23 आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी

चंडीगढ़, 22 जनवरी- हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 23 आईएएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।

कला एवं संस्कृति मामले और पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभागों की अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव का कार्यभार सौंपा गया है।

परिवहन और कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव सिद्धि नाथ रॉय को शहरी स्थानीय निकाय विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव लगाया गया है।

आबकारी एवं कराधान विभाग के प्रधान सचिव अनुराग रस्तोगी को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा परिवहन विभाग के प्रधान सचिव का कार्यभार सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के प्रधान सचिव वी उमाशंकर को मुख्यमंत्री का अतिरिक्त प्रधान सचिव, हरियाणा किसान कल्याण प्राधिकरण का मुख्य कार्यकारी अधिकारी और और नागरिक संसाधन सूचना विभाग का प्रधान सचिव लगाया गया है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव विभाग के प्रधान सचिव अनुराग अग्रवाल को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक का कार्यभार सौंपा गया है।

सामान्य प्रशासन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों के सचिव और सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विजेंद्र कुमार को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव का कार्यभार सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के प्रोजेक्ट निदेशक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नोडल अधिकारी और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य प्रोजेक्ट निदेशक राकेश गुप्ता को मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी कार्यक्रम के परियोजना निदेशक, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नोडल अधिकारी और कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण तथा रोजगार विभागों का महानिदेशक और सचिव लगाया गया है।

कार्मिक, प्रशिक्षण, सतर्कता और संसदीय मामले विभागों के सचिव प्रशिक्षण निदेशक (पद अनुसार) और सतर्कता विभाग के जांच अधिकारी नितिन कुमार यादव को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा आपूर्ति एवं निपटान विभाग के महानिदेशक का कार्यभार सौंपा गया है।

खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के महानिदेशक और सचिव तथा आपूर्ति एवं निपटान विभाग के महानिदेशक पंकज अग्रवाल को श्रम आयुक्त और श्रम विभाग का सचिव लगाया गया है।

श्रम आयुक्त और श्रम विभाग के सचिव विजय सिंह दहिया को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का महानिदेशक और सचिव लगाया गया है।

आबकारी एवं कराधान आयुक्त और आबकारी एवं कराधान विभाग के सचिव अजीत बालाजी जोशी को उच्चतर शिक्षा विभाग का महानिदेशक और सचिव तथा तकनीकी शिक्षा विभाग का महानिदेशक और सचिव लगाया गया है।

वित्त विभाग के सचिव वजीर सिंह गोयत को अभिलेखागार विभाग का सचिव और महानिदेशक लगाया गया है।

उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक और विशेष सचिव तथा तकनीकी शिक्षा विभाग के महानिदेशक और विशेष सचिव ए श्रीनिवास को हरियाणा डेयरी विकास सहकारी संघ लिमिटेड का प्रबंध निदेशक लगाया गया है।

पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के निदेशक और विशेष सचिव, हरियाणा खादी एवं ग्रामीण उद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यकारी तथा हैफेड के प्रबंध निदेशक शेखर विद्यार्थी को आबकारी एवं कराधान आयुक्त और आबकारी एवं कराधान विभाग का विशेष सचिव लगाया गया है।

अभिलेखागार विभाग के निदेशक और विशेष सचिव संजीव वर्मा को वित्त विभाग का विशेष सचिव लगाया गया है।

फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण फरीदाबाद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनीता यादव को हरियाणा खादी एवं ग्रामीण उद्योग बोर्ड का मुख्य कार्यकारी लगाया गया है।

ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक और विशेष सचिव तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग के विशेष सचिव हरदीप सिंह को पर्यावरण विभाग का निदेशक और विशेष सचिव तथा पशुपालन विभाग का विशेष सचिव लगाया गया है।

भूमि जोत एवं भू-रिकॉर्ड चकबंदी का निदेशक, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग का विशेषाधिकारी (मुख्यालय) एवं विशेष भू-अर्जन अधिकारी तथा विशेष सचिव रमेश चंद्र बिदान को सिरसा का उपायुक्त लगाया गया है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक और विशेष सचिव चंद्रशेखर खरे को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग का निदेशक और विशेष सचिव लगाया गया है।

सिरसा के उपायुक्त अशोक कुमार गर्ग को भूमि जोत एवं भू-रिकॉर्ड चकबंदी का निदेशक, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग का विशेषाधिकारी (मुख्यालय) एवं विशेष भू-अर्जन अधिकारी तथा विशेष सचिव और ग्रामीण विकास विभाग का निदेशक और विशेष सचिव लगाया गया है।

