DHARMSHALA,15.01.20-‘‘बेटी है अनमोल योजना’’ प्र्रदेश की एक महत्वकांक्षी योजना है। ‘‘बेटी है अनमोल योजना’’ के तहत कांगड़ा जिला में अप्रैल, 2017 से 31 दिसम्बर, 2019 तक 1677 बेटियों को लाभान्वित किया जा चुका है। योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को भी 10 हजार से बढाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। ‘‘बेटी है अनमोल योजना’’ के लिए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों में जन्मी अधिकतम 2 बालिकाओं पर उनके माता पिता इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
योजना के तहत सरकार बीपीएल परिवारों में जन्मी बच्चियों के नाम पर डाकघर में 12 हजार रुपए की एफडी करवाने के अलावा लड़कियों को पढ़ाई के लिए छात्रवृति भी प्रदान करती है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाआंे के प्र्रति सकारात्मक दृष्टिकोण पैदा करना, बालिका जन्म व बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करना, बाल विवाह को रोकना तथा लड़कियों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है।
‘‘बेटी है अनमोल योजना’’ के तहत बेटी की शिक्षा के दौरान पहली से तीसरी तक 450, चौथी कक्षा में 750, पांचवीं मे 900, छठी से सांतवीं कक्षा के लिए 1050 रुपये, नवीं व दसवीं कक्षा के लिए 1500, ग्यारवीं तथा बाहरवीं कक्षा के लिए 2250 रुपये जबकि स्नातक स्तर की कक्षा में पढ़ाई के लिए पांच हजार रूपये वार्षिक दर से छात्रवृति प्रदान की जा रही है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी रणजीत सिंह बताते हैं कि जिला कांगड़ा में अप्रैल, 2017 से दिसम्बर, 2019 तक 1677 बेटियों को लाभान्वित किया जा चुका है। जबकि 11780 लड़कियों को इस अवधि के दौरान छात्रवृति प्रदान की जा रही है। इसके अलावा प्रोत्साहन राशि को भी अब प्रदेश सरकार ने 12 हजार रूपये कर दिया है।
योजना का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए। प्रार्थी का परिवार गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की सूची में चिन्हित होना चाहिए। 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पहले लाभान्वित बेटी का विवाह नहीं होना चाहिए। लाभार्थी के पास आधार कार्ड, बैंक खाता, आय, आयु प्रमाण पत्र तथा बीपीएल कार्ड होना अनिवार्य है।
इसके लिए निर्धारित प्रपत्र पर अपना आवेदन बाल विकास परियोजना अधिकारी को जमा करवाएं। इससे सम्बन्धित जानकारी लोक मित्र केन्द्र से भी प्राप्त की जा सकती है। इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन फार्म भर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन फार्म भरने से पहले लाभार्थी को बैवसाइट पर पंजीकरण करवाना होगा। ऑनलाइन आवदेन फार्म विभागीय वेबसाइट मकपेजतपबजण्ीचण्हवअण्पद पर भर सकते हैं।
योजना की अधिक जानकारी के लिए संबन्धित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाईजर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अथवा बाल विकास परियोजना अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं।
क्या कहते हैं जिलाधीश
जिलाधीश कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति का कहना है कि समावेशी समाज के निर्माण में बच्चों का शारीरिक एवं बौद्धिक विकास आवश्यक है। इन सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में लैंगिक असंतुलन को दूर करने, लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सभी जिलावासियों विशेषकर महिलाओं एवं बच्चियों तक सरकार की सभी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं।

जारीकर्ता
(सुभाष चन्द कटोच)
सहायक लोक सम्पर्क अधिकारी,
कांगड़ा स्थित धर्मशाला।