कालका से आज बिहार भेजे गए 1213 व्यक्ति
सभी का सुरक्षित घर तक पंहुचाने के प्रयास- विवेक चन्देल

अतिरिक्त उपायुक्त सोलन विवेक चंदेल की देख-रेख में आज जिला प्रशासन सोलन द्वारा 1213 व्यक्तियों को हरियाणा के कालका से विशेष श्रमिक रेलगाड़ी के माध्यम से बिहार के क्यूल एवं अन्य स्थानों के लिए भेजा गया।
SOLAN,02.06.20-विवेक चंदेल ने कहा कि कोरोना वायरस के खतरे के दृष्टिगत जिला प्रशासन सोलन यह सुनिश्चित बना रहा है कि जो लोग राज्य से अपने-अपने घर जाना चाहते हैं, वे सुरक्षित यात्रा कर गंतव्य स्थल तक पहुचे। उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रदेश के सभी जिलों में व्यापक प्रबन्ध किए गए हैं। सोलन जिला में विभिन्न स्थानों पर लोगों को समय-समय पर श्रमिक रेलगाड़ी की समय सारिणी, आरक्षण के लिए सम्पर्क इत्यादि की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इन व्यक्तियों को भेजने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निर्देशानुसार मानक परिचालन प्रक्रिया का पूरा पालन किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों को मास्क पहन कर रखने, सोशल डिस्टेन्सिेग का पालन करने और नियमित रूप से साबुन से हाथ धोने या एल्कोहल युक्त सेनिटाईजर का प्रयोग करने के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी एवं लू के कारण होने वाले निर्जलीकरण (डीहाईड्रेशन) एवं अन्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन सोलन द्वारा यात्रियों को ओ.आर.एस सहित अन्य जरूरी वस्तुएं उपलब्ध करवाई गई हैं। उन्हांेने कहा कि छोटे बच्चों के लिए दूध, सेरेलेक इत्यादि की भी पूर्ण व्यवस्था की गई है।
विवेक चंदेल ने कहा कि श्रमिक रेलगाड़ी से आज यह व्यक्ति बिहार के ससाराम, गया तथा क्यूल के लिए रवाना हुए। इन लोगों को प्रदेश पथ परिवहन निगम की 43 बसों के माध्यम से कालका पहंुचाया गया। रेलवे स्टेशन पर सभी यात्रियों के लिए भोजन, जल इत्यादि की पूर्ण व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने कहा कि इन 1213 व्यक्तियों में सोलन जिला के 635, शिमला जिला से 14, जिला सिरमौर से 144, जिला ऊना से 115, कुल्लू जिला से 07, जिला मण्डी से 33, जिला कांगड़ा से 127, जिला हमीरपुर से 25, जिला चम्बा से 71 तथा जिला बिलासपुर से 42 व्यक्ति बिहार भेजे गए।
उपमण्डलाधिकारी सोलन रोहित राठौर, सहायक आयुक्त परवाणु विक्रम नेगी, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी सुरेश सिंघा, जिला खनन अधिकारी कुलभूषण सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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सोलन जिला से आज कोरोना संक्रमण जांच के लिए भेजे गए 212 सैम्पल
गत दिवस के सभी 25 रक्त नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव

सोलन जिला से आज कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि के लिए 212 व्यक्तियों के रक्त नमूने केंद्रीय अनुसंधान संस्थान कसौली भेजे गए। यह जानकारी आज यहां जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ.एन.के गुप्ता ने दी।
डाॅ. गुप्ता ने कहा कि इन 212 रक्त नमूनों में से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नालागढ़ से 29, नागरिक अस्पताल बद्दी से 57, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन से 41, एमएमयू कुम्हारहट्टी से 04, नागरिक अस्पताल अर्की से 08, ईएसआई परवाणू से 32, ईएसआई बरोटीवाला से 18 तथा ईएसआई झाड़माजरी से 23 सैम्पल कोरोना वायरस संक्रमण जांच के लिए भेजे गए हैं।
उन्होंने कहा कि गत दिवस भेजे गए सभी 25 रक्त नमूनों की रिपोर्ट नेगेटिव प्राप्त हुई है।
डाॅ. गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में जिला में 2163 व्यक्तियों को होम क्वारेनटाइन तथा 321 व्यक्तियांे को संस्थागत क्वारेनटाइन किया गया है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले लोगों से आग्रह किया कि वे क्वारेनटाइन सम्बन्धी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें। उन्होंने कहा कि इन नियमों की अनुपालना न केवल बाहर से आने वाले व्यक्तियों के परिवारों अपितु समाज को किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचाने में सहायक सिद्ध होगी।
डाॅ. गुप्ता ने सभी से आग्रह किया कि खांसी, जुखाम, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर शीघ्र समीप के स्वास्थ्य संस्थान से सम्पर्क करें। इस सम्बन्ध में किसी भी सहायता के लिए हैल्पलाईन नम्बर 104 तथा दूरभाष नम्बर 221234 पर सम्पर्क किया जा सकता है।