स्मार्ट सिटी फरीदाबाद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गरिमा मित्तल को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण, फरीदाबाद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यभार भी सौंपा गया है।

कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण और रोजगार विभाग के निदेशक और विशेष सचिव प्रभजोत सिंह को स्वास्थ्य विभाग का विशेष सचिव और नेशनल हेल्थ मिशन कम मिशन निदेशक लगाया गया है।

राज्य परिवहन विभाग के निदेशक और अतिरिक्त सचिव वीरेंद्र कुमार दहिया को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त का कार्यभार भी सौंपा गया है।

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2 आईपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी

चंडीगढ़, 22 जनवरी - हरियाणा सरकार ने तुरंत प्रभाव से 2 आईपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण एवं नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री कार्यालय में विशेष अधिकारी (कम्युनिटी पुलिसिंग और आउटरीच) ओमप्रकाश सिंह को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा खेल एवं युवा मामले विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री के एडीसी (टूर) रजनीश गर्ग को उनके वर्तमान कार्यभार के अलावा हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक का कार्यभार सौंपा गया है।

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लोकसभा के अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला ने कहा कि हरियाणा एक ऐसा राज्य है जहां कर्म योग है, ज्ञान योग है और यह अपनी अलग संस्कृति के लिए भी जाना जाता है।

चंडीगढ़, 22 जनवरी- लोकसभा के अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला ने कहा कि हरियाणा एक ऐसा राज्य है जहां कर्म योग है, ज्ञान योग है और यह अपनी अलग संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। विकास की दृष्टि से इसे देश में बहुआयामी विकास का प्रतीक माना गया है। यहां की विधानसभा का भी एक इतिहास रहा है, जनता जिन विधायकों को पांच वर्ष के लिए चुनती है, वे उनकी आशाओं व अपेक्षाओं के रक्षक होते हैं। इसलिए यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेवारी होती है कि वह विधायी कार्यों के संदर्भ में कानून बनाए, नीति निर्धारण कर कार्यपालिका के माध्यम से धन का सही उपयोग हो और खर्च पर नियंत्रण कर अपनी भूमिका निभाए। जनता व सरकार के बीच एक सेतु का कार्य करें।

श्री ओम बिड़ला आज हरियाणा विधानसभा सदन में पहली बार चुनकर आए 44 विधायिकों को विधायिका कार्य प्रणाली समझाने के लिए लोकसभा सचिवालय नई दिल्ली के लोकतंत्र के लिए संसदीय अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान तथा हरियाणा विधानसभा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम (Orientation Programme) के समापन अवसर पर उपस्थित हरियाणा विधानसभा के सदस्यों व सांसदों को सम्बोधित कर रहे थे।

श्री बिड़ला ने कहा कि राज्यों के विधानसभा व विधानमण्डल तथा देश की लोकसभा हमारे लोकतंत्र के मंदिर हैं। एक जनप्रतिनिधि जिन आशाओं व अपेक्षाओं के साथ जनता चुनकर भेजती है उन पर खरा उतरने के लिए विधायी कार्यों को पक्ष और विपक्ष तर्क व वितर्क तथा उपयोगी व सार्थक संवाद के माध्यम से पूरा करता है। जनप्रतिनिधियों को लोकतंत्र के इन मंदिरों का संचालय निर्बाध रूप से चले और इसमें किसी भी प्रकार का व्यावधान न हो। उन्होंने कहा कि पीठासीन अधिकारियों के असीमित अधिकार भी सीमित हों। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों के विधानसभा व विधानमण्डलों के विधायी कार्यों के संचालन एक जैसे हों। इसके लिए नई दिल्ली, देहरादून व लखनऊ में राज्यों की विधानसभाओं के अध्यक्षों व पीठासीन अधिकारियों की तीन-तीन दिवसीय कार्यशालों का आयोजन लोकसभा सचिवालय द्वारा किया जा चुका है।

