SOLAN,11.01.20- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा सहकारिता मंत्री डाॅ. राजीव सैजल ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम मानवीय संवेदनाआंे का ऐतिहासिक दस्तावेज है और इस महत्वपूर्ण संशोधन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह बधाई के पात्र हंै। डाॅ. सैजल आज कसौली विधानसभा क्षेत्र के कुम्हारहट्टी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विषय में जन जागरूकता अभियान के तहत पार्टी पदाधिकारियों, सदस्यों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं अन्य को सम्बोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में 600 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
डाॅ. सैजल ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरूद्ध विपक्ष समाज में भ्रम फैलाकर क्षुद्र स्वार्थों की राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम नागरिकता देने के लिए है ना कि देश में रह रहे नागरिकों की नागरिकता छीनने के लिए। इस विषय में लोगों को जागरूक किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 में भारत के प्रधानमंत्री स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री लियाकत अली खान के मध्य एक समझौता हुआ था। इस समझौते के अनुसार दोनों देशों को अपने यहां रहने वाले अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करनी थी। भारत जहां इस समझौते पर पूरी तरह कायम रहा वहीं पाकिस्तान ने इस समझौते को पूरी तरह छिन्न-भिन्न कर दिया। इसी का परिणाम है कि आज पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या 23 प्रतिशत से घटकर मात्र 3 प्रतिशत रह गई है। यही स्थिति अफगानिस्तान और बांग्लादेश की भी है।
डाॅ. सैजल ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून की सहायता से पाकिस्तान अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण विस्थापित हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध ,पारसी और ईसाई धर्म के उन लोगों को नागरिकता प्रदान की जाएगी जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 से पूर्व भारत में प्रवेश कर लिया था। भारत सरकार ने यह निर्णय अपनी वैश्विक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए और उन अल्पसंख्यकों के हित में लिया है जिन्हें पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में उत्पीड़न के कारण लगातार परेशानियां झेलनी पड़ रही हंै। उन्होंने कहा कि पूरा विश्व जानता है कि इन मुस्लिम बहुल देशों में कैसे हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध ,पारसी और ईसाई धर्म के लोगों का मानसिक एवं शारीरिक एवं मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस ने पुनः ऐतिहासिक गलती की है। कांग्रेस ने सिद्ध कर दिया है कि वह केवल वोट लेने के लिए गांधीजी के नाम का प्रयोग करती है जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस का गांधी जी के वचन, भावना और दर्शन से कोई संबंध नहीं है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने वर्ष 1947 में सरेआम कहा था कि कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख हर नज़रिए से भारत आ सकते हैं, अगर वे वहां निवास नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम का विरोध कर कांग्रेस मानव अधिकारों को कुचलने का कार्य कर रही है।
उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे लोगों को नागरिकता संशोधन अधिनियम की वास्तविकता से रू-ब-रू करवाएं। लोगों को बताएं कि यह अधिनियम देश के किसी भी नागरिक के विरुद्ध नहीं है। यह अधिनियम तो उन पीड़ितों को नागरिकता प्रदान करेगा जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में अल्पसंख्यक हैं।
उन्होंने कहा कि 12 जनवरी 2020 को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर कसौली विधानसभा क्षेत्र के सभी 103 बूथों पर नागरिकता संशोधन अधिनियम के विषय में लोगों को जागरूक करने और सच्चाई से अवगत करवाने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
इस अवसर पर बूथ स्तर पर भाजपा को और मज़बूत करने तथा सदस्यता अभियान को गति प्रदान करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
भाजपा मंडल कसौली के अध्यक्ष कपूर सिंह वर्मा तथा ग्राम पंचायत गुल्हाड़ी के प्रधान एवं क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के सदस्य मदन मोहन मेहता ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखें।
एपीएमसी सोलन के अध्यक्ष संजीव कश्यप, भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुंदरम ठाकुर, जिला भाजपा महामंत्री अमर सिंह परिहार, प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य तीरथ राम ठाकुर, राजकुमार सिंगला, रामेश्वर शर्मा, महामन्त्री विनोद कुमार मारवाह, किशोरी लाला, जिला भाजपा सचिव संजय ठाकुर, खलोगड़ा सहकारी समिति के अध्यक्ष यशपाल ठाकुर, ग्राम पंचायत जाबली के प्रधान दुनी चंद धीमान सहित कसौली विधानसभा क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान उप प्रधान अन्य सदस्य कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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