीज आयुष विभाग द्वारा जारी टेलिमेडिसिन ओपीडी के संपर्क नंबर- 7302895044 पर नियत समय पर चिकित्सकीय परामर्श के लिए संपर्क कर सकते हैं

ऋषिकेश, देहरादून,(उत्तराखण्ड) 8 अगस्त कोविड19 के विश्वव्यापी लगातार जारी इस संक्रमणकाल में आयुर्वेद, होम्योपैथिक व योग पद्धति से उपचार कराने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश ने लोगों की सुविधा के लिए एलोपैथी के बाद अब आयुष विभाग में भी टेलिमेडिसिन ओपीडी सुविधा शुरू कर दी है।

देश-दुनिया में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से एम्स ऋषिकेश में भी जनरल ओपीडी के साथ- साथ आयुष विभाग की आयुर्वेद, होम्योपैथी व योग पद्धति की ओपीडी को भी स्थगित कर दिया गया था। जिसके बाद संस्थान में दूर-दराज क्षेत्रों के मरीजों की सुविधा के लिहाज से कोविड स्क्रीनिंग ओपीडी व एलोपैथी की टेलिमेडिसिन ओपीडी संचालित की गई। इसी क्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान योग, होम्योपैथी व आयुर्वेद पद्धति से उपचार कराने वाले मरीजों के लिए आयुष विभाग की ओर से चिकित्सीय परामर्श के लिए टेलिमेडिसिन वर्चुअल ओपीडी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।एम्स निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि संस्थान द्वारा लॉकडाउन के दौरान गंभीर मरीजों की सुविधा के लिए ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित की गई,जिससे उपचार के अभाव में मरीजों की जीवनरक्षा की जा सके। प्रो. रवि कांत जी ने बताया कि इसके अलावा लॉकडाउन के चलते उत्तराखंड के सुदूरवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों का ट्रांसपोर्ट सुविधा के अभाव में अस्पताल तक पहुंच पाना संभव नहीं है, ऐसे में जरुरतमंद लोगों को समय पर घर बैठे ही चिकित्सकीय परामर्श मिल सके, लिहाजा एम्स संस्थान द्वारा टेलिमेडिसिन वर्चुअल ओपीडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।इस बाबत आयुष विभागाध्यक्ष प्रो. वर्तिका सक्सेना ने बताया कि टेलिमेडिसन ओपीडी दैनिक तौर से अपराह्न 2 बजे से सायं 6 बजे तक संचालित की जा रही है। मरीजों की परेशानी के मद्देनजर ओपीडी सुविधा सोमवार से शनिवार तक प्रत्येक दिन उपलब्ध रहेगी। जिसमें आयुर्वेद, होम्योपैथी व योग तीनों पद्धतियों के विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने बताया कि उक्त पद्धतियों से उपचार कराने वाले मरीज आयुष विभाग द्वारा जारी टेलिमेडिसिन ओपीडी के संपर्क नंबर- 7302895044 पर नियत समय पर चिकित्सकीय परामर्श के लिए संपर्क कर सकते हैं।

एम्स ऋषिकेश में 6 लोगों की रिपोर्ट कोविड पाॅजिटिव

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ऋषिकेश, देहरादून,(उत्तराखण्ड) 8 अगस्त अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पिछले 24 घंटे में हुई कोविड सेंपल जांच में 6 लोगों की रिपोर्ट कोविड पाॅजिटिव पाई गई है। जिनमें 1 स्थानीय व्यक्ति भी शामिल है।