राज्यों की विधानसभाओं व विधानमण्डलों के निरंतर घट रही सत्रों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए श्री ओम बिड़ला ने कहा कि जनप्रतिनिधि भी इन सत्रों के दौरान चर्चा व सार्थक संवाद को हंगामे की भेंट चढ़ा देते हैं, जो सही नहीं है। यह देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि वे कई देशों का भ्रमण कर चुके हैं, जहां पर सत्र कहीं तो एक वर्ष में 240 दिन, तो कहीं 150 तो कहीं 140 दिन चलते हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में भारत में परिवर्तन करने की आवश्यकता है और हम जनप्रतिनिधि सामूहिक रूप से इस दिशा में प्रयास कर सत्रों की संख्या बढ़ा सकते हैं और पिछले कुछ वर्षों में लोकसभा में ऐसा हुआ भी है।

श्री ओम बिड़ला ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, जो विधानसभा में सदन के नेता भी हैं, विधानसभा के सत्रों की संख्या बढ़ाने के लिए पिछले पांच वर्षों में किये गए प्रयासों की सराहना भी की। जैसा कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अपने सम्बोधन में लोकसभा अध्यक्ष को अवगत करवाया था कि हरियाणा की 10वीं, 11वीं व 12वीं विधानसभा में सत्रों की संख्या कम रही थी, जबकि 12वीं विधानसभा के दौरान सत्रों की संख्या 56 थी जिसे 13वीं विधानसभा में बढ़ाकर 86 तक किया गया और अब उनका लक्ष्य 14वीं विधानसभा के पांच वर्ष के कार्यकाल में सत्रों की संख्या बढ़ाकर 100 तक करने का है।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सदन को इस बात से भी अवगत करवाया था कि हिमाचल प्रदेश की विधानसभा में केवल बजट सत्र की अवधि ही 25 से 28 दिनों तक होती है, जो देश की अन्य विधानसभाओं के लिए एक मिसाल है।

श्री बिड़ला ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सदन में निबार्ध एवं निष्पक्ष चर्चा करनी चाहिए और सदन में जनहित से जुड़े मुद्दों को ही उठाना चाहिए और सत्र की अवधि संचालन में कभी बाधा नहीं डालना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र के प्रति लोग जागरूक हैं तथा इस बात का अनुमान इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पिछली वर्षों में जितने आम चुनाव हुए हैं, उनमें मतदान प्रतिशतता में निरंतर वृद्धि हुई है और जनता के इस विश्वास को हम लोकतंत्र के मंदिरों में कानून बनाकर कार्यपालिका के माध्यम से हम पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य के विधानमण्डल व विधानसभा पूरे राज्य का एक मंच पर चित्रण प्रस्तुत करने का एक माध्यम होते हैं। इसलिए जनप्रतिनिधियों को इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए।

