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चण्डीगढ़,03.08.20- : श्री अयोध्या जी में राम मंदिर निर्माण के शुभारम्भ की देश के हर हिन्दू को ख़ुशी है, परन्तु भाजपा ने इसे राजनीतिक लाभ लेने का जरिया बना लिया है। ये कहना है राम भक्त वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशिशंकर तिवारी का। तिवारी ने कहा कि भगवान राम सबके हैं व अयोध्या में भव्य राम मंदिर बनना हर हिन्दू का सपना है। इसमें राजनीति बिलकुल नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यहां जारी एक ब्यान में कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने ताला खुलवाकर अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राम मंदिर आंदोलन को आधार दिया, तो तत्कालीन गृह मंत्री सरदार बूटा सिंह की एक अहम सलाह ने जन्मभूमि की जमीन हासिल करने की राह आसान कर दी।
हिंदू पक्ष की ओर से जो भी केस दायर हुआ था, उसमें कहीं भी जमीन के मालिकाना हक की मांग नहीं थी, बल्कि सिर्फ पूजा-पाठ और प्रबंधन को लेकर केस दाखिल हुए थे। जब राम मंदिर का आंदोलन तेजी पकड़ने लगा और राजीव गांधी ने ताला खुलवाया, तब सरकार के गृह मंत्री बूटा सिंह ने अशोक सिंघल को संदेश भेजा था कि हिंदू पक्ष की ओर से दाखिल किसी केस में जमीन का मालिकाना हक नहीं मांगा गया है और ऐसे में उनका केस हारना लाजिमी है। बूटा सिंह ने समय रहते सलाह नहीं दी होती तो जमीन के मालिकाना हक का फैसला इतना आसान नहीं था।
उन्होंने आगे कहा कि इस आंदोलन में सभी पीठों के शंकराचार्यों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। इसलिए राम जन्म भूमि न्यास को चाहिए कि सिर्फ प्रधानमंत्री को ही नहीं बल्कि अन्य राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्षों व सभी शंकराचार्यों को भी भूमि पूजन कार्यक्रम में आमंत्रित किया जाये। उन्होंने कहा कि न्यास द्वारा सिर्फ प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने से हुई चूक के कारण भाजपा नेता इस प्रकार प्रदर्शित कर रहें हैं मानों ये उनकी पार्टी का ही कार्यक्रम है।
न्यास द्वारा सभी हिन्दुओं को एकजुट करना चाहिए था परन्तु लग रहा है कि इसके कर्ताधर्ता एक पार्टी विशेष के हाथों में खेल रहे हैं, जिससे हिन्दू वर्ग में स्वस्थ संकेत नहीं जा रहा। ये अति दुर्भाग्यपूर्ण है। तिवारी ने मांग की जो कि न्यास को तत्काल इस चूक को सुधारना चाहिए।