चंडीगढ़ 23 जनवरी 2020 : - सत्य, प्रेम एवं एकत्व का संदेश देने के लिए महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नाशिक में आयोजित महाराष्घ्ट्र के 53वें वार्षिक निरंकारी संत समागम का प्रारंभ शुक्रवार, 24 जनवरी, 2020 को संत निरंकारी मिशन की प्रमुख परम पूज्य निरंकारी सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के पावन छत्रछाया में हो रहा है।

इस समागम के उपलक्ष्य में समागम स्थल पर को आयोजित पत्रकार सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मिशन के प्रेस एवं पब्लिसिटी विभाग की मेंबर इंचार्ज श्रीमती राजकुमारी जी ने पिछले 10 सालों से मिशन द्वारा मानवता एवं विश्वबंधुत्व के प्रति किए गए प्रयासों पर रोशनी डाली।
इसके पूर्व उन्होंने प्रेस कॉन्फरैंस का उदघाटन किया। इस अवसर पर उनके साथ उनके दिल्ली और मुंबई के सहयोगी तथा समागम कमेटी के चेअरमन एवं समन्वयक उपस्थित थें। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में संत समागमों की श्रृंखला का आरम्भ 1968 में मुंबई से हुआ और पिछले 52 साल ये समागम मुंबई इलाके में ही आयोजित किए गए । इस वर्ष पहली बार 53वां संत समागम सद्गुरु माता जी की असीम कृपा से मुंबई से दूर नाशिक में आयोजित हो रहा है। श्रीमती राजकुमारी जी ने बताया कि इस समागम में महाराष्ट्र के कोने-कोने से एवं पास के गुजरात राज्य से लाखों की संख्या में निरंकारी श्रद्धालु भक्त शामिल होंगे। इसके अलावा देश के विभिन्न भागों एवं विदेशों से भी काफ़ी संख्या में निरंकारी प्रतिनिधि भाग लेंगे।
इस वर्ष यह संत समागम ‘संत निरंकारी मिशन के 90 वर्ष’ इस विषय को समर्पित किया गया है। वर्ष 1929 में पेशावर (अब पाकिस्तान में) इस मिशन का आरंभ हुआ और आज यह मिशन एक आध्यात्मिक आंदोलन के रुप में सारे संसार में फैला हुआ है । वर्तमान समय में भारतवर्ष में इस मिशन की 3019 ब्रांचे एवं 95 ज़ोन कार्यरत हैं, जबकि विदेशों में करीब 200 ब्रांचे हैं। महाराष्ट्र में मिशन का प्रारंभ 50 के दशक में हुआ और इस प्रदेश में आज मिशन की 473 ब्रांचे एवं 15 ज़ोन बने हुए हैं।

समागम के मुख्य आकर्षण
समागम का आरंभ एक भव्य शोभायात्रा द्वारा होगा जो 24 जनवरी को सुबह 11.00 बजे पेठ रोड पर स्थित राहू हॉटल से शुरु होकर समागम स्थल तक जायेगी । शोभा यात्रा के समापन के बाद सद्गुरु माता जी पंडाल में स्थित मुख्य मंच पर विराजमान होंगे और दोपहर 2.30 बजे ‘मानवता के नाम संदेश’ दे कर संत समागम का विधिवत प्रारंभ करेंगे। सत्संग का कार्यक्रम रात 9.00 बजे तक चलता रहेगा और उसके बाद सद्गुरु माता जी उपस्थित जनसमुदाय को अपने अमृतमयी प्रवचन द्वारा आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
समागम के दूसरे दिन 25 जनवरी सुबह 11.00 से दोपहर 1.00 बजे तक सेवादल रैली होगी जिसमें हजारों की संख्या में सेवादल के बहन-भाई अपनी अपनी वर्दी में शामिल होंगे । सेवादल रैली के बाद दोपहर 2.30 बजे सत्संग कार्यक्रम आरंभ होगा और वह रात 9.00 बजे तक चलता रहेगा । उसके बाद सद्गुरु माता जी का प्रवचन होगा।
समागम के तीसरे दिन 26 जनवरी को दोपहर 2.30 से रात 9.00 बजे तक सत्संग कार्यक्रम होगा जिसमें दोपहर 3.00 ते 5.00 बजे तक एक बहुभाषी कवी संमेलन का आयोजन किया जायेगा जिसमें करीब 20 कवि अपनी कवितायें प्रस्तुत करेंगे।
रात 9.00 बजे के बाद सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के अमृतमयी प्रवचन द्वारा इस संत समागम का समापन होगा।

समागम के विधिवत समापन के बाद सोमवार, 27 जनवरी, 2020 को सुबह 1100 बजे समागम स्थल पर सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की छत्रछाया मे 60 जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित होगा ।