लोकसभा अध्यक्ष ने हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल के उस प्रयास की भी सराहना की है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे अपने आगामी विधानसभा बजट सत्र में बजट पेश करने से पूर्व भी विधायकों से सदन में सुझाव आमंत्रित करेंगे कि वे अपने क्षेत्र में किन विषयों व मुद्दों को बजट में शामिल करवाया चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा विधानसभा देश की ऐसी पहली विधानसभा बन जाएगी, जहां बजट प्रस्तुत करने से पूर्व ही विधायकों से सुझाव आमंत्रित किये हैं। इस नई शुरूआत के लिए श्री बिड़ला ने मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार हरियाणा विधानसभा देश की अन्य विधानसभाओं के लिए एक मॉडल होगी।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को विधानसभा की संसदीय स्थायी समितियों में गंभीरता से भाग लेना चाहिए और इन समितियों के माध्यम से सरकार को भेजी गई सिफारिशों को सम्बंधित विभाग के साथ गंभीरता से उठाकर उसे पूरा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में वे निश्चित रूप से नवनिर्वाचित 44 विधायकों को नया अनुभव प्राप्त हुआ होगा और वे अनुभवी विधायकों के साथ मिलकर इसे और अधिक लाभकारी बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज सदन को बिन बाधित चलाने का संकल्प लेना चाहिए। श्री बिड़ला ने हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद गुप्ता का भी आभार व्यक्त किया कि जिन्होंने लोकसभा सचिवालय से इस दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम को आयोजित करने का अनुरोध किया था।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कार्यक्रम में उपिस्थित होकर अपना प्रेरणादायक सम्बोधन देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला का विशेष आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसभा सर्वोच्च सदन है और आज हमारे लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है कि वहां के अध्यक्ष हमारी विधानसभा में पधारे हैं। इससे पहले वर्ष 1987 में श्री अटल बिहारी वाजपेयी यहां दर्शक दीर्घा में आए थे। उन्होंने कहा कि जब कोई ऐसी महान विभूतियां सदन में उपस्थित होती हैं तो हमारा माथा गर्व से ऊंचा हो जाता है और ऐसी विभूतियों से हमें मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होता है। इस दो दिवसीय कार्यक्रम से भी जनप्रतिनिधियों के विधायी कार्य प्रणाली में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा व विधानसभा का अलग-अलग कार्यप्रणाली होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नई बातें ऐसा कार्यक्रमों से निकलकर आती हैं। मुख्यमंत्री ने लोकसभा अध्यक्ष को इस बात से भी अवगत करवाया कि इस दो दिवसीय कार्यक्रम हरियाणा विधानसभा सदस्यों के लिए हमने दो नये महत्वपूर्ण निर्णय लेने की सहमति दी है। एक तो सदन में प्रस्तुत किये जाने वाला कोई भी बिल हर विधायक के पास ड्राफ्ट बिल के रूप में कम से कम पांच दिन पहले पहुंचे ताकि वह पूरी तैयारी के साथ बिल से सम्बंधित मुद्दा उठा सके। दूसरा, लोकसभा द्वारा हर वर्ष दिए जाने वाले सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार की तर्ज पर हमने अब अपने यहां भी हर वर्ष सर्वश्रेष्ठ विधायक का पुरस्कार देने का निर्णय लिया है। इससे विधायकों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और निष्पक्ष चर्चा में भाग लेने की उनकी रूचि बढ़ेगी। सदन में विधायकों का व्यवहार भी उचित रहेगा और इससे चर्चा के लिए उनका आचार-विचार भी बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि बजट तैयार करने से पहले बजट से जुड़े हितधारक से सुझाव आमंत्रित करने के लिए राज्य में विभिन्न स्थानों पर प्री-बजट की छह बैठकों का आयोजन किया गया और विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने से पहले सदन में विधायकों से चर्चा भी की जाएगी ताकि यदि उनके सुझाव है तो वे उसको बजट में शामिल किया जा सके। उन्होंने कहा कि कुछ योजनाएं ऐसी हैं जो पिछली 25-30 वर्षों से चल रही हैं तथा इनकी सार्थकता भी नहीं है। कुछ पुरानी स्कीमें नई योजनाओं के नाम से चलाई जा रही हैं तथा एक हेड से दूसरे सब-हेड में जा रहा है। उन्होंने बजट में इन सबको ठीक करने के लिए उन्होंने प्री-बजट बैठकें का आयोजन करने व विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने से पूर्व बजट सत्र में ही विधायकों से चर्चा कर सुझाव आमंत्रित करने का निर्णय लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कहा कि विधायकों को विधानसभा की स्थायी समितियों में गंभीरता से भाग लेना चाहिए क्योंकि ऐसी समितियां विधानसभा सदन की तरह एक प्रकार का लघु सदन होता है और यहां पर रखे गए विषयों को सम्बंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा गहनता से लिया जाता है।

मुख्यमंत्री ने श्री बिड़ला को अवगत करवाया कि भविष्य में विधायकों के लिए इसी प्रकार के प्रबोधन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के माध्यम से करवाने का निर्णय लिया है।

विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद गुप्ता ने अपने स्वागतीय भाषण में कहा कि 14वीं विधानसभा के सदस्यों को सम्बोंधन करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला आज यहां हमारे लिए पहुंचे जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने अपना समय देने के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया। श्री ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोकसभा के अधिकारियों द्वारा नियमावली, प्रश्नाकाल, शून्यकाल, बजटीय चर्चा और ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आदि तकनीकी विषयों पर विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि 90 में से 44 विधायक पहली बार चुनकर विधानसभा में आएं हैं और उनके लिए ऐसे कार्यक्रम निश्चित रूप से लाभकारी होंगे तथा उनको आरंभ से सीखने को मिलेगा।

केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री रतन लाल कटारिया ने भी अपने सम्बोधन में कहा कि हरियाणा गठन के 50 वर्षों में लोकसभा सचिवालय द्वारा विधानसभा में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन कभी नहीं हुआ। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि 17वीं लोकसभा के नये सदस्यों को उन्होंने सदन में बोलने का पर्याप्त समय दिया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में शून्यकाल में केवल 20 सदस्यों को ही बोलने की अनुमति होती है। परंतु श्री बिड़ला ने 162 नये सदस्यों को बोलने का समय देकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने उपस्थित विधायकों से अनुरोध कि वे संयुक्त राष्ट्र संघ के निर्धारित सतत विकास कार्यक्रमों के अनुरूप अपने-अपने क्षेत्रों में योजनाएं बनानी चाहिएं।

