करनाल, 16 फरवरी। हरियाणा की राजनीति में पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर ने नए मंच के माध्यम से वापसी करने का करनाल से आज ऐलान कर दिया। उनके जन्मदिन पर समर्थकों द्वारा आयोजित स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अशोक तंवर ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों को आड़े हाथों लेते टीना (देयर इज नॉ ऑल्टरनेट) फैक्टर पर चर्चा की, यानी अच्छे विकल्प के अभाव में लोग जिन्हें नहीं लाना चाहते उन्हें चुनना पड़ता है। इसीलिए राज्य में नया विकल्प खड़ा करने की आवश्यकता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर, सर छोटू राम, राव तुलाराम, शहीद ए आजम भगत सिंह, चन्द्र शेखर आजाद, शहीद ऊधम सिंह आदि महापुरुषों के विचारों पर आदर्श एवं स्वाभिमानी व्यवस्था को कायम करने के लिए राज्य स्तर पर काम होगा।
स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम में बीएसपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती, नरेश सारण, पूर्व सांसद प्रमोद कुरील, वृंदावन से आचार्य देवकी नन्दन, सन्त मंगला नन्द चांग, महाराज सूर्यानंद जी, सन्त व्यास जी सहित राज्य भर से सन्त रविदास सभा, महर्षि वाल्मीकि सभा, कबीर महासभा, अम्बेडकर महासभाओं व राष्ट्रीय स्तर के अनेक सन्त समाज, राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने डॉ. अशोक तंवर को आगामी संघर्ष के लिए स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।
अशोक तंवर ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के कथन 'जिनका स्वाभिमान मर चुका है, वही गुलाम हैं' और उसी तरह मान्यवर कांशीराम जी ने भी कहा कि
'स्वाभिमानी लोग ही संघर्ष की भाषा समझते हैं' से अपना संबोधन आरम्भ करते हुए कहा कि आज उसी स्वाभिमान का सहारा लेकर वे नई लड़ाई के लिए तैयार है। आपका साथ मिला तो 11-12 साल के हरियाणा में सक्रिय चुनावी राजनीति तथा कांग्रेस में 25-26 वर्ष के सांगठनिक अनुभव के आधार पर विश्वास दिलाता हूं कि आने वाला समय स्वाभिमानियों और संघर्षशील साथियों का होगा। तमिलनाडु, यूपी, बिहार, उड़ीसा, बंगाल, गुजरात आदि राज्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कई दशकों से कांग्रेस की वापसी इन राज्यों में नहीं हुई। इसी तरह हरियाणा में भी यही मॉडल आरम्भ हो चुका है और कांग्रेस की सरकार में माल कमाने वालों घोटालेबाजों को बस अपने आप को बचाने की चिंता है। हरियाणा, राजस्थान, एमपी और महाराष्ट्र के भाजपा और कांग्रेस के घोटालेबाज अब मिलकर सरकार चला रहे है। इसलिए नया विकल्प कांग्रेस और भाजपा मुक्त आपसी भाईचारे की व्यवस्था कायम करने का संकल्प लेना चाहिए और आने वाले दिनों में यही विकल्प विपक्ष का काम करेगा।
उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे अपने साथियों से आगामी तीन महीनों में नए संगठन की रणनीति तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने संग़ठन से जुड़ने के लिए नम्बर 8059904333 जारी करते हुए कहा कि इस नम्बर पर मिस कॉल कर आप संग़ठन से जुड़ सकते है। हरियाणा के हर गांव-शहर में स्वाभिमान के साथ जीना पसन्द करने वाले लोग रहते है। राजनीति को सौदेबाजी, किसान-मजदूर के विश्वास के साथ छल, घोटालों का बाजार करने वालों के खिलाफ नया विकल्प अच्छा नेतृत्व देगा।
लाल व नीले रंग के गुब्बारों से सजे मंच से बोलते हुए अशोक तंवर ने बीजेपी को सीएए-एनआरसी के मुद्दे पर आड़े हाथों लेते हुए देश की सवा सौ करोड़ आबादी को नोटबन्दी की तर्ज पर लाइन में खड़ा करने का तुगलकी फरमान है। इस काम पर साढ़े चार लाख करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। जबकि आज बैंक आठ लाख करोड़ के एनपीए की वजह से डूबने की कगार पर है। वही किसान को फसल का भाव नही मिलता, सरकार का घाटा बढ़ रहा है। उन्होंने बीजेपी पर जाति-धर्म के नाम पर बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में आपकी नफरत की रोटी सेंकने की योजना भी धरी रह गयी। देश मे नफरत का आज ऐसा माहौल खड़ा हो गया दिल्ली के गार्गी कॉलेज में जय श्री राम का नारा लगाते हुए बेटियों को छेड़ने का काम हुआ। उन्होंने बांग्लादेश की लड़ाई में अपने पिता दिलबाग सिंह के अनुभवों का जिक्र करते हुए बताया देश को मुद्दों से भटकाने के लिए युद्ध उन्माद पैदा किया जा रहा है। जबकि सैनिक की पीड़ा और उनका दर्द आरएसएस महसूस नही कर सकता।
