आज यहां पार्टी कार्यालय चंडीगढ़ में इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला के समक्ष जजपा के छात्र संगठन इनसो के स्टेट प्रेजिडेंट चंडीगढ़ रहे अंकित सांगवान ने अपने साथियों सहित इनेलो के छात्र संगठन ‘आईएसओ’ में अपनी आस्था जताई।

चंडीगढ़, 19 फरवरी: आज यहां पार्टी कार्यालय चंडीगढ़ में इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला के समक्ष जजपा के छात्र संगठन इनसो के स्टेट प्रेजिडेंट चंडीगढ़ रहे अंकित सांगवान ने अपने साथियों सहित इनेलो के छात्र संगठन ‘आईएसओ’ में अपनी आस्था जताई। इस दौरान उनके साथ डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 चंडीगढ़ के प्रेजिडेंट अभिजीत सिंह और पूर्व पे्रजिडेंट राहुल सांगवान ने भी ‘आईएसओ’ की सदस्यता लेने का निर्णय लिया।
इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने उक्त सभी सदस्यों को इनेलो पार्टी का पटका पहना छात्र संगठन ‘आईएसओ’ से जुडऩे पर पूरा मान-सम्मान देने का भरोसा दिलाया।
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विधायकों की प्री-बजट बैठक में इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा में गिरते भू-जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर जल संरक्षण योजनाएं चालू न की गई तो विशेषज्ञों के अनुसार भू-जल स्तर इस तरह घटता रहेगा कि इंसान को पीने के पानी के लाले पड़ जाएंगे।

चंडीगढ़, 19 फरवरी: विधायकों की प्री-बजट बैठक में इनेलो नेता चौधरी अभय सिंह चौटाला ने हरियाणा में गिरते भू-जल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगर जल संरक्षण योजनाएं चालू न की गई तो विशेषज्ञों के अनुसार भू-जल स्तर इस तरह घटता रहेगा कि इंसान को पीने के पानी के लाले पड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि गिरते भू-जल स्तर के कारण हरियाणा प्रदेश एक-एक बंूद पानी को तरसने को मजबूर होगा और हरियाणा के प्रसिद्ध जल विज्ञानी एसपी गुप्ता के अनुसार अगर भू-जल स्तर इसी तरह घटता रहा तो पानी की राशनिंग करने की नौबत भी आ सकती है। गिरते भू-जल स्तर के कारण कृषि का धंधा चौपट हो जाएगा और पहले ही हरियाणा के अधिकतर जिलों को भू-जल स्तर की दृष्टि से डार्कजोन घोषित कर दिया गया है।
इनेलो नेता ने कहा कि उनको आज दादूपुर-नलवी नहर की संघर्ष समिति के सदस्यों ने ज्ञापन देकर अम्बाला, यमुनानगर एवं कुरुक्षेत्र आदि जिलों में गिरते भू-जल स्तर के बारे में बताया और कहा कि भाजपा की सरकार ने दादूपुर-नलवी नहर की योजना रद्द करने से इस क्षेत्र के किसानों के कृषि के धंधे पर विपरीत असर पड़ा है। भू-जल स्तर प्रति वर्ष 10 से 12 फीट तक नीचे जा रहा है। संघर्ष समिति के सदस्यों ने आग्रह किया कि वह प्री-बजट बैठक में दादूपुर-नलवी योजना को पुन: चालू करने के लिए सरकार से मौजूदा बजट सत्र में राशि प्रस्तावित करने के लिए अपना पक्ष रखें ताकि किसानों को पानी की आवश्यकता को देखते हुए राहत मिल सके।
इनेलो नेता ने बताया कि यह योजना 1985 में जननायक चौधरी देवी लाल ने 13 करोड़ रुपए की राशि सहित स्वीकृत करके मंजूर की थी और जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया 2004 में 166 करोड़ रुपए का मुआवजा देकर शुरू की गई थी। दादूपुर-नलवी योजना इस इलाके की जीवनरेखा है जिसको भाजपा सरकार ने 2017 में रद्द करके अपना किसान विरोधी चेहरा उजागर किया है। भाजपा ने किसानों की इस जीवनरेखा को बंद करने का यह बहाना बनाया था कि यह किसानों के लिए उपयुक्त नहीं है, वास्तव न्यायालय द्वारा मुआवजे की राशि बढ़ाए जाने के कारण सरकारी खजाने से किसानों को जमीन के मुआवजे की अदायगी करने के लिए पैसे की कमी थी। सरकार ने किसानों से कहा कि उनको मुआवजे की दी गई राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित जमा करवाकर वह अपनी जमीन वापिस ले सकते हैं जिस पर उन्होंने कहा कि हमें जमीन नहीं चाहिए उनको तो दादूपुर-नलवी योजना की आवश्यकता है।
इनेलो नेता ने कहा कि भाजपा-जजपा की सरकार को किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए दादूपुर-नलवी की रद्द की गई योजना को पुन: चालू किया जाए ताकि अम्बाला, यमुनानगर और कुरुक्षेत्र आदि जिलों में भू-जल के स्तर में सुधार आ सके। उन्होंने कहा कि इस योजना को पुन: चालू करने के लिए सरकार को इस वित्तीय वर्ष में बजट का प्रावधान करना चाहिए ताकि किसानों को राहत मिल सके और प्रदेश को पानी के संकट से बचाया जा सके।