विपक्ष के नेता श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने अपने सम्बोंधन में कहा कि नवनिर्वाचित 44 विधायकों के लिए यह कार्यक्रम महत्वपूर्ण रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारे सदन चाहे वह लोकसभा हो या विधानसभा, जनतंत्र के प्रहरी होते हैं। तर्क-वितर्क के लिए पक्ष-विपक्ष के अलग मुद्दे होते हैं, परंतु देश हित में कोई बात होती है तो दोनों सदनों को प्रजातंत्र प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक होकर आगे बढऩा चाहिए।

विधानसभा उपाध्यक्ष श्री रणवीर गंगवा ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपना अमूल्य सम्बोधन देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला के साथ-साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल व उप मुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला व नेता प्रतिपक्ष श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा तथा लोकसभा सचिवालय के अधिकारियों का विशेष धन्यवाद भी किया।

इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष व अन्य उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह व शाल भेंटकर सम्मानित किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधानसभा सदस्यों के अलावा सांसद श्री धर्मबीर सिंह, डॉ० अरविन्द शर्मा, श्री बृजेन्द्र सिंह, श्री नायब सिंह सैनी, श्रीमती सुनीता दुग्गल, राज्यसभा सांसद डॉ० डी.पी.वत्स, उतर प्रदेश विधानसभा परिषद के सदस्य श्री संजय लाठर भी उपस्थित थे।

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हरियाणा सरकार ने लोगों को समयबद्ध और परेशानी मुक्त करने के लिए नागरिक केंद्रित सेवाओं की डिलीवरी करने हेतु ई-गवर्नेंस के तहत जो दृढ़ता से प्रयास किए हैं

चंडीगढ़, 22 जनवरी - हरियाणा सरकार ने लोगों को समयबद्ध और परेशानी मुक्त करने के लिए नागरिक केंद्रित सेवाओं की डिलीवरी करने हेतु ई-गवर्नेंस के तहत जो दृढ़ता से प्रयास किए हैं, उन्हें केंद्र सरकार द्वारा मान्यता दी गई है और पुरस्कृत किया गया है। ‘नागरिक-केंद्रित वितरण प्रदान करने में उत्कृष्टता’ की श्रेणी में ‘गोल्ड अवार्ड’ के लिए अंत्योदय सरल परियोजना को चुना गया है।
यह पुरस्कार आगामी 7 फरवरी और 8 फरवरी, 2020 को मुंबई में केन्द्रीय प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग, भारत सरकार (डीएआर एंड पीजी) द्वारा आयोजित किए जाने वाले ई-गवर्नेंस के लिए 23वें राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा, यह हरियाणा के लिए बहुत गर्व की बात है कि राज्य सरकार की ई-गवर्नेंस पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है और उन्हें पुरस्कृत किया गया है।

उन्होंने कहा कि पुरस्कार से उत्साहित राज्य सरकार अब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने के लिए नागरिक-केंद्रित सेवाओं के वितरण हेतु कैशलेस, पेपरलेस और फेसलेस तंत्र लगाने की प्रक्रियाओं को और बेहतर किया जाएगा।
अंत्योदय सरल परियोजना ने न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने, दक्षता में सुधार और सेवाओं की परेशानी से मुक्त वितरण सुनिश्चित करने में मदद की है, बल्कि हरियाणा को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) के क्षेत्र में एक नई पहचान भी दी है।

मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ राकेश गुप्ता ने कहा कि हरियाणा की विशाल आईटी क्षमता ने राज्य को देश में एक प्रमुख साइबर हब के रूप में उभरने में मदद की है। राज्य ने हरियाणा के 2.5 करोड़ लोगों को ई-नागरिक बनाने का लक्ष्य रखा है।
डा0 गुप्ता ने विवरण देते हुए कहा कि फरवरी, 2017 में अंत्योदय सरल परियोजना की परिकल्पना की थी और इसका कार्यान्वयन जुलाई, 2017 में शुरू हुआ था। इसमें राज्य में संपूर्ण सेवा वितरण ढांचे की फिर से कल्पना करना और एक मौलिक व्यवहार परिवर्तन करना शामिल था, जैसाकि सरकार ने किया।

