बहादुरगढ, 19 जनवरी। इंडियन नेशनल लोकदल के वरिष्ठ नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि आज हरियाणा में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चोपट हो चुकी है और युवा पीढी नशे की गर्त में जा रही है। यहीं नहीं किसानों को गन्ने की फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है और धान घोटाले को लेकर भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। यह विचार आज उन्होंने इंडियन नेशनल लोकदल प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में आज बहादुरगढ में कहे।
अभय चौटाला ने कहा कि प्रदेश में आज कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमर्रा गई है। आए दिन लूट, डकैती, बलात्कार, हत्या जैसी वारदातें हो रही है। जिससे आम व्यक्ति स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा है। लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। वर्ष 2019 में हरियाणा स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के आंकडों के अनुसार प्रदेश में 1066 हत्याएं, 1653 बलात्कार, 3513 अपहरण, 18644 महिलाओं के विरुद्ध अपराध व 3828 बच्चों के विरुद्ध आपराधिक वारदातें हुई है। आज प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर स्थिति इतनी चिंताजनक हो गई है कोई भी स्वयं को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब से ज्यादा नशे का करोबार हरियाणा में हो रहा है। युवा पीढी नशे की आदी हो चुकी है। वर्ष 2019 में नशाखोरी के अपराधों में काफी बढोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में आने वाले नशीले पद्रार्थों में शाक्तिशाली और सरकार के द्वारा संरक्षण प्राप्त लोगों की संलिप्तता बताई जाती है। उन्होंने कहा कि आज किसानों को गन्ने की फसल का उचित दाम नहीं मिल रहा है। प्रदेश के गन्ना उत्पादक गन्ने के रेट बढाने की मांग को लेकर धरने प्रदर्शन कर रहे है। लेकिन सरकार इस बारे में चुप्पी साधे हुए है। एक तरफ सरकार किसानों की आय को दुगना कराने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ उनकी फसलों के दाम ना बढा कर उनके साथ अन्याय कर रही है। आज गन्ने की खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बन गई है। हरियाणा का किसान आज उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में औने पौने दामों पर अपनी फसल बेचने को मजबूर है।
चौटाला ने कहा कि धान घोटाले को भी कई बार इनेलो द्वारा उठाया जा चुका है। जिसके लिए मुख्यमंत्री ने एक कमेटी का गठन भी किया था। जिसमें उनको भी शामिल किया गया था। जिसके बाद उन्होंने अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र व शाहबाद की मंडियों में दौरा भी किया। जिसमें पाया गया कि नमी के नाम पर किसानों की फसलों के दामों में भारी कटौती बरती जा रही है। किसानों को 150 रुपये से 200 रुपये प्रति क्विंटल की मार झेलनी पड रही है। जब इसकी रिपोर्ट दी गई तो सरकार मिलो के स्टॉक की जांच कराने लग गई। इसकी सीबीआई जांच की मांग भी इनेलो लगातार कर रही है।
उन्होंने कहा कि इसका निंदा प्रस्ताव सरकार को सौंपा गया है अगर 15 फरवरी तक सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो इनेलो आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र के बाद इनेलो एसवाईएल का मुद्दा भी दोबारा से उठाएगी।
इस अवसर पर इनेलो प्रदेश अध्यक्ष नफे ङ्क्षसह राठी ने कहा कि पार्टी मजबूत है और सत्ता तो आती जाती रहती है। इसलिए जिस प्रकार ताऊ देवीलाल व चौ.ओमप्रकाश चौटाला ने संघर्ष किया उसी प्रकार काम करने की आवश्यकता है। इसलिए गांव गांव जाकर लोगों से संपर्क करना होगा। उन्होंने कहा कि 3 फरवरी तक सभी अपनी अपनी जिला, हलका व विभिन्न प्रकोष्ठों की कार्यकारिणी का गठन कर ले ताकि आगे की रणनीति तैयार की जा सके। इस मौके पर पूर्व विधायक रामफल कुंडु, रेखा राणा, बलवंत मायना, आर एस चौधरी, आर एस खरब, सतबीर सैनी, सरदार नक्षत्र सिंह के अलावा सभी जिलों के अध्यक्ष, जिलों के सभी प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, सभी जिला के हलका अध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।
जेजेपी छोड ये हुए इनेलो में शामिल :-
जींद जिले के व्यापार सेल के हलका अध्यक्ष शिबू जिंदल, कोषाध्यक्ष शहरी दीपक गर्ग, रजनील सिंगला, व्यापार प्रकोष्ठ सचिव अनिल जैन आदि बिजेंद्र रेढू, सुखविंदर रेढू के प्रयास से चौ.अभय सिंह चौटाला के नेतृत्व में जेजेपी छोड कर इनेलो में शामिल हुए।