गुरुग्राम,13.01.20-भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिक ने दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष दिनेश मोहनिया द्वारा हरियाणा की ओर से नई दिल्ली में दूषित पानी की आपूर्ति करने वाले बयान को झूठा और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल हरियाणा सरकार की छवि को खराब करने और नई दिल्ली में आगामी चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक लाभ लेने का एक प्रयास है।
इसको लेकर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रमन मलिक ने कहा कि जल बोर्ड को इस तरह के बयान जारी करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पहले भी जनवरी 2018 और 2019 के महीने में, बोर्ड द्वारा इसी तरह के आरोप लगाए गए हैं, जो बेबुनियाद पाए गए। उन्होंने कहा कि जिस समय सोनीपत से यमुना दिल्ली में प्रवेश करती है और उसके उपरांत ओखला बैराज से फरीदाबाद की तरफ जाती है। उस समय इन दोनों जगह का अगर प्रदूषण का आकलन किया जाए तो यह पाया जाएगा कि दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली का पॉल्यूशन बोर्ड इस तरफ कुछ भी काम नहीं कर पाया और हर दक्षिणी हरियाणा और ब्रज क्षेत्र को यमुना का दूषित पानी मिलता है और वह खेती के लिए भी हानिकारक होता है। जिस पर दिल्ली में बैठी धूत श्रेष्ठ की सरकार कुछ नहीं करती।
प्रदूषण के कारण जो हानि हो रही है और उसके साथ साथ जो इस प्रदूषित पानी की वजह से खेती में रसायन घोल रहे हैं। उसके लिए दिल्ली सरकार क्या योजना बना रही है जिससे वह हरियाणा और यूपी के किसानों को इस खामियाजा के एवज में मुआवजा दें।
दिल्ली जल बोर्ड जो कि दिल्ली के जल और सैनिटेशन डिपार्टमेंट को देखता है, वह मुख्यमंत्री केजरीवाल के पास हैं, जिन्होंने बड़े डरते हुए इस काम से एक ही विभाग अपने पास रखा था। तीन साल मुख्यमंत्री बनने के बाद तो क्या इसको केजरीवाल की नाकामी नहीं लेंगे। 2015 में चुनावों के बीच उन्होंने खुला ऐलान किया था कि तीन साल में यमुना को प्रदूषण मुक्त करेंगे। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने खुली चुनौती दी कि केजरीवाल बताएं कि उन्होंने दिल्ली में यमुना में जाने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए और यमुना को स्वच्छ करने के लिए कितना पैसा लगाया और क्या कारगर कदम उठाए उससे कितना फर्क पड़ा। चुनाव आते ही यह गीत राजनीति करने वाले पाखंडी अपनी निंद्रा के बस्ती को छोड़ दोषारोपण की राजनीति में विलीन हो जाते हैं।