मुख्यमंत्री कार्यालय और आईटी विभाग द्वारा एक मजबूत सहायक भूमिका के साथ हरियाणा के 38 विभागों, सभी जिला प्रशासन और एनआईसी, हरियाणा का एक बड़ा सहयोगी प्रयास रहा है।
अंत्योदय सरल के प्रमुख उद्देश्यों में एक एकीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सभी योजनाओं और सेवाओं को लाना, जिला, उप-मंडल और तहसील स्तर पर अत्याधुनिक नागरिक सेवा वितरण केंद्रों की स्थापना करना, अटल सेवा केंद्र (सीएससी), पर सभी योजनाओं और सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है और यह सुनिश्चित करते हुए कि योजनाएं और सेवाएं राज्य के लोगों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाई जाएं।

सिस्टम द्वारा दर्ज आंकड़ों का विवरण सांझा करते हुए डा0 गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक वर्ष हरियाणा में लगभग 1 करोड़ आवेदन ऑनलाइन प्राप्त होते हैं और अंत्योदय सरल मंच के माध्यम से 70 लाख से अधिक प्राप्त होते हैं। अंत्योदय सरल हेल्पलाइन (1800-2000-023) के माध्यम से हर महीने योजनाओं और सेवाओं के बारे में 1 लाख से अधिक प्रश्नों और शिकायतों का समाधान किया जाता है।

आवेदनों की स्थिति की जानकारी देने के लिए हर महीने नागरिकों को 15 लाख से अधिक एसएमएस भेजे जाते हैं। हर महीने नागरिकों को किए गए फीडबैक कॉल के माध्यम से औसतन विभागों को नागरिक संतुष्टि के लिए 5 में से 4.3 की रेटिंग मिली है।

डा0 गुप्ता ने कहा कि पिछले दो वर्षों में, हरियाणा सरकार ने हरियाणा राइट टू सर्विस एक्ट 2014 के तहत अधिसूचित समय अवधि के भीतर अपने आवेदनों की 88.2 प्रतिशत डिलीवरी की है।
अंत्योदय सरल के लागू होने के बाद प्राप्त आवेदनों में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 2018 के मध्य से 2019 के मध्य तक प्रक्रियाओं या कार्यवाहियों के समय में 16 प्रतिशत की कमी आई है और आने वाले महीनों में और सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।

अंत्योदय सरल सभी राज्यों में स्वीकार्य है क्योंकि पोर्टल एनआईसी, भारत सरकार और एनआईसी हरियाणा द्वारा विकसित किया गया है। डा0 गुप्ता ने कहा कि अंत्योदय सरल मंच पर 38 विभागों की 526 योजनाओं और सेवाओं को लाया गया है।

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हरियाणा विधानसभा के सभा कक्ष में आयोजित ओरियंटेशन प्रोग्राम के पहले दिन के दूसरे सत्र के दौरान कल सायं विधायकों को विधायी एवं बजट प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई।

चंडीगढ़, 22 जनवरी- हरियाणा विधानसभा के सभा कक्ष में आयोजित ओरियंटेशन प्रोग्राम के पहले दिन के दूसरे सत्र के दौरान कल सायं विधायकों को विधायी एवं बजट प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष श्री ज्ञान चंद गुप्ता और नेता प्रतिपक्ष श्री भूपेंद्र सिंह हुड्डïा समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के अधिकांश सदस्य मौजूद थे। इस अवसर पर दर्शक दीर्घा में सांसद श्री धर्मवीर सिंह, श्री बृजेंद्र सिंह और श्री डी.पी. वत्स भी उपस्थित थे।

लोकसभा सचिवालय के निदेशक श्री विनय कुमार मोहन ने विधायकों को विधायी एवं बजट प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत करवाते हुए कोरम, वोटिंग, विधेयक के पुरास्थापन और विधेयक पर चर्चा समेत विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी।

