चंडीगढ ,(सुनीता शास्त्री) 13.01.20-। पीजीआई सहित रीजन के 100 के लगभग फिजिशियन ने रविवार को हयात होटल में ओजस अस्पताल, पंचकूला के ज्योतिर्गमय एकेडमिक फाउंडेशन द्वारा आयोजित ऑरल एंटी-प्लेटलेट थेरेपी कॉन्फ्रेंस में भाग लिया।कॉन्फ्रेंस की शुरुआत हृदय रोगों में एस्पिरिन की भूमिका पर एक इंटरैक्टिव सेशॅन के साथ हुई । ज्योतिर्गमय एकेडमिक फाउंडेशन के चेयरपर्सन डॉ अनुराग शर्मा ने कहा कि हृदय रोग के लिए कोई जोखिम कारक नहीं रखने वाले रोगियों को एस्पिरिन नहीं दी जानी चाहिए। डॉ अनुराग जो ओजस अस्पताल में डायरेक्टर कार्डियोलॉजी भी हैं, ने कहा कि यह केवल उन रोगियों में रेकॅमेन्ड किया जाना चाहिए जिन्हें दिल का दौरा की हिस्ट्री है व बाईपास सर्जरी, एंजियोप्लास्टी व स्टेंटिंग के बाद।पीजीआई से प्रो राजेश विजयवर्गीय, जीएमसीएच-32 से जीत राम , फोर्टिस से डॉ आरके जसवाल और पारस अस्पताल के डॉ एचके बाली ने एंटी-प्लेटलेट दवाओं की चुनौतियों और लाभों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि थेरेपी को ब्लीडिंग रिस्क, थ्रोम्बोसिस रिस्क, जोखिम कारकों की उपस्थिति, आयु, वजन और मधुमेह की स्थिति के आधार पर व्यक्तिगत किया जाना है।डॉ पुनीत के वर्मा डायरेक्टर कार्डियोलॉजी ऐस हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट मोहाली के एक नए एंटी-प्लेटलेट ड्रग टिकाग्रेलर की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए जोर दिया कि रोगियों के लिए दवाओं का चयन करने से पहले थ्रोम्बोटिक रिस्क और ब्लीडिंग रिस्क को ठीक से माप, निगरानी और संतुलित किया जाना चाहिए।डॉ सुधीर सक्सेना डायरेक्टर कार्डियोलॉजी मैक्स अस्पताल मोहाली ने उन रोगियों जिनके एंजियोप्लास्टी हुए हैं और जिन रोगियों में थ्रोम्बोकोटिक रिस्क और हाइ ब्लीडिंग रिस्क है, में पोटॅन्ट एंटी-प्लेटलेट ड्रग प्रासुग्रेल की भूमिका की व्याख्या की ।डॉ अरुण चोपड़ा डायरेक्टर कार्डियोलॉजी फोर्टिस एस्कॉट्र्स अस्पताल ने पुराना वॉरहोर्स क्लोपिडोग्रेल की भूमिका के बारे में बात की जो अभी भी कोरोनरी धमनी रोगों , स्थिर एनजाइना और एंजियोप्लास्टी के एक साल बाद और बाईपास सर्जरी के लिए पसंद का ड्रग है। यह अभी भी सबसे सस्ता और आसानी से उपलब्ध है।
==================================
राष्ट्रीय युवक दिवस-
भयमुक्त होकर युवकों को पूरी लगन से कार्य को करना चाहिए: सुरिन्द्रवर्मा
चंडीगढ ,सुनीता शास्त्री। विश्व प्रसिद्ध स्वामी विवेकानन्द का जन्म दिन 12 जन्वरी 1863 को कोलकाता में हुआ था। स्वमी विवेकानन्द प्रारम्भिक नाम नरेंद्रनाथ दत्त था। कम उम्र में ही योग की दीक्षा लेने के बाद उन्का नाम स्वामी विवेका नन्द पड़ा। आज उनके जन्म दिवस को राष्ट्रीय युवक दिवस के रूप में देश भर में मनाया जाता हेै। इसी उपलक्ष्य में चंडीगढ़ प्रेसक्लब में राष्ट्रीय युवक दिवस पंजाब चंडीगढ़ के राष्ट्रीय युवक अध्यक्ष सुरिन्द्रवर्मा के नेतृत्व में स्वामी विवेकानन्द को पुष्प अर्पित कर मनाया गया। इस छोटे से समारोह में नगर के प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया।इस अवसर पर सुरिन्द्रवर्मा ने कहा कि कि भयमुक्त होकर युवकों को पूरी लगन से कार्य को करना चाहिए । स्वयं कम को कमजोर समझाना पतन का कारण होता है । इस अवसर पर गुजरात अहमदाबाद से आई सहनाज मलेक ने कहा कि विवेका नन्द का कहना था कि उठो जागो ,तब तक कार्य करो जब तक लक्ष्य न मिल जाये । दस अवसर पर श्रीमति बीना ने कन्या भू्रएा हत्या पर मार्मिक कविता पाठन किया ।