एम्स के जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल ने बताया कि टिहरी विस्थापित गली नंबर-दो, ऋषिकेश निवासी 26 वर्षीय पुरुष जो कि एम्स के कोविड वार्ड में तैनात नर्सिंग ऑफिसर हैं, वह सिर दर्द व बुखार की शिकायत होने पर 5 अगस्त को एम्स इमरजेंसी में आए, जहां उनका कोविड सेंपल लिया गया व आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया। शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उन्हें कोविड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। दूसरा मामला हरिद्वार का है। ज्वालापुर हरिद्वार निवासी 35 वर्षीय महिला जो कि 5 अगस्त को स्वांस रोग,खांसी, कफ की गंभीरशिकायत पर इमरजेंसी में आई थी। जहां इसका कोविड सेंपल लिया गया, जो कि पॉजिटिव पाया गया है, लिहाजा उसे कोविड वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। तीसरा मामला मोतीबाजार, हरिद्वार निवासी 65 वर्षीय व्यक्ति जो कि पिछले एक सप्ताह से बुखार की शिकायत पर 5 अगस्त को एम्स में आया था, जहां इसका सेंपल लेकर उसे आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया गया, सेंपल पॉजिटिव मिलने पर कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया है। चंदनपुर,उत्तराखंड निवासी एक 28 वर्षीय पुरुष जो कि तपेदिक रोग से ग्रसित है व एम्स के पल्मोनरी वार्ड में भर्ती है। उक्त व्यक्ति का 5 अगस्त को सेंपल लिया गया था, जो कि पॉजिटिव आया है, इसके बाद उसे कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया है। बताया गया है कि उक्त व्यक्ति इसी वार्ड में भर्ती एक अन्य पेशेंट के कोविड संक्रमित अटेंडेंट के प्राइमरी कांटेक्ट में आया था। रोशनाबाद ,हरिद्वार निवासी 38 वर्षीया महिला जो कि एम्स में भर्ती एक मरीज की अटेंडेंट है, उक्त महिला का 5 अगस्त को ओपीडी में सेंपल लिया गया जो कि पॉजिटिव पाया गया है, महिला को नजदीकी कोविड केयर सेंटर में भर्ती होने को कहा गया है। हरिद्वार निवासी एक 45 वर्षीय पुरुष जिसे मूर्छित अवस्था में बीती 5 अगस्त को एम्स इमरजेंसी में लाया गया था, उक्त व्यक्ति का इससे पूर्व हरिद्वार कोविड एंटीजन टेस्ट हो चुका था,जिसमें वह पॉजिटिव पाया गया था। एम्स में 5 अगस्त को उसका कोविड सेंपल लिया व उसे कोविड वार्ड में भर्ती कर दिया गया, उक्त व्यक्ति का एम्स में लिया गया सेंपल भी कोविड पॉजिटिव पाया गया है। उन्होंने बताया कि संबंधित कोविड पॉजिटिव मामलों के बाबत स्टेट सर्विलांस ऑफिसर को सूचित कर दिया गया है।

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने वेतन सहित वेतन भत्तों से भी 30% की धनराशि कटौती पर सहमति देते हुए विसअध्यक्ष को पत्र सौंपा

ऋषिकेश, देहरादून,(उत्तराखण्ड) 8 अगस्त भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल से उनके देहरादून स्थित शासकीय आवास पर भेंटकी।इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कोविड-19 महामारी के दृष्टिगत सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार अपने वेतन सहित वेतन भत्तों से भी 30% की धनराशि कटौती पर सहमति देते हुए विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा।अवगत करा दें कि इससे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत द्वारा केवल अपने वेतन से ही 30% धनराशि के कटौती की सहमति दी गई थी।इस बार मुलाकात के दौरान बंशीधर भगत द्वारा अपने वेतन भत्तों से भी कटौती किए जाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को अपना सहमति पत्र सौंपा गया।गौरतलब है कि लॉकडाउन के दौरान मंत्रिमंडल की बैठक में प्रत्येक विधानसभा सदस्य द्वारा उत्तराखंड राज्य विधानसभा (सदस्यों की उपलब्धियां और पेंशन) अधिनियम 2008की धारा 24 में उल्लेखित प्रावधान के अनुसार वेतन, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता एवं सचिवीय भत्ता जिनके वो हक़दार हैं, कि 30 प्रतिशत धनराशि का त्याग एक वर्ष अर्थात 1 अप्रैल, 2020 से 31 मार्च, 2021 तक करने का निर्णय लिया गया था।इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा प्रदेश अध्यक्ष को उनके जन्मदिन की शुभकामनाएं भी दी गई।साथ उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु की कामना की।इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनका पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।