उन्होंने कांग्रेस के आरक्षण बचाने व अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधन का विरोध करने को ड्रामा बताते हुए कहा कि अगर प्रमोशन में आरक्षण की चिंता पहले होती तो हरियाणा में बैकलॉग नही खड़ा होता। अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधनियम ढंग से लागू किया गया होता तो गोहाना, मिर्चपुर, भगाना जैसी घटनाएं नहीं होती। उन्होंने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता से मिले अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस राजे-रजवाड़ो और सामंतों की पार्टी है जब तक माल कमाना जारी रहा तो पार्टी मजबूत और जब माल कमाना बन्द हुआ तो पार्टी कमजोर हुई। कांग्रेस में रहकर बीजेपी के खिलाफ संघर्ष करने वालों के साथ ज्यादती हुई तो उन्होंने स्वाभिमान के पथ पर चलते हुए पार्टी छोड़ने में देर नही की। जल्लादों ने कांग्रेस को बूचड़खाना बना दिया है, जहां गरीब को काटा जाता है। आज स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम के चलते दलितों के सड़क पर उतरने का नाटक करने वाली पार्टी को यह नही भूलना चाहिए सुप्रीम कोर्ट में जिस अपील पर हाल का निर्णय आया है उस अपील को 2012 में कांग्रेस उत्तराखंड में हरीश रावत की कांग्रेस सरकार ने दाखिल किया था और आज घड़ियाली आंसू बहाए जा रहे है।
उन्होंने सन्त रविदास की वाणी में कहा गया है कि ' हर फूल से अच्छा पराग लाकर शहद का निर्माण करती है। उसी तरह आने वाले समय में अच्छे लोगों को जोड़ना और आपसी भाईचारे के साथ एक आदर्श व्यवस्था स्थापित करने का काम करना है। गुटबाजी और अनुशासनहीनता कांग्रेस के डीएनए में है और वो पाताल तक कांग्रेस को देख कर आए है इसलिए सन्तों की वाणी के अनुसार एक छत्ते के रूप में एकजुट होकर काम करेंगे।
कार्यक्रम में डॉ. अशोक तंवर के जन्मदिन पर समर्थकों द्वारा 44 किलो का केक काटा गया और झज्जर से आए समर्थकों ने मशहूर 44 किलो बर्फी भेंट की। इसी तरह राज्य भर के विभिन्न जिलों से आए विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने फूलमालाओं, लड्डुओं, पगड़ी, हुक्का व ढोल-बाजे से अशोक तंवर का अभिनन्दन किया। स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम में पहुंचने से पहले डा. अशोक तंवर को करनाल के मेन बाजार से जुलूस की शक्ल में आयोजन स्थल तक लाया गया। स्वाभिमान दिवस कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग से सेक्टर 12 तक दिन भर जाम की स्थिति बनी रही। आयोजन में उमड़ी भीड़ से आयोजकों के चेहरे पर प्रसन्नता नजर आई। आयोजन स्थल पर पहुंचने पर डॉ. अशोक तंवर का गुलाब के फूलों की वर्षा कर स्वागत हुआ।
बीएसपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश भारती ने अशोक तंवर को युवा, जुझारू, ऊर्जावान और स्वाभिमानी व्यक्तित्व का धनी नेता बताया। आज के गरीब विरोधी माहौल में ऐसे नेतृत्व की समाज को सख्त जरूरत है।
वहीं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष नरेश सारण ने कहा कि आज के माहौल में गरीबों पर अत्याचार बढ़े है। पहले ज्यादती फिर हमदर्दी का नाटक आम हो गया है। कांग्रेस और बीजेपी की नौटंकी से अब निजात पाने का समय आ गया है। अशोक तंवर एक स्वाभिमानी आदमी है। दिल्ली के तुगलकाबाद में तोड़े गए सन्त रविदास मंदिर को पुनः बनवाने की लड़ाई से देश भर में गरीब-दलितों में नए नेतृत्व की आशा जगी है।
स्वाभिमान दिवस के सफल आयोजन के लिए पूर्व सांसद प्रमोद कुरील ने सभी का आभार जताया। संसद में डॉ अशोक तंवर से जुड़े अपने अनुभव सांझा करते हुए उन्होंने बताया कि आज के दौर में अशोक तंवर जो भी लड़ाई लड़ेंगे वह उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।
इस अवसर पर पूर्व राजदूत आजाद सिंह तूर, अशोक तंवर की धर्मपत्नी अवंतिका माकन तंवर, जयपाल सिंह लाली, बीएस बंकल, प्रो भगत सिंह, महाबीर सिंह तंवर, नवदीप गोदारा हिसार, इंद्र दलाल पलवल, बीएसपी के पूर्व जोनल कोऑर्डिनेटर कृष्ण, सन्त गुणीदास, अम्बेडकर सेना के प्रधान नेमपाल, वैश्य अग्रवाल महासभा के प्रधान राहुल जैन, पप्पी जिंदल, विशाल जोगनाद, सुनील सरदार, असीम दास, मनोज बेगमपुर, सोनिया तंवर, जय भगवान सिरोही, प्रो कुलताज सिंह, कैलाश चन्द्र झज्जर, जैन सिंह दहिया फरीदाबाद, श्याम सिलाना, फकीरचंद, नवीन कादियान एडवोकेट, महाबीर कटारिया, नरेश देवरखाना, सुनील जड़ोदिया, सत्यनारायण कोसली, महेंद्र भुक्कल गोंदर, सुनील खेड़ी राई, रेखा सुशील गुर्जर, कर्ण सिंह लोहिया, खजान सिंह, दयाल सिंह सिरोही, गौरव विकास चौधरी फरीदाबाद, विमल मनोचा, नरेश मग्गो रोहतक, सुरेंद्र खटीमा उत्तराखंड सहित अनेक सामाजिक व राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।