व्यवस्थायें
समागम के लिए बिजली, पानी, जलनि:सारण एवं स्वच्छता, सुगम यातायात तथा स्वास्थ्य एवं अग्निशमन जैसी आवश्यक सेवाओं की समुचित व्यवस्थायें बनाई गई हैं । समागम में पधारने वाले श्रद्धालुओं को समागम स्थल पर लाने के लिए नाशिक शहर के विभिन्न स्थानों से प्रशासन के संबंधित विभागों द्वारा सुरक्षा व्यवस्था के बारे में उचित प्रबंध किए गए हैं। समागम स्थल पर रेल्वे रिज़र्वेशन काऊंटर खोला जा रहा है जिसकी सेवायें 23 से 26 जनवरी, तक उपलब्ध होगी । समागम में आने वाले हर एक श्रद्धालु को भोजन (लंगर) की व्यवस्था की गई है । सत्संग के विशाल पण्डाल के अतिरिक्त समागम कमेटी एवं अन्य कार्यालय बनाये गए हैं। प्रकाशन विभाग द्वारा पांच स्टॉल लगाये गए हैं जिनमें मिशन का साहित्य, फोटोग्राफ, सीडी, डीव्हीडी इत्यादि सामग्री प्राप्त होगी। निरंकारी प्रदर्शनी में मिशन के इतिहास, विचारधारा एवं विभिन्न गतिविधियाँ, जैसे वार्षिक एवं प्रादेशिक समागम, सद्गुरु माताजी की देश, दूर-देशों की कल्याण यात्रायें तथा वर्ष 1929 से पिछले 90 सालों से मिशन द्वारा दिये गए महान योगदान इत्यादि की जानकारी दर्शायी गई है । यह प्रदर्शनी 22 से 27 जनवरी, 2020 तक खुली रहेगी। इसमें बाल प्रदर्शनी का एक अलग हिस्सा होगा।
समाज कल्याण
आध्यात्मिक जागरुकता के साथ साथ मिशन कई रुपों में मानवता की सेवा में आगे आ रहा है। आज मिशन देश की सर्वोच्च रक्तदान करने वाली संस्थाओं में से एक है। मिशन की ओर से देश के विभिन्न भागों में दवाखाने, मोबाईल ॲम्बुलन्स एवं आठ पॅथॉलॉजिकल लॅबरोटरिज धर्मार्थ प्रणाली में चलाई जा रही हैं। चार अस्पताल दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई एवं आग्रा में हैं जबकि दवाखाने पूरे देश में फैले हुए हैं। मिशन की ओर से मोतीबिंदू शस्त्रक्रिया शिविर, स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर, हृदय चिकित्सा शिविर इत्यादि गतिविधियाँ समय समय पर चलाई जा रही हैं। मिशन की ओर दिल्ली एवं देश के अन्य भागों में महाविद्यालय स्कूल चलाये जा रहे हैं । इसके अलावा विधवा एवं जरुरतमंद महिलाओं के लिए शिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र विभिन्न व्यवसाय मार्गदर्शन केंद्र चलाये जा रहे हैं । सरकार की ओर से आयोजित होने वाले स्वच्छता अभियानों में मिशन द्वारा भरपूर सहयोग दिया जाता रहा है । भारत सरकार ने मिशन को ‘स्वच्छ भारत अभियान का ब्रॅण्ड अम्बेसेडर घोषित किया है। संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के माध्यम से मिशन संयुक्त राष्ट्र के शाश्वत विकास ध्येयों की पुर्ति के अनुरुप विभिन्न कार्यक्रम चला रहा है। किसी भी तरह के प्राकृतिक आपदाओं में संत निरंकारी मिशन द्वारा राहत एवं पुनर्वास के कार्यों में मिशन द्वारा पहल की जाती है। पिछले वर्ष 2019 में महाराष्ट्र के कोल्हापूर एवं सांगली जिलों तथा आस पास के इलाके में आये भारी बाढ़ की आपदा के समय मिशन के भक्तों ने सरकारी प्रबंधों के साथ मिल कर अविरत अपनी सेवायें अर्पित की। मुंबई से इन जिलों में बाढ़ पीडितों के लिए सामग्री भेजी गई जिसमें सेनिटेशन, बिछाने, कपडे, किराना, अनाज आदि सामान, के अलावा दवाईयों का समावेश था। ये सारी सामग्री बाढ़ पीडितों को घर घर जाकर बाँटने का कार्य भी मिशन के अनुयायियों द्वारा किया गया। मिशन के अन्य जोनों से भी इस प्रकार की सामग्री उन स्थानों पर भेजी गई।
बाढ़ का पानी निकलने के बाद सांगली एवं कोल्हापूर शहर तथा आस पास के गावों में स्थानीय प्रशासन के समन्वय से मिशन द्वारा स्वच्छता अभियान चलाये गये।