श्री विनय कुमार मोहन ने कहा कि विधायिका का महत्वपूर्ण कार्य कानून बनाना और कानून में संशोधन करना है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो हर सदस्य को कोरम का पता होना चाहिए, क्योंकि कोरम पूरा न होने पर सीटिंग वैध नहीं होगी। किसी विधेयक को सदन में रखे जाने के बाद अध्यक्ष सदस्यों से हाँ या नहीं के बारे में पूछते हैं, उस समय विपक्ष का कोई भी सदस्य मतदान की मांग कर सकता है। उन्होंने कहा कि हर विधेयक में इसके उद्देश्य और कारणों का विवरण होता है। यदि किसी विधेयक में यह विवरण नहीं है तो यह अनियमितता होगी। इसी तरह, हर विधेयक में वित्तीय ज्ञापन भी होगा।

लोकसभा सचिवालय के निदेशक ने कहा कि यदि अध्यक्ष चाहे तो विधेयक को सिलेक्ट कमेटी या ज्वांइट कमेटी को भी भेज सकता है और सिलेक्ट कमेटी कोई संशोधन करती है तो इसे मानना अनिवार्य है।

श्री विनय कुमार मोहन ने विधायकों को बजट प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि वित्त मंत्री बजट पेश करते हैं और कर प्रस्ताव रखते हैं। बजट जिस दिन पेश किया जाता है, उस दिन इस पर चर्चा नहीं होती। खर्चा अधिक होने पर या बजट के समय प्रावधान न होने पर अनुपूरक मांग भी रखी जा सकती है। सभी मांगें रखने, चर्चा होने और पारित होने के बाद एप्रोप्रियेशन बिल लाया जाता है । अंतत: वित्त विधेयक के पारित होते ही बजट प्रक्रिया सम्पन्न हो जाती है।

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हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 24 जनवरी, 2020 को पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के तहत एक राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

चंडीगढ़, 22 जनवरी- हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर 24 जनवरी, 2020 को पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के तहत एक राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि महिला और बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती कमलेश ढांडा इस अवसर पर मुख्य अतिथि होंगी।

उन्होंने बताया कि इस अवसर पर लड़कियों के लिए 6-10 वर्ष, 11-14 वर्ष और 15-18 वर्ष के आयु वर्ग में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर की एथलेटिक प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। इन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली विजेता बालिकाओं को क्रमश: 5100 रुपये, 2100 रुपये और 1100 रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर महिलाओं के लिए ‘बढ़ाओ कदम बेटियों के नाम’ वॉकाथान भी आयोजित की जाएगी।

प्रवक्ता ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कैलेंडर, मासिक धर्म स्वच्छता पर प्रशिक्षण मॉड्यूल और महिला केन्द्रित योजना कैलेंडर भी जारी किया जाएगा।

इसके अलावा, महिला और बाल विकास विभाग द्वारा 24 से 30 जनवरी, 2020 तक राष्ट्रीय बालिका सप्ताह भी मनाया जाएगा। सप्ताह के दौरान, राज्य भर में जिला, ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ हस्ताक्षर अभियान, पौधारोपण, स्लोग्न लिखने, पेंटिंग प्रतियोगिता और महिलाओं के अधिकारों पर जागरूकता अभियान और बालिका सुरक्षा के लिए सामूहिक शपथ ग्रहण जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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हरियाणा के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के परिसरों को ड्रग-फ्री बनाने के लिए आज हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद द्वारा आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया

चंडीगढ़,22 जनवरी- हरियाणा के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के परिसरों को ड्रग-फ्री बनाने के लिए आज हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद द्वारा आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान ड्रग्स, शराब और अन्य मादक द्रव्यों के सेवन पर रोक लगाने के लिए उच्चतर शिक्षा की भूमिका के महत्व पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बी.के. कुठियाला ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के परिसरों को नशा मुक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें ड्रग्स के खिलाफ छात्रों में जागरूकता पैदा करने और बड़े पैमाने पर किसी व्यक्ति और समाज पर ड्रग्स एवं नशीले पदार्थ के कारण होने वाले बुरे प्रभावों को दूर करने की दिशा में स्थायी प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य के युवाओं को कैरियर उन्मुख और बेहतर नागरिक बनाया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि हरियाणा में उच्चतर शिक्षा परिषद प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ड्रग की समस्या को दूर करने की योजना पर काम कर रही है। यह योजना विश्वविद्यालयों के कुलपति, कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों एवं छात्रों सहित सभी हितधारकों के परामर्श से विकसित की जा रही है।