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भाषा शिक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए आवेदन की तिथि 15 जुलाई तक बढ़ी
भारतीय भाषा संस्थान, मैसूर द्वारा भारतीय भाषाओं में भाषा शिक्षा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथ 15 जुलाई, 2020 तक बढ़ाई गई है। यह जानकारी उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र सोलन के प्राचार्य प्रभारी तारिक़ खान ने दी।
तारिक़ खान ने कहा कि इस पाठ्यक्रम की अवधि 10 माह है और पाठ्यक्रम में केंद्र सरकार की आरक्षण नीति के अनुसार विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि संस्थान द्वारा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 07 क्षेत्रीय भाषा केंद्रों में उपलब्ध करवाया जा रहा है। इनमें से एक उर्दू शिक्षण तथा अनुसंधान केंद्र, सपरून, सोलन भी है। इस संस्थान में वर्ष में 10 माह का उर्दूू भाषा में प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के लिए शैक्षणिक योग्यता स्नातक उपाधि तथा आयु 45 वर्ष है। आवेदक ने संस्थान के किसी भी क्षेत्रीय भाषा केंद्र से पूर्व में प्रशिक्षण प्राप्त न किया हो। आवेदक उस भाषा के लिए आवेदन न करें जिसे वे पहले से जानते हों।
उन्होंने कहा कि सभी पद ऐसे अध्यापकों के लिए आरक्षित हैं जो सरकारी विद्यालय अथवा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में छठी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाते हों और कम से कम 03 वर्ष तक पढ़ाने का अनुभव रखते हों। उन्होंने कहा कि अंतिम वेतन प्रमाण पत्र के आधार पर प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही 800 रुपये प्रतिमाह वृद्धि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीएड, एमएड अभ्यर्थी भी प्रशिक्षण में प्रवेश के लिए पात्र हैं। इन्हें 5000 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। स्नातक उपाधि प्राप्त आवेदक भी प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे। उन्हें प्रतिमाह 800 रुपये वृत्ति प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अधिक जानकारी भारतीय भाषा संस्थान मैसूर की वैबसाइट www.ciil.org पर प्राप्त की जा सकती है। आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जुलाई, 2020 की गई है।
अधिक जानकारी के लिए क्षेत्रीय भाषा केंद्र एकक, भारतीय भाषा संस्थान मैसूर से दूरभाष नंबर 0821-23451-56 तथा सोलन स्थित केंद्र से दूरभाष नंबर 01792-223424 पर संपर्क किया जा सकता है।

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जिला दण्डाधिकारी सोलन केसी चमन ने प्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना में औद्योगिक कामगारों एवं कर्मियों के आवागमन के लिए स्टेज कैरियेज वाहनों (बसों) में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्री लाने-ले जाने के सम्बन्ध में संशोधित आदेश जारी किए हैं।
यह संशोधित आदेश केन्द्रीय गृह मन्त्रालय तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुरूप किए गए हैं। आदेशों में यह संशोधन प्रदेश सरकार द्वारा 31 मई, 2020 को जारी उन निर्देशों के अनुरूप किया गया है जिनमें स्टेज कैरियेज, सार्वजनिक परिवहन (हिमाचल पथ परिवहन निगम एवं निजी बसों) में कुल क्षमता के 60 प्रतिशत यात्रियों के साथ परिवहन की अनुमति दी गई है।
संशोधित आदेशों के अनुसार कामगारों एवं कर्मियांे को लाने-ले जाने के लिए प्रयुक्त वाहन को इनके वाहन में चढ़ने से पूर्व सेनिटाइज करना आवश्यक होगा।
यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गए हैं और आगामी आदेशों तक लागू रहेंगे।

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कांगड़ा जिला में दो नए पॉजिटिव मामले: डीसी
कोरोना एक्टिव केस हुए 56 तथा 32 नागरिक हुए स्वस्थ
धर्मशाला, 02 जून। कांगड़ा जिला में कोविड-19 के दो नए पॉजिटिव मामले आए हैं, इसमें एक कांगड़ा उपमंडल के सुनेहड़ का नागरिक तथा शाहपुर उपमंडल के भनियारा की एक युवती शामिल है दोनों ही दिल्ली से वापिस आए थे तथा होम क्वारंटीन में थे, दोनों को ही कोविड केयर सेंटर बैजनाथ के लिए शिफ्ट कर दिया गया है। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि जिला में कोरोना पॉजिटिव के अब तक कुल 89 मामले सामने आ चुके हैं तथा इनमें से 56 एक्टिव केस हैं जबकि 32 पॉजिटिव नागरिक स्वस्थ हो चुके हैं तथा एक की मौत हो चुकी है।
उपायुक्त राकेश प्रजापति ने देते हुए बताया कि जिला कांगड़ा में लॉकडाउन के माध्यम से सामाजिक दूरी की अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है तथा इस बारे में लोगों को जागरूक भी किया गया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करनी चाहिए। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि घरों से बेवजह बाहर नहीं निकलें तथा लॉकडाउन का पूरी अनुपालना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगडा जिला में घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है तथा मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बाबत दुकानों पर भी नो मास्क नो एंट्री के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटीन किए गए लोगों को घरों में ही रहने निर्देश दिए गए हैं तथा होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान भी किया गया है।

होम क्वारंटीन वाले नागरिकों को पंचायत प्रधान को सूचित करना जरूरी
उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा जिला के सीमांत क्षेत्रों से होशियारपुर, पठानकोट इत्यादि में प्रतिदिन व्यापारिक या रोजगार के कारणों से आवाजाही करने वाले लोगों को भी छूट प्रदान की गई है इसके साथ ही ट्रेन या हवाई सेवाओं के माध्यम से आने वाले नागरिकों को संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा तथा जिन नागरिकों ने प्राधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों से कोविड-19 का तीन दिन पहले सेंपल करवाया है तथा नेगेटिव रिपोर्ट आई हो उनको संस्थागत क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों को होम क्वारंटीन के निर्देश दिए गए हैं उनको पंचायत प्रधान को रिपोर्ट करना जरूरी होगा तथा आशा वर्कर होम क्वारंटीन लोगों की निगरानी करेंगी। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि बाहरी राज्यो ंसे कांगड़ा जिला में नौकरी के कारणों या आवश्यक सेवाओं के लिए लौटने वाले नागरिकों को क्वारंटीन को लेकर संबंधित उपमंडलाधिकारियों को निर्णय लेने के लिए प्राधिकृत किया गया है।

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कांगड़ा जिला में तीन नए पॉजिटिव मामले: डीसी
कोरोना एक्टिव केस हुए 57 तथा 32 नागरिक हुए स्वस्थ
कोविड पॉजिटिव के संपर्क में आए नागरिकों के भी होंगे सेंपल
धर्मशाला, 02 जून। कांगड़ा जिला में कोविड-19 के तीन नए पॉजिटिव मामले आए हैं, इसमें कांगड़ा उपमंडल के सुनेहड़ का एक नागरिक निजी वाहन से तथा शाहपुर उपमंडल के भनियारा की एक युवती स्पाईसजेट फ्लाइट के माध्यम से और बैराघाट, धीरा का एक नागरिक दिल्ली से वापिस आए थे तथा होम क्वारंटीन में थे, दो को कोविड केयर सेंटर बैजनाथ के लिए शिफ्ट कर दिया गया है जबकि एक को धर्मशाला शिफ्ट किया गया है। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि जिला में कोरोना पॉजिटिव के अब तक कुल 90 मामले सामने आ चुके हैं तथा इनमें से 57 एक्टिव केस हैं जबकि 32 पॉजिटिव नागरिक स्वस्थ हो चुके हैं तथा एक की मौत हो चुकी है।
पॉजिटिव नागरिकों के संपर्क में आए लोगों की जा रही है पहचान:
उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि कोविड-19 पॉजिटिव युवती स्पाईसजेट फ्लाइट से 26 मई को दिल्ली से गगल एयरपोर्ट पर पहुंची थी तथा उस फ्लाइट में आए सभी लोगों की पहचान की जा रही है तथा उनके भी सेंपल लिए जाएंगे इसी तरह से सुनेहड़ निवासी के पॉजिटिव के संपर्क में आए लोगों की भी पहचान की जा रही है। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने देते हुए बताया कि जिला कांगड़ा में सामाजिक दूरी की अनुपालना सुनिश्चित की जा रही है तथा इस बारे में लोगों को जागरूक भी किया गया। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करनी चाहिए। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि घरों से बेवजह बाहर नहीं निकलें तथा लॉकडाउन का पूरी अनुपालना सुनिश्चित करें।
उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगडा जिला में घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है तथा मास्क नहीं पहनने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बाबत दुकानों पर भी नो मास्क नो एंट्री के बोर्ड लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि होम क्वारंटीन किए गए लोगों को घरों में ही रहने निर्देश दिए गए हैं तथा होम क्वारंटीन का उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान भी किया गया है।

होम क्वारंटीन वाले नागरिकों को पंचायत प्रधान को सूचित करना जरूरी
उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि कांगड़ा जिला के सीमांत क्षेत्रों से होशियारपुर, पठानकोट इत्यादि में प्रतिदिन व्यापारिक या रोजगार के कारणों से आवाजाही करने वाले लोगों को भी छूट प्रदान की गई है इसके साथ ही ट्रेन या हवाई सेवाओं के माध्यम से आने वाले नागरिकों को संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा तथा जिन नागरिकों ने प्राधिकृत स्वास्थ्य संस्थानों से कोविड-19 का तीन दिन पहले सेंपल करवाया है तथा नेगेटिव रिपोर्ट आई हो उनको संस्थागत क्वारंटीन नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों को होम क्वारंटीन के निर्देश दिए गए हैं उनको पंचायत प्रधान को रिपोर्ट करना जरूरी होगा तथा आशा वर्कर होम क्वारंटीन लोगों की निगरानी करेंगी। उपायुक्त राकेश प्रजापति ने कहा कि बाहरी राज्यो ंसे कांगड़ा जिला में नौकरी के कारणों या आवश्यक सेवाओं के लिए लौटने वाले नागरिकों को क्वारंटीन को लेकर संबंधित उपमंडलाधिकारियों को निर्णय लेने के लिए प्राधिकृत किया गया है।