चंडीगढ़, 16 फरवरी: राष्ट्रपति ट्रम्प के दौरे के दौरान भारत सरकार अमेरिका के साथ डेयरी व पोल्ट्री व्यापार की वस्तुओं पर आयात-शुल्क कम करके व्यापार में होने वाले समझौते बारे इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह ग्रामीण क्षेत्र में स्वयं रोजगार की संभावनाओं पर विपरीत प्रभाव डालने वाला समझौता होगा।
इनेलो नेता ने कहा कि अमेरिका में चुनाव होने से पहले ट्रम्प अमेरिकियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उत्सुक हैं। भारत में आठ करोड़ से ज़्यादा ग्रामीण डेयरी और पोल्ट्री के धंधे में स्वयं के रोजगार के माध्यम से अपनी जीविका चला रहे हैं। सरकार का कहना है कि अमेरिकी कंपनियों के डेयरी व पोल्ट्री में निवेश से व्यापार उत्साहित होगा परंतु हरियाणा प्रदेश के लाखों ग्रामीण अमेरिकी कंपनियों का निवेश व उत्पादन खर्च का मुकाबला न करने की वजह से खुदरा व्यापार में उनका मुकाबला नहीं कर पाएंगे। ऐसे में देश व प्रदेश में शहरी और ग्रामीण स्तर पर काम करने वाला स्वयं रोजगारी पिछड़ जाएगा। भाजपा सरकार अमेरिका के प्रभाव के अंतर्गत रोजगार क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी भूल कर रही है। हरियाणा में लाखों शहरी व ग्रामीण इस धंधे से जुड़े हैं। प्रदेश में पहले ही बेरोजगारी से जूझ रहे युवक नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। बेरोजगारी की समस्या से युवा वर्ग कनाडा आदि देशों की तरफ भाग रहा है।
इनेलो नेता ने कहा कि हरियाणा में पढ़े-लिखे युवाओं के लिए मजदूरी का काम भी नसीब नहीं हो रहा है। पिछले दिनों पीएचडी युवाओं ने सेवादार की नौकरी के लिए आवेदन किये थे जिससे स्पष्ट है कि प्रदेश में बेरोजगारी किस चरमसीमा पर है। नौकरियों के लिए बाहरियों को प्राथमिकता दी जा रही है, प्रदेश के युवाओं को तो इसके लिए मोटी रकम चुकानी पड़ती है!
इनेलो नेता ने बताया कि हरियाणा बेरोजगारी के स्तर पर देश में दूसरे नंबर पर है और प्रदेश में बेरोजगारी की दर 22 प्रतिशत है। देश व प्रदेश में इन हालात को देखते हुए सरकार को डेयरी व पोल्ट्री के उत्पादों पर आयात शुल्क कम करके यदि अमेरिकी कंपनियों को निवेश करने की छूट दे दी गई तो शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के डेयरी और पोल्ट्री के कारोबारियों का तो धंधा ही