आर्ट ऑफ लिविंग कार्यक्रम के निदेशक श्री राजेश जगसिया ने समाज में ड्रग्स के खिलाफ आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा दिए गए योगदान पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने एलईएपी- लीड, एक्सेल और प्रगति कार्यक्रम भी पेश किया, जिसे राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लागू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ध्यान और सुदर्शन क्रिया एक व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में बहुत सहायक होती है। इससे विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक रूप से इतना शक्तिशाली बनया सकता है कि वे ड्रग्स का शिकार न हों।

उन्होंने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के हॉस्टल वार्डनों के लिए विशेष पाठ्यक्रम भी डिजाइन किया जा सकता है, जिसमें उन्हें विद्यार्थियों की मनोवैज्ञानिक जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित किया जा सकता है और हॉस्टल में ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता पैदा करने के लिए भी प्रशिक्षित किया जा सकता है। सम्मेलन में यह भी सुझाव दिया गया कि विद्यार्थियों को उन कानूनों के बारे में जागरूक किया जा सकता है जिनके तहत ड्रग लेने या उनके पास पाए जाने पर कानूनी और पुलिस कार्रवाई की जा सकती है।

सम्मेलन में गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार के कुलपति प्रो. टंकेश्वर, महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्याल, कैथल के कुलपति डॉ.श्रेयांस द्विवेदी, बी.आर. अंबेडकर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सोनीपत के कुलपति प्रो. विनय कपूर मेहरा और हरियाणा के राजकीय व राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों तथा उच्चतर व तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि शामिल थे। सम्मेलन में विचार-विमर्श के बाद एक कार्य योजना भी तैयार की गई जिसकी सिफारिशों व रणनीति को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद द्वारा हरियाणा सरकार को सौंपा जाएगा।

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हरियाणा पुलिस ने ड्रग-माफिया पर शिकंजा कसते हुए सिरसा जिले से पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 20 लाख रुपये की 6 किलोग्राम 500 ग्राम अफीम जब्त की है। पुलिस ने 1 लाख 68 हजार रूपये की नगदी व दो कारों को भी जब्त किया है

चंडीगढ़, 22 जनवरी- हरियाणा पुलिस ने ड्रग-माफिया पर शिकंजा कसते हुए सिरसा जिले से पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 20 लाख रुपये की 6 किलोग्राम 500 ग्राम अफीम जब्त की है। पुलिस ने 1 लाख 68 हजार रूपये की नगदी व दो कारों को भी जब्त किया है।

हरियाणा पुलिस के प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की टीम को ओढा थाना क्षेत्र में नियमित गश्त के दौरान एक गुप्त सूचना मिली कि कुछ लोग राजस्थान से लाई गई अफीम की बड़ी खेप किसी को सप्लाई करने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत रेड कर पांचों को 6 किलोग्राम 500 ग्राम अफीम और 1.68 लाख रुपये सहित गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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जिला सिरसा में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए सीआईए डबवाली पुलिस टीम ने गश्त व चैकिंग के दौरान उधम सिंह चौक ऐलनाबाद क्षेत्र से दो युवकों को 38 ग्राम हेरोइन के साथ काबू किया है।

चंडीगढ़, 22 जनवरी- जिला सिरसा में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए सीआईए डबवाली पुलिस टीम ने गश्त व चैकिंग के दौरान उधम सिंह चौक ऐलनाबाद क्षेत्र से दो युवकों को 38 ग्राम हेरोइन के साथ काबू किया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रवक्ता ने बताया की पकड़े गए युवकों से सप्लायर के बारे में नाम पता मालूम कर तीन लोगों के खिलाफ थाना ऐलनाबाद में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज कर सप्लायर की तलाश शुरु कर दी है।

उन्होने बताया की सीआईए डबवाली पुलिस टीम के सहायक उप निरीक्षक जागर सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गश्त व चैकिंग के दौरान उधम सिंह चौक ऐलनाबाद क्षेत्र में मौजूद थी ।

इसी दौरान सामने से आ रहे दोनों युवकों ने पुलिस पार्टी को देखकर वापिस मुडक़र भागने की कोशिश की तो शक के बिनाह पर उक्त दोनो युवकों को काबू कर उनकी तलाशी लेने पर उनके कब्जा से 38 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पकड़े गए युवकों को अदालत में पेश कर रिमांड़ पर लिया जाएगा और रिमांड़ अवधि के दौरान हेरोइन तस्करी के इस नेटवर्क के अन्य लोगो के बारे में नाम पता मालूम कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी ।