सोलन-दिनांक 26.02.2020-केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन सचिव सीके मिश्रा ने आज सोलन के सपरून स्थित भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के उच्च उच्छाय क्षेत्रीय केंद्र में लगभग 03 करोड़ रुपए की लागत से नव निर्मित पारिस्थितिकीय तन्त्र जीव कोष भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने ‘फोनल डाईवर्सिटी ऑफ इंडियन ट्रान्स-हिमालयन लैंडस्केप’ विषय पर एक दिवसीय सम्मेलन का शुभारम्भ भी किया।
सीके मिश्रा ने कहा कि इस पारिस्थितिकीय तन्त्र जीव कोष भवन के निर्मित होने से हिमालय क्षेत्र में अब तक हुए जीव शोधों का समस्त अभिलेख उपलब्ध रहेगा। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 04 जीव कोष भवन हैं। सोलन में स्थापित यह पारिस्थितिकीय तन्त्र जीव कोष भवन उत्तर भारत का प्रथम जीव कोष भवन है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊष्मीकरण के समय में सोलन में स्थापित उच्च उच्छाय क्षेत्रीय केंद्र की महता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। यह केंद्र हिमालयी पारिस्थितिकीय तन्त्र के जीवों के शोध का महत्वपूर्ण केंद्र है। इस क्षेत्र में अधिकांश जीव प्रजातियां पाई जाती हैं। हम सभी का यह कर्तव्य बनता है कि इन सभी जीव प्रजातियों पर पूर्ण वैज्ञानिक शोध सुनिश्चित बनाएं ताकि इनके विकास की प्रक्रिया को बाधित होने से रोका जा सके और इनका संवर्धन सुनिश्चित हो।
सीके मिश्रा ने कहा कि वैज्ञानिकों को जीव कोष, जीव चक्र एवं जैविक संपदा के विषय में अपने ज्ञान को विभिन्न माध्यमों से लोगों तक पहुंचाना होगा। उन्होंने कहा कि जैविक संपदा की सुरक्षा के लिए आमजन का इस दिशा में जागरूक होना आवश्यक है।
उन्होंने ‘फोनल डाईवर्सिटी ऑफ इंडियन ट्रान्स-हिमालयन लैंडस्केप’ विषय पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए आग्रह किया कि सृष्टि एवं पृथ्वी की सुरक्षा के लिए आवश्यक जैविक संपदा का संरक्षण भावी पीढि़यों के लिए भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध प्राकृतिक संपदा, अतुल्य सौंदर्य और ज्ञान का संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है और इस दिशा में युवा वैज्ञानिकों का जागरूक होना आवश्यक है।
उन्होंने इस अवसर पर तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया।
सम्मेलन में शूलिनी विश्वविद्यालय सोलन, इटरनल विश्वविद्यालय बड़ू साहिब तथा हिमालयन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के 50 छात्रों को प्रशिक्षित किया गया।
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के उच्च उच्छाय क्षेत्रीय केंद्र की वैज्ञानिक एवं ऑफिसर इंचार्ज डॉ. अवतार कौर सिद्धू ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर भारतीय प्राणी सर्वेक्षण मुख्यालय के वैज्ञानिक डॉ. सी रघुनाथन, भारतीय वानस्पति सर्वेक्षण के निदेशक डॉ. एए माओ, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के निदेशक डॉ. कैलाश चंद्र, प्रदेश की प्रधान मुख्य अरण्यपाल डॉ. सविता, डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति डॉ. परविंद्र कौशल, सहायक आयुक्त सोलन भानु गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वैज्ञानिक उपस्थित थे।
सीके मिश्रा ने तदोपरांत डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी में भारतीय वानस्पतिक सर्वेक्षण के उच्च उच्छाय पश्चिमी हिमालय क्षेत्रीय केंद्र का शुभारंभ भी किया। यह भारतीय वानस्पतिक केंद्र का 11वां क्षेत्रीय